Aircraft Crash : जान बचाने वालों को पायलट ने कहा, बहुत बहादुर हैं आप लोग
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान के दोनों पायलट जलकुंभ के भरे तालाब में फंस गये। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी लाल साहब निषाद, अजीत यादव व पंकज सोनकर ने अपनी जांन की परवाह किये बगैर तालाब में कूदकर दोनों पायलट को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला।
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इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान के दोनों पायलट जलकुंभ के भरे तालाब में फंस गये। इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी लाल साहब निषाद, अजीत यादव व पंकज सोनकर ने अपनी जांन की परवाह किये बगैर तालाब में कूदकर दोनों पायलट को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला। वहीं जब दोनों पायलट को तालाब से तीनों युवक निकाल रहे, उस वक्त हर तरफ भारत मां की जय के नारे लग रहे थे। वहीं तालाब से सुरक्षित बाहर आने के बाद दोनों पायलट ने तीनों युवकों को कहा कि आप लोग बहुत बहादुर हैं। भारत माता की जय...।
झोपड़े में रहते हैं पंकज
स्थानीय निवासी पंकज बेहद गरीब हैं। उनकी मां सरला व अन्य दो बड़े भाई सुदीप और संदीप एक झोपड़े में रहते हैं। जिसमें मंझले भाई सुदीप की तबियत हमेशा खराब रहती है और बड़ा भाई किताब को प्रिंट करने का काम करता है। मां दूसरों के घरों में बर्तन-चौका करती है। पंकज के पिता की मौत काफी पहले हो चुकी है और वह बकरी चराने काम करते हैं। वहीं दोनों पायलट को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पंकज ने कहा कि दोनों देश के जवान हैं। जिन्हें बचाना हमारा कर्तव्य है। जय जवान, जय किसान।
दोनों तालाब में फंसे हाथ हिला रहे थे
स्थानीय निवासी अजीत यादव पेशे से वाटर प्रूफिंग का काम करते हैं। परिवार में मां आशा और दो बड़े भाई राहुल और रोहित हैं। पिता बसंत लाल यादव की मौत काफी पहले हो चुकी है। जब विमान लैंड हुआ, तो अजीत अपने घर की छत पर मौजूद थे। ऐसे में वह भागकर तालाब के किनारे पहुंचे। जहां पर उन्होंने देखा कि दो लोग पैराशूट से तालाब में उतरे और हाथ हिलाकर बचाने के लिए कह रहे हैं। जिसके बाद अजीत यादव ने बिना देर किये, तालाब में छलांग लगा दी। अजीत का कहना है कि उन्हें सिर्फ दोनों को तालाब से बाहर निकालने के सिवाय और कुछ याद नहीं है।