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Prayagraj News: लोगों को डूबने से बचाने के लिए घाटों पर 65 गोताखोरों का पहरा
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गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रयागराज में जल पुलिस सक्रिय हो गई है। बाढ़ के संभावित खतरे और नदी में होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जल पुलिस ने संगम समेत प्रमुख घाटों पर 65 गोताखोरों को तैनात किया है।
यह संख्या आम दिनों में तैनात रहने वाले गोताखोरों से करीब दोगुनी है। इसके साथ ही सहायता के लिए पीएसी की एक कंपनी को भी मोर्चे पर लगाया गया है। ककरहा घाट, संगम, अरैल, रसूलाबाद, शृंग्वेरपुर, दारागंज घाट, बलुआ घाट, गऊघाट, दशाश्वमेध घाट और रामघाट समेत प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
डूबने की घटनाओं के बाद बढ़ाई सतर्कता
पिछले दिनों नदी में कई लोगों के डूबने की घटनाओं को देखते हुए जल पुलिस ने एहतियात के तौर पर गोताखोरों की संख्या बढ़ाई है। जल पुलिस प्रभारी रविंद्र नाथ ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाटों पर खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जल पुलिस की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।
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कई घाटों पर दो-दो गोताखोर तैनात
आम दिनों में घाटों पर करीब 30 गोताखोर तैनात रहते थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़ाकर 65 कर दी गई है। इनमें अधिकतर गोताखोर निजी तौर पर रखे गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई घाटों पर एक-एक, जबकि प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर दो-दो गोताखोर तैनात किए गए हैं।
बाढ़ और नदी में बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
- नदी और घाटों पर बढ़े जलस्तर को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचें।
- बैरिकेडिंग या पुलिस की ओर से प्रतिबंधित किए गए स्थानों पर न जाएं।
- तेज बहाव वाले पानी में उतरने या तैरने की कोशिश न करें।
- किसी व्यक्ति के डूबने पर खुद पानी में कूदने के बजाय पुलिस को बताएं
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यह संख्या आम दिनों में तैनात रहने वाले गोताखोरों से करीब दोगुनी है। इसके साथ ही सहायता के लिए पीएसी की एक कंपनी को भी मोर्चे पर लगाया गया है। ककरहा घाट, संगम, अरैल, रसूलाबाद, शृंग्वेरपुर, दारागंज घाट, बलुआ घाट, गऊघाट, दशाश्वमेध घाट और रामघाट समेत प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
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डूबने की घटनाओं के बाद बढ़ाई सतर्कता
पिछले दिनों नदी में कई लोगों के डूबने की घटनाओं को देखते हुए जल पुलिस ने एहतियात के तौर पर गोताखोरों की संख्या बढ़ाई है। जल पुलिस प्रभारी रविंद्र नाथ ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाटों पर खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जल पुलिस की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।
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कई घाटों पर दो-दो गोताखोर तैनात
आम दिनों में घाटों पर करीब 30 गोताखोर तैनात रहते थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़ाकर 65 कर दी गई है। इनमें अधिकतर गोताखोर निजी तौर पर रखे गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई घाटों पर एक-एक, जबकि प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर दो-दो गोताखोर तैनात किए गए हैं।
बाढ़ और नदी में बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
- नदी और घाटों पर बढ़े जलस्तर को देखते हुए गहरे पानी में जाने से बचें।
- बैरिकेडिंग या पुलिस की ओर से प्रतिबंधित किए गए स्थानों पर न जाएं।
- तेज बहाव वाले पानी में उतरने या तैरने की कोशिश न करें।
- किसी व्यक्ति के डूबने पर खुद पानी में कूदने के बजाय पुलिस को बताएं