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यूपी बोर्ड मुख्यालय से परिणाम न जारी करने पर भड़के एमएलसी, योगी सरकार पर लगाए आरोप
Fri, 26 Jun 2020 09:02 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Jun 2020 09:02 PM IST
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- फोटो : Social Media
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शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने यूपी बोर्ड मुख्यालय से परिणाम जारी नहीं जारी करने के सरकार के निर्णय का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार मनमानी पर उतारू है, वह अधिकारियों के सभी अधिकार अपने हाथ में लेकर पूरी व्यवस्था का पंगु बनाने का काम कर रही है।
प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार प्रयागराज के महत्व को कम करने पर लगी है। जिले से कई प्रमुख कार्यालयों को लखनऊ ले जाने के बाद अब यूपी बोर्ड के महत्व को भी कम करने की तैयारी है। सरकार पहले ही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सहित वित नियंत्रक और कई महत्वपूर्ण कार्यालय लखनऊ ले जाने की घोषणा कर चुकी है।
जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के विरोध के चलते सरकार ने अपने निर्णय को स्थगित कर दिया था। अब सरकार यूपी बोर्ड से जुड़े सारे निर्णय लखनऊ से लेने के बाद परीक्षा परिणाम की घोषणा भी लखनऊ से करने का निर्णय लेकर प्रयागराज के महत्वपूर्ण कार्यालयों को खत्म करने की साजिश कर रही है। इनकी मंशा एवं नियत साफ नहीं है, यह सभी कार्यालयों को लखनऊ उठा लेना चाहते हैं।
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यूपी बोर्ड के सचिव एवं सभापति रहे और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य बासुदेव यादव ने भी उप मुख्यमंत्री की ओर से बोर्ड परीक्षाफल जारी करने के निर्णय का विरोध किया है। बोले, यह अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में सीधा हस्तक्षेप है।
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प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार प्रयागराज के महत्व को कम करने पर लगी है। जिले से कई प्रमुख कार्यालयों को लखनऊ ले जाने के बाद अब यूपी बोर्ड के महत्व को भी कम करने की तैयारी है। सरकार पहले ही सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सहित वित नियंत्रक और कई महत्वपूर्ण कार्यालय लखनऊ ले जाने की घोषणा कर चुकी है।
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जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के विरोध के चलते सरकार ने अपने निर्णय को स्थगित कर दिया था। अब सरकार यूपी बोर्ड से जुड़े सारे निर्णय लखनऊ से लेने के बाद परीक्षा परिणाम की घोषणा भी लखनऊ से करने का निर्णय लेकर प्रयागराज के महत्वपूर्ण कार्यालयों को खत्म करने की साजिश कर रही है। इनकी मंशा एवं नियत साफ नहीं है, यह सभी कार्यालयों को लखनऊ उठा लेना चाहते हैं।
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यूपी बोर्ड के सचिव एवं सभापति रहे और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य बासुदेव यादव ने भी उप मुख्यमंत्री की ओर से बोर्ड परीक्षाफल जारी करने के निर्णय का विरोध किया है। बोले, यह अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में सीधा हस्तक्षेप है।