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नाली खड़ंजे के 25 टेंडरों में घपले की जांच शुरू
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मीरगंज। नाली-खड़ंजे के टेंडरों में खेल हो गया है। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारियों ग्राम पंचायत में नाली, खड़ंजा निर्माण के लिए 25 टेंडर ऐसे अखबार में प्रकाशित कराकर खास लोगों को दे दिए, जिसकी पब्लिक तक पहुुंच नहीं है। एसडीएम ने बीडीओ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामले में बीडीओ से सप्ताह भर में रिपोर्ट मांगी गई है।
क्षेत्र के गांव चुरई दलपतपुर में रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत में सड़क, खड़ंजा और नाली निर्माण के लिए 25 टेंडर एक ऐसे अखबार में छपवाकर उसी दिन खोल दिए जिसकी पब्लिक तक पहुंच ही नहीं है। एक कम चर्चित अखबार में 25 निविदाएं 30 मई को प्रकाशित हुई थी। उसी दिन दोपहर 12 बजे उनको खोल दिया गया जो कि नियम विरुद्घ है। नियमानुसार निविदाएं प्रकाशित होने के बाद कम से कम एक सप्ताह का समय आवेदन के लिए मिलना चाहिए। टेंडरों में शर्त यह भी है कि वह क्षेत्र के प्रमुख अखबारों में प्रकाशित कराए जाएं, जिनकी आम जनता तक पहुंच हो। अधिकारियों ने ऐसा करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया। एसडीएम रोहित यादव ने मामले में संबधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह की भीतर जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और प्रधानमंत्री को भी भेजकर ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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क्षेत्र के गांव चुरई दलपतपुर में रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत में सड़क, खड़ंजा और नाली निर्माण के लिए 25 टेंडर एक ऐसे अखबार में छपवाकर उसी दिन खोल दिए जिसकी पब्लिक तक पहुंच ही नहीं है। एक कम चर्चित अखबार में 25 निविदाएं 30 मई को प्रकाशित हुई थी। उसी दिन दोपहर 12 बजे उनको खोल दिया गया जो कि नियम विरुद्घ है। नियमानुसार निविदाएं प्रकाशित होने के बाद कम से कम एक सप्ताह का समय आवेदन के लिए मिलना चाहिए। टेंडरों में शर्त यह भी है कि वह क्षेत्र के प्रमुख अखबारों में प्रकाशित कराए जाएं, जिनकी आम जनता तक पहुंच हो। अधिकारियों ने ऐसा करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया। एसडीएम रोहित यादव ने मामले में संबधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह की भीतर जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और प्रधानमंत्री को भी भेजकर ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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