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नई पीढ़ी को रेडियो के लिए तैयार किया जाना जरूरी
Updated Thu, 17 May 2018 01:05 AM IST
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नई पीढ़ी को रेडियो के लिए तैयार किया जाना जरूरी
इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में रेडियो समर स्कूल का आयोजन
इलाहाबाद।
मीडिया की सबसे बड़ी पहचान उसका जनता से जुड़ाव होना है। रेडियो इस पहचान को बनाने में सबसे महत्वपूर्ण उपक्रम है। नई पीढ़ी को रेडियो के लिए तैयार किया जाना जरूरी है। उक्त बातें रेडियो विशेषज्ञ सरिता बरारा ने बुधवार को इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में समर ट्रेनिंग ऑन रेडियो एंड वीडियो प्रोडक्शन के उद्घाटन अवसर पर कहीं। बीवोक व एमवोक इन मीडिया स्टडीज के विद्यार्थियों के लिए 30 मई तक चलने वाले रेडियो समर स्कूल में उन्होंने कहा कि रेडियो एक ऐसा मीडिया उपक्रम है जिसमें क्रिएटिविटी और इंटरैक्टिविटी की अपार संभावनाएं हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की निदेशक प्रो. नीलम यादव ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी के विकास और उसकी विश्वसनीयता को लेकर है। कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. धनंजय चोपड़ा ने ग्यारह दिवसीय समर स्कूल की रूपरेखा रखी। उन्होंने बताया कि उक्त आयोजन में बतौर विशेषज्ञ रेहान फजल, रितु राजपूत, अनुपम पाठक, मतिउर रहमान, पूनम चैरसिया, शरद अवस्थी, अभिनय खोपरजी शामिल होंगे। कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी, विद्यासागर मिश्र, सचिन मेहरोत्रा, अमित मौर्या, डॉ. ऋतु माथुर, शशांक त्रिपाठी, पारूल भार्गव सहित सेंटर के स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
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इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में रेडियो समर स्कूल का आयोजन
इलाहाबाद।
मीडिया की सबसे बड़ी पहचान उसका जनता से जुड़ाव होना है। रेडियो इस पहचान को बनाने में सबसे महत्वपूर्ण उपक्रम है। नई पीढ़ी को रेडियो के लिए तैयार किया जाना जरूरी है। उक्त बातें रेडियो विशेषज्ञ सरिता बरारा ने बुधवार को इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज में समर ट्रेनिंग ऑन रेडियो एंड वीडियो प्रोडक्शन के उद्घाटन अवसर पर कहीं। बीवोक व एमवोक इन मीडिया स्टडीज के विद्यार्थियों के लिए 30 मई तक चलने वाले रेडियो समर स्कूल में उन्होंने कहा कि रेडियो एक ऐसा मीडिया उपक्रम है जिसमें क्रिएटिविटी और इंटरैक्टिविटी की अपार संभावनाएं हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की निदेशक प्रो. नीलम यादव ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी के विकास और उसकी विश्वसनीयता को लेकर है। कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. धनंजय चोपड़ा ने ग्यारह दिवसीय समर स्कूल की रूपरेखा रखी। उन्होंने बताया कि उक्त आयोजन में बतौर विशेषज्ञ रेहान फजल, रितु राजपूत, अनुपम पाठक, मतिउर रहमान, पूनम चैरसिया, शरद अवस्थी, अभिनय खोपरजी शामिल होंगे। कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी, विद्यासागर मिश्र, सचिन मेहरोत्रा, अमित मौर्या, डॉ. ऋतु माथुर, शशांक त्रिपाठी, पारूल भार्गव सहित सेंटर के स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
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