{"_id":"598b25c64f1c1b227f8b483d","slug":"151502291398-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट्र ने मांगा अद्धकुंभ के बजट खर्च का ब्यौरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट्र ने मांगा अद्धकुंभ के बजट खर्च का ब्यौरा
Updated Wed, 09 Aug 2017 08:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने मांगा अर्द्धकुंभ के बजट, खर्च का ब्योरा
0 अर्द्धकुंभ से पहले सभी काम पूरा होने में संदेह, जनहित याचिका में उठाया गया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से इलाहाबाद में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले के बजट और खर्च की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि मेले को लेकर क्या तैयारियां हैं और किस प्रकार से प्रस्तावित काम पूरे हो पाएंगे। इस पर सरकार कितना बजट जारी कर रही है। उनको किन मदों में खर्च किया जाना है। याचिका पर छह सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
इलाहाबाद के श्रीकांत त्रिपाठी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। याची के अधिवक्ता अशोक पांडेय और रामानंद पांडेय ने कोर्ट को बताया कि अर्द्धकुंभ के आयोजन में साल भर का ही समय बचा है। नवंबर 2018 तक सभी विभागों के काम पूरे हो जाने चाहिए, मगर अभी तक इसे लेकर बजट तक नहीं जारी किया गया है। शहर में मेले से संबंधित कोई काम भी प्रारंभ नहीं किया गया है। इस ढुलमुल रवैये से समय रहते कार्य पूरे होने की उम्मीद नहीं है।
इस वर्ष और अगले वर्ष के चार माह बाढ़ राहत में निकल जाएंगे। अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए अब एक वर्ष से भी कम समय मिलेगा। प्रशासन की ओर से इस दिशा में अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। पिछले अर्द्धकुंभ में 52 करोड़ से अधिक लोग इलाहाबाद आए थे। इस बार यह संख्या और बढ़ सकती है। 100 करोड़ के लगभग लोगों के यहां आने की उम्मीद जताई जा रही है। मांग की गई है कि मेले को लेकर हाईकोर्ट एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करे ताकि सभी काम पारदर्शी तरीके से हो सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 अर्द्धकुंभ से पहले सभी काम पूरा होने में संदेह, जनहित याचिका में उठाया गया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से इलाहाबाद में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले के बजट और खर्च की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि मेले को लेकर क्या तैयारियां हैं और किस प्रकार से प्रस्तावित काम पूरे हो पाएंगे। इस पर सरकार कितना बजट जारी कर रही है। उनको किन मदों में खर्च किया जाना है। याचिका पर छह सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
इलाहाबाद के श्रीकांत त्रिपाठी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। याची के अधिवक्ता अशोक पांडेय और रामानंद पांडेय ने कोर्ट को बताया कि अर्द्धकुंभ के आयोजन में साल भर का ही समय बचा है। नवंबर 2018 तक सभी विभागों के काम पूरे हो जाने चाहिए, मगर अभी तक इसे लेकर बजट तक नहीं जारी किया गया है। शहर में मेले से संबंधित कोई काम भी प्रारंभ नहीं किया गया है। इस ढुलमुल रवैये से समय रहते कार्य पूरे होने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
इस वर्ष और अगले वर्ष के चार माह बाढ़ राहत में निकल जाएंगे। अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए अब एक वर्ष से भी कम समय मिलेगा। प्रशासन की ओर से इस दिशा में अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। पिछले अर्द्धकुंभ में 52 करोड़ से अधिक लोग इलाहाबाद आए थे। इस बार यह संख्या और बढ़ सकती है। 100 करोड़ के लगभग लोगों के यहां आने की उम्मीद जताई जा रही है। मांग की गई है कि मेले को लेकर हाईकोर्ट एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करे ताकि सभी काम पारदर्शी तरीके से हो सकें।
विज्ञापन