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प्रदेश भर में शुरू हुई फर्जीवाड़े की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 29 Jan 2015 11:25 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा करके मनमाने तरीके से अपने लोगों को परीक्षा पास कराने के लिए उनका एक से अधिक विद्यालयों से फार्म भरवाने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रदेश भर में जांच शुरू हो गई है। यूपी बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों से एक से अधिक विद्यालयों से ऑनलाइन पंजीकरण करने के मामलों की जांच करने को कहा है।
शिक्षा माफिया एवं स्कूल वालों के गठजोड़ से दूसरे राज्यों सहित अपने चहेतों को बोर्ड परीक्षा पास कराने के लिए उनका एक से अधिक विद्यालयों से पंजीकरण करवा लिया था। बोर्ड की ओर से प्रवेशपत्र जारी करने के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद मामला सामने आया। अमर उजाला की ओर से मामले को उठाने के बाद इलाहाबाद में जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से 251 विद्यालयों को नोटिस भेजा गया है। इसके बाद बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड ने भी सभी क्षेत्रीय सचिवों से फर्जीवाड़े की जांच करने को कहा है।
पता चला है कि शिक्षा माफिया छात्रों को नकल की सुविधा वाले केन्द्रों की व्यवस्था करने के साथ उनके रहने और खाने की भी व्यवस्था करते हैं। शिक्षा माफिया की इस हरकत के बाद अब बोर्ड की ओर से इन आवेदन पत्रों की जांच करके बाहरी परीक्षार्थियों का अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा। यूपी बोर्ड के अपर सचिव का कहना है कि बोर्ड की ओर से सभी क्षेत्रीय सचिवों से एक से अधिक आवेदन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ जांच को कहा गया है।
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शिक्षा माफिया एवं स्कूल वालों के गठजोड़ से दूसरे राज्यों सहित अपने चहेतों को बोर्ड परीक्षा पास कराने के लिए उनका एक से अधिक विद्यालयों से पंजीकरण करवा लिया था। बोर्ड की ओर से प्रवेशपत्र जारी करने के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद मामला सामने आया। अमर उजाला की ओर से मामले को उठाने के बाद इलाहाबाद में जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से 251 विद्यालयों को नोटिस भेजा गया है। इसके बाद बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड ने भी सभी क्षेत्रीय सचिवों से फर्जीवाड़े की जांच करने को कहा है।
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पता चला है कि शिक्षा माफिया छात्रों को नकल की सुविधा वाले केन्द्रों की व्यवस्था करने के साथ उनके रहने और खाने की भी व्यवस्था करते हैं। शिक्षा माफिया की इस हरकत के बाद अब बोर्ड की ओर से इन आवेदन पत्रों की जांच करके बाहरी परीक्षार्थियों का अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा। यूपी बोर्ड के अपर सचिव का कहना है कि बोर्ड की ओर से सभी क्षेत्रीय सचिवों से एक से अधिक आवेदन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ जांच को कहा गया है।
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