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पूर्व बसपा विधायक की निगरानी खारिज
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पूर्व बसपा विधायक की निगरानी खारिज
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व बसपा विधायक युसूफ अली की निगरानी अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने सीजेएम रामपुर के आदेश को विधि सम्मत तथा उपयुक्त पाया है। निगरानी पर स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की।
बसपा विधायक के खिलाफ कोतवाली रामपुर में एसआई जय प्रकाश त्यागी ने आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दो जनवरी 2012 को दर्ज कराई थी। उन पर फोटो युक्त होर्डिंग बिजली के खंभे पर लगाने का आरोप है जिस पर मुद्रक संख्या अंकित नहीं थी। इस मामले में सीजेएम ने नौ फरवरी 2012 को विवेचना का आदेश दिया। विवेचक ने विवेचना के बाद युसूफ अली के खिलाफ साक्ष्य पाते हुए आरोपपत्र दाखिल कर दिया। सीजेएम ने 20 जुलाई 2012 को आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया और युसूफ अली के खिलाफ समन, जमानती वारंट तथा गैरजमानती वारंट जारी किए। इसके खिलाफ उन्होंने सेशनकोर्ट में निगरानी दाखिल की। सेशनकोर्ट ने सीजेएम का आदेश रद्द कर नए सिरे से आदेश पारित करने के लिए निर्देशित किया। सात जून 2018 को एसीजेएम द्वितीय ने पुन: आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया। इस आदेश के खिलाफ स्पेशलकोर्ट एमपीएमएलए में चुनौती दी गई थी। स्पेशलकोर्ट ने सीजेएम के आदेश को विधि सम्मत पाते हुए निगरानी खारिज कर दी।
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प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व बसपा विधायक युसूफ अली की निगरानी अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने सीजेएम रामपुर के आदेश को विधि सम्मत तथा उपयुक्त पाया है। निगरानी पर स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की।
बसपा विधायक के खिलाफ कोतवाली रामपुर में एसआई जय प्रकाश त्यागी ने आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दो जनवरी 2012 को दर्ज कराई थी। उन पर फोटो युक्त होर्डिंग बिजली के खंभे पर लगाने का आरोप है जिस पर मुद्रक संख्या अंकित नहीं थी। इस मामले में सीजेएम ने नौ फरवरी 2012 को विवेचना का आदेश दिया। विवेचक ने विवेचना के बाद युसूफ अली के खिलाफ साक्ष्य पाते हुए आरोपपत्र दाखिल कर दिया। सीजेएम ने 20 जुलाई 2012 को आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया और युसूफ अली के खिलाफ समन, जमानती वारंट तथा गैरजमानती वारंट जारी किए। इसके खिलाफ उन्होंने सेशनकोर्ट में निगरानी दाखिल की। सेशनकोर्ट ने सीजेएम का आदेश रद्द कर नए सिरे से आदेश पारित करने के लिए निर्देशित किया। सात जून 2018 को एसीजेएम द्वितीय ने पुन: आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया। इस आदेश के खिलाफ स्पेशलकोर्ट एमपीएमएलए में चुनौती दी गई थी। स्पेशलकोर्ट ने सीजेएम के आदेश को विधि सम्मत पाते हुए निगरानी खारिज कर दी।
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