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गैरशैक्षणिक कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश नकदीकरण
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गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश नकदीकरण
0 हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश
0 राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कर्मचारियों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों के गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी अब अवकाश नकदीकरण का लाभ पाएंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सरकारी कर्मचारियों की तरह राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों के स्टॉफ को भी अवकाश नकदीकरण का लाभ देने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह कहते हुए अवकाश नकदीकरण देने से इंकार कर दिया था कि ऐसा कोई कानून या नियम नहीं है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह इस आशय का शासनादेश जारी करे ताकि गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी राज्य कर्मचारियों के समान यह लाभ पा सकें।
एसएसवी पोस्ट ग्रेजुएट कालेज हापुड़ के स्टाफ राम कुमार और नौ अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया। याचिका पर अधिवक्ता नीरज पांडेय ने बहस की। याचीगण चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध कालेज के गैर शैक्षिक स्टाफ हैं। उन्हें अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कहा गया कि 22 अगस्त 2012 के शासनादेश में ऐसा लाभ देने की व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने कहा विश्वविद्यालय परिनियमावली में अवकाश नकदीकरण की व्यवस्था है, जो कि शासनादेश पर प्रभावी होगा। कोर्ट ने कहा 22 अगस्त का शासनादेश याचीगण पर लागू नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार के सभी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कालेजों के स्टाफ को फंडामेंटल रूल्स 81 (बी) के तहत सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध अवकाश नकदीकरण का लाभ देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार माह में निर्णय लेने को कहा है।
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गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश नकदीकरण
0 हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश
0 राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कर्मचारियों को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों के गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी अब अवकाश नकदीकरण का लाभ पाएंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सरकारी कर्मचारियों की तरह राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों के स्टॉफ को भी अवकाश नकदीकरण का लाभ देने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह कहते हुए अवकाश नकदीकरण देने से इंकार कर दिया था कि ऐसा कोई कानून या नियम नहीं है। कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह इस आशय का शासनादेश जारी करे ताकि गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी राज्य कर्मचारियों के समान यह लाभ पा सकें।
एसएसवी पोस्ट ग्रेजुएट कालेज हापुड़ के स्टाफ राम कुमार और नौ अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया। याचिका पर अधिवक्ता नीरज पांडेय ने बहस की। याचीगण चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध कालेज के गैर शैक्षिक स्टाफ हैं। उन्हें अवकाश नकदीकरण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कहा गया कि 22 अगस्त 2012 के शासनादेश में ऐसा लाभ देने की व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने कहा विश्वविद्यालय परिनियमावली में अवकाश नकदीकरण की व्यवस्था है, जो कि शासनादेश पर प्रभावी होगा। कोर्ट ने कहा 22 अगस्त का शासनादेश याचीगण पर लागू नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य सरकार के सभी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कालेजों के स्टाफ को फंडामेंटल रूल्स 81 (बी) के तहत सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध अवकाश नकदीकरण का लाभ देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार माह में निर्णय लेने को कहा है।
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