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फर्जी आदेश से चीनी बेचने के मामले में सरकार नहीं कर सकती कार्रवाई
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:22 PM IST
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फर्जी आदेश पर चीनी बेचने के मामले में सरकार नहीं कर सकती कार्रवाई
इलाहाबाद। जिला जज के फर्जी आदेश दिखाकर लेवी की चीनी बेचने के मामले में सरकार चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती है। प्रमुख सचिव गन्ना ने यह हलफनामा देकर हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि चीनी केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आती है, इसलिए इस मामले में केंद्र को ही कार्रवाई का अधिकार है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा है कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर सकती है या नहीं। मुख्य सचिव को 27 नवंबर तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा गया है।
सहारनपुर की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल कंपनी पर जिला जज का फर्जी आदेश दिखाकर करोड़ों रुपये की लेवी की चीनी खुले बाजार में बेचने का आरोप है। इसे लेकर रामपाल सिंह ने याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की पीठ ने प्रमुख सचिव गन्ना को इस मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस पर प्रमुख सचिव ने बताया कि उनको कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। मिल ने कर का भुगतान कर दिया है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
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इलाहाबाद। जिला जज के फर्जी आदेश दिखाकर लेवी की चीनी बेचने के मामले में सरकार चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती है। प्रमुख सचिव गन्ना ने यह हलफनामा देकर हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि चीनी केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आती है, इसलिए इस मामले में केंद्र को ही कार्रवाई का अधिकार है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा है कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर सकती है या नहीं। मुख्य सचिव को 27 नवंबर तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा गया है।
सहारनपुर की त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल कंपनी पर जिला जज का फर्जी आदेश दिखाकर करोड़ों रुपये की लेवी की चीनी खुले बाजार में बेचने का आरोप है। इसे लेकर रामपाल सिंह ने याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की पीठ ने प्रमुख सचिव गन्ना को इस मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस पर प्रमुख सचिव ने बताया कि उनको कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। मिल ने कर का भुगतान कर दिया है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
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