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प्रणब दा को संगम नगरी में मिलता है सुकून
Allahabad
Updated Thu, 26 Dec 2013 05:42 AM IST
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इलाहाबाद। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संगम नगरी में सुकून मिलता है। बुधवार को यहां जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज में नए भवन का उद्घाटन और इंडियन प्रेस के संस्थापक चिंतामणि घोष की मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे राष्ट्रपति ने खासतौर पर इलाहाबाद से अपने लगाव का जिक्र किया। बोले, ‘राष्ट्रपति बनने के बाद यहां दूसरी बार आया हूं। मुझे यहां आकर बेहद खुशी और सुकून मिलता है। मैं इलाहाबाद वालों का अभिवादन करता हूं।’ उनका यह बोलना था कि वहां मौजूद सभी लोगों ने जोरदार तालियों से राष्ट्रपति का अभिवादन किया।
मंच से रिमोट के जरिये नई बिल्डिंग का उद्घाटन और चिंतामणि घोष की मूर्ति का अनावरण करने के बाद प्रणब दा आभार जताना नहीं भूले। बोले कि उन्हें इस काम के लिए जगत तारन एजुकेशन की तरफ से आमंत्रित किया गया, इसके लिए वह आभारी हैं। चिंतामणि घोष के बारे में कहा कि वह पश्चिम बंगाल में रहते थे। छोटी सी उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। प्रतिभाशाली चिंतामणि घोष ने मेहनत और लगन के बल पर इंडियन प्रेस की स्थापना की और बाद में हिंदी भाषा में सरस्वती पत्रिका का प्रकाशन किया। चिंतामणि घोष का हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। इससे पूर्व जगत तारन एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष कल्याण कुमार घोष ने राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल बीएल जोशी और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद होमागार्ड्स मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। साथ ही जगत तारन एजुकेशन सोसाइटी के इतिहास एवं उपलब्धियों के बारे में बताया। सोसाइटी के सचिव डॉ. मिलन मुखर्जी ने चिंतामणि घोष के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इससे पूर्व राष्ट्रपति ने प्रयाग संगीत समिति में आयोजित निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन के 86वें अधिवेशन का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति कुल ढाई घंटे शहर में रहे। अपराह्न एक बजे के आसपास उनका हेलीकॉप्टर बमरौली हवाई अड्डे पर उतरा तो राज्यपाल, होमगार्ड्स मंत्री, मेयर अभिलाषा गुप्ता, कमिश्नर कुमार कमलेश, डीएम राजेशखर सहित तमाम अफसरों ने उनकी अगवानी की। अपराह्न 3.40 बजे राष्ट्रपति ने वायुसेना के हेलीकॉप्टर से वापस वाराणसी के लिए उड़ान भरी।
जॉर्जटाउन के मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति को बुधवार को अपराह्न 2.40 बजे वहां पहुंचना था। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने दो घंटे पहले ही इस रोड पर आवागमन रोक दिया और इस रोड से जुड़ी हर गली को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। क्रिसमस की छुट्टी पर ज्यादातर लोग घर में ही थे, सो राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए घरों की छत पर भीड़ लग गई। इस मार्ग पर रहने वालों के घरों की छत पर न सिर्फ स्थानीय लोगों की भीड़, बल्कि उनके रिश्तेदारों और दोस्तों की भीड़ भी इकट्ठा थी। सभी राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। हालांकि पास जाकर किसी को देखने का मौका नहीं मिला। राष्ट्रपति जॉर्जटाउन में आधे घंटे तक रहे और इस दौरान घरों की छतों पर भीड़ डटी रही।
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मंच से रिमोट के जरिये नई बिल्डिंग का उद्घाटन और चिंतामणि घोष की मूर्ति का अनावरण करने के बाद प्रणब दा आभार जताना नहीं भूले। बोले कि उन्हें इस काम के लिए जगत तारन एजुकेशन की तरफ से आमंत्रित किया गया, इसके लिए वह आभारी हैं। चिंतामणि घोष के बारे में कहा कि वह पश्चिम बंगाल में रहते थे। छोटी सी उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। प्रतिभाशाली चिंतामणि घोष ने मेहनत और लगन के बल पर इंडियन प्रेस की स्थापना की और बाद में हिंदी भाषा में सरस्वती पत्रिका का प्रकाशन किया। चिंतामणि घोष का हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। इससे पूर्व जगत तारन एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष कल्याण कुमार घोष ने राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल बीएल जोशी और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद होमागार्ड्स मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। साथ ही जगत तारन एजुकेशन सोसाइटी के इतिहास एवं उपलब्धियों के बारे में बताया। सोसाइटी के सचिव डॉ. मिलन मुखर्जी ने चिंतामणि घोष के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इससे पूर्व राष्ट्रपति ने प्रयाग संगीत समिति में आयोजित निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन के 86वें अधिवेशन का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति कुल ढाई घंटे शहर में रहे। अपराह्न एक बजे के आसपास उनका हेलीकॉप्टर बमरौली हवाई अड्डे पर उतरा तो राज्यपाल, होमगार्ड्स मंत्री, मेयर अभिलाषा गुप्ता, कमिश्नर कुमार कमलेश, डीएम राजेशखर सहित तमाम अफसरों ने उनकी अगवानी की। अपराह्न 3.40 बजे राष्ट्रपति ने वायुसेना के हेलीकॉप्टर से वापस वाराणसी के लिए उड़ान भरी।
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जॉर्जटाउन के मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति को बुधवार को अपराह्न 2.40 बजे वहां पहुंचना था। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने दो घंटे पहले ही इस रोड पर आवागमन रोक दिया और इस रोड से जुड़ी हर गली को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। क्रिसमस की छुट्टी पर ज्यादातर लोग घर में ही थे, सो राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए घरों की छत पर भीड़ लग गई। इस मार्ग पर रहने वालों के घरों की छत पर न सिर्फ स्थानीय लोगों की भीड़, बल्कि उनके रिश्तेदारों और दोस्तों की भीड़ भी इकट्ठा थी। सभी राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। हालांकि पास जाकर किसी को देखने का मौका नहीं मिला। राष्ट्रपति जॉर्जटाउन में आधे घंटे तक रहे और इस दौरान घरों की छतों पर भीड़ डटी रही।
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