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पीसीएस में समाजकार्य विषय का बोलबाला
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पीसीएस में समाजकार्य विषय का रहा बोलबाला
ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसी विषय को दी प्राथमिकता
अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन को दी तरजीह
प्रयागराज। पीसीएस-2016 में समाजकार्य विषय का बोलबाला रहा। वहीं, अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय को तरजीह दी। समाजकार्य विषय ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थियों ने चुना जो पहले से कहीं नौकरी कर रहे थे या इंजीनिरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पीसीएस परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय को तरजीह दी। इसके अलावा भूगोल और डिफेंस विषय लेने वाले अभ्यर्थियों को भी काफी फायदा मिला।
पीसीएस-2016 की टॉपर कानपुर की जयजीत कौर होरा और उनके पति आशुतोष मिश्र का विषय लोक प्रशासन और समाजकार्य विषय था। जयजीत ने पीसीएस में टॉप किया तो उनके पति का असिस्टेंट कमिश्नर कोऑपरेटिव के पद पर चयन हुआ। मेरिट में तीसरे स्थान पर रहे नवदीप शुक्ला का विषय भी समाजकार्य था। साथ में उन्होंने रक्षा अध्ययन विषय लिया था। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे प्रतापगढ़ के विनोद कुमार पांडेय ने विधि और रक्षा अध्ययन विषय के साथ पीसीएस की परीक्षा दी।
चौथे स्थान पर रहे बिंदकी फतेहपुर के प्रखर उत्तम लोक प्रशासन और समाजकार्य विषय के साथ पीसीएस परीक्षा में शामिल हुए थे जबकि पांचवें स्थान पर रहे सिद्धार्थनगर के सतीश चंद्र त्रिपाठी का विषय भी समाजकार्य था। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में समाजकार्य विषय के साथ परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक समाजकार्य का पाठ्यक्रम काफी सीमित और व्यवहारिक है। ऐसे में अनुभवी एवं पहले से नौकरी कर रहे अभ्यर्थी इसी विषय का तरजीह देते हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग के छात्र भी व्यवहारिकता के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में इसी विषय को तरजीह देते हैं।
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अंतिम चयन परिणाम आने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय का तरजीह दी है और खासतौर पर अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों ने इस विषय का प्राथमिकता दी, क्योंकि अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए यह विषय काफी स्कोरिंग है। तीसरे नंबर पर अभ्यर्थियों ने रक्षा अध्ययन विषय को प्राथमिकता दी। इसके अलावा बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की रही, जिन्होंने भूगोल विषय के साथ परीक्षा दी। सामान्य अध्ययन के पेपर में भूगोल से बड़ी संख्या में सवाल आते हैं। साथ ही विषय के पेपर में भी अच्छे अंक मिल जाते हैं।
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ज्यादातर अभ्यर्थियों ने इसी विषय को दी प्राथमिकता
अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन को दी तरजीह
प्रयागराज। पीसीएस-2016 में समाजकार्य विषय का बोलबाला रहा। वहीं, अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय को तरजीह दी। समाजकार्य विषय ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थियों ने चुना जो पहले से कहीं नौकरी कर रहे थे या इंजीनिरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पीसीएस परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय को तरजीह दी। इसके अलावा भूगोल और डिफेंस विषय लेने वाले अभ्यर्थियों को भी काफी फायदा मिला।
पीसीएस-2016 की टॉपर कानपुर की जयजीत कौर होरा और उनके पति आशुतोष मिश्र का विषय लोक प्रशासन और समाजकार्य विषय था। जयजीत ने पीसीएस में टॉप किया तो उनके पति का असिस्टेंट कमिश्नर कोऑपरेटिव के पद पर चयन हुआ। मेरिट में तीसरे स्थान पर रहे नवदीप शुक्ला का विषय भी समाजकार्य था। साथ में उन्होंने रक्षा अध्ययन विषय लिया था। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे प्रतापगढ़ के विनोद कुमार पांडेय ने विधि और रक्षा अध्ययन विषय के साथ पीसीएस की परीक्षा दी।
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चौथे स्थान पर रहे बिंदकी फतेहपुर के प्रखर उत्तम लोक प्रशासन और समाजकार्य विषय के साथ पीसीएस परीक्षा में शामिल हुए थे जबकि पांचवें स्थान पर रहे सिद्धार्थनगर के सतीश चंद्र त्रिपाठी का विषय भी समाजकार्य था। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में समाजकार्य विषय के साथ परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक समाजकार्य का पाठ्यक्रम काफी सीमित और व्यवहारिक है। ऐसे में अनुभवी एवं पहले से नौकरी कर रहे अभ्यर्थी इसी विषय का तरजीह देते हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग के छात्र भी व्यवहारिकता के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में इसी विषय को तरजीह देते हैं।
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अंतिम चयन परिणाम आने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि अभ्यर्थियों ने दूसरे नंबर पर लोक प्रशासन विषय का तरजीह दी है और खासतौर पर अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों ने इस विषय का प्राथमिकता दी, क्योंकि अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए यह विषय काफी स्कोरिंग है। तीसरे नंबर पर अभ्यर्थियों ने रक्षा अध्ययन विषय को प्राथमिकता दी। इसके अलावा बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की रही, जिन्होंने भूगोल विषय के साथ परीक्षा दी। सामान्य अध्ययन के पेपर में भूगोल से बड़ी संख्या में सवाल आते हैं। साथ ही विषय के पेपर में भी अच्छे अंक मिल जाते हैं।