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राजकीय महिला विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं देने का िदिऱ्श
Updated Mon, 31 Jul 2017 09:38 PM IST
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राजकीय महिला विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं देने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि राजकीय महिला विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं एक माह में उपलब्ध कराई जाएं। इन विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और फर्नीचर आदि सुविधाएं दी जाएं। कोर्ट ने एक माह में इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा है।
राजकीय महिला विद्यालयों की दशा पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि यदि बालिका विद्यालयों में शौचालय जैसी सुविधा भी नहीं दी जा सकती है तो सरकार स्वच्छ भारत मिशन के विज्ञापनों में ऐसे कालेजों के नाम का उल्लेख करे, जिनमें शौचालय नहीं हैं। विनोद कुमार सिंह की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है।
इस संबंध में कोर्ट ने सरकार से पहले जानकारी मांगी थी। विशेष सचिव ने जानकारी दी कि 75 फीसदी बजट जारी हो चुका है। काम तेजी से हो रहा है तथा 25 प्रतिशत काम हो भी चुका है। वर्तमान में पांच कालेजों में बिजली, 11 में पेयजल और पांच में शौचालय नहीं है। 22 कालेजों को फर्नीचर दिया जाना है।
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राजकीय महिला विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं देने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि राजकीय महिला विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं एक माह में उपलब्ध कराई जाएं। इन विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और फर्नीचर आदि सुविधाएं दी जाएं। कोर्ट ने एक माह में इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा है।
राजकीय महिला विद्यालयों की दशा पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि यदि बालिका विद्यालयों में शौचालय जैसी सुविधा भी नहीं दी जा सकती है तो सरकार स्वच्छ भारत मिशन के विज्ञापनों में ऐसे कालेजों के नाम का उल्लेख करे, जिनमें शौचालय नहीं हैं। विनोद कुमार सिंह की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है।
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इस संबंध में कोर्ट ने सरकार से पहले जानकारी मांगी थी। विशेष सचिव ने जानकारी दी कि 75 फीसदी बजट जारी हो चुका है। काम तेजी से हो रहा है तथा 25 प्रतिशत काम हो भी चुका है। वर्तमान में पांच कालेजों में बिजली, 11 में पेयजल और पांच में शौचालय नहीं है। 22 कालेजों को फर्नीचर दिया जाना है।
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