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हिदुस्तानी एकेडेमी में संगोष्ठी
Updated Tue, 14 Nov 2017 09:50 PM IST
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विविधताओं से भरी हैं हिंदी कहानियां : ममता कालिया
हिंदुस्तानी एकेडेमी में हुई संगोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हिंदुस्तानी एकेडेमी के तत्वावधान में मंगलवार को एकेडेमी सभागार में ‘आज की हिंदी कहानी’ विषय पर संगोष्ठी हुई। बतौर अध्यक्ष जानीमानी कथालेखिका ममता कालिया ने कहा कि आज की हिंदी कहानी विविधताओं से भरी है। नए लिखने वाले तरह-तरह के प्रयोग कर हिंदी कहानी का चेहरा बदल रहे हैं। वे अपनी प्रयोगधर्मिता के कारण अलग से पहचान में आते हैं। इनकी रचनाएं पढ़ते हुए वह नारा निरर्थक हो जाता है। जिसमें कहा गया था कि कहानी मरती विधा है। इस समय स्त्री रचनाकारों की सशक्त एवं सार्थक उपस्थित है। महिला लेखन घर बार चूल्हा चौके से ऊपर उठ गया है।
बतौर मुख्य वक्ता डा. अशोक त्रिपाठी ने कहा कि आज की हिंदी कहानियां अपने समय की जटिल सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक सच्चाइयों का संवेदन शील रचनात्मक दस्तावेज है।
प्रो. अनीता गोपेश ने कहा कि समकालीन कथा जगत बहुत सकारात्मक है। संगोष्ठी में सम्मानित डा. अश्यरफ अली बेग ने आज की हिंदी में आने वाले बदलावों को रेखांकित किया। विषय प्रवर्तन डा. सुनील विक्रम सिंह ने किया। सचिव रवींद्र कुमार ने एकेडेमी के कार्यों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने ज्ञापित किया।
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इस अवसर पर हरिमोहन मालवीय, प्रो. अली अहमद फातमी, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, सभापति मिश्र, वाजिदा खान, अजामिल व्यास, डा. अनुपम आनंद, अनिल रंजन भौमिक, डा. शांति चौधरी, नंदल हितैषी, रामनरेश तिवारी, नरेश कुमार गौड़, अशोक, डा. यास्मीन सुल्ताना नकवी, डा. सरोज सिंह, सुषमा शर्मा, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, देवेश, उमेश श्रीवास्तव, कैलाशनाथ पांडेय आदि उपस्थित थे।
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विरासत के बारे में जागरूकता जरूरी
इलाहाबाद। सिविल इवैल्यूएशन फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को विरासत प्रहरी ग्रुप की ओर से स्टैनली रोड पर बैठक हुई। जिसमें 14 नवंबर की तिथि के महत्व को रेखांकित किया गया। बतौर अध्यक्ष प्रो. आरपी मिश्रा ने इस दिन होने वाली ऐतिहासिक घटनाओं की चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता वीरेंद्र पाठक ने शहर के परिपेक्ष्य में कई घटनाओं का जिक्र किया। अध्यक्ष डा. प्रमोद शुक्ला ने कहा कि समिति की ओर से शहर की महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस बारे में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में महेश त्रिपाठी, अरविंद पांडे, ललिता अग्रवाल, कमलेश पटेल, पंकज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
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हिंदुस्तानी एकेडेमी में हुई संगोष्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हिंदुस्तानी एकेडेमी के तत्वावधान में मंगलवार को एकेडेमी सभागार में ‘आज की हिंदी कहानी’ विषय पर संगोष्ठी हुई। बतौर अध्यक्ष जानीमानी कथालेखिका ममता कालिया ने कहा कि आज की हिंदी कहानी विविधताओं से भरी है। नए लिखने वाले तरह-तरह के प्रयोग कर हिंदी कहानी का चेहरा बदल रहे हैं। वे अपनी प्रयोगधर्मिता के कारण अलग से पहचान में आते हैं। इनकी रचनाएं पढ़ते हुए वह नारा निरर्थक हो जाता है। जिसमें कहा गया था कि कहानी मरती विधा है। इस समय स्त्री रचनाकारों की सशक्त एवं सार्थक उपस्थित है। महिला लेखन घर बार चूल्हा चौके से ऊपर उठ गया है।
बतौर मुख्य वक्ता डा. अशोक त्रिपाठी ने कहा कि आज की हिंदी कहानियां अपने समय की जटिल सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक सच्चाइयों का संवेदन शील रचनात्मक दस्तावेज है।
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प्रो. अनीता गोपेश ने कहा कि समकालीन कथा जगत बहुत सकारात्मक है। संगोष्ठी में सम्मानित डा. अश्यरफ अली बेग ने आज की हिंदी में आने वाले बदलावों को रेखांकित किया। विषय प्रवर्तन डा. सुनील विक्रम सिंह ने किया। सचिव रवींद्र कुमार ने एकेडेमी के कार्यों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने ज्ञापित किया।
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इस अवसर पर हरिमोहन मालवीय, प्रो. अली अहमद फातमी, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, सभापति मिश्र, वाजिदा खान, अजामिल व्यास, डा. अनुपम आनंद, अनिल रंजन भौमिक, डा. शांति चौधरी, नंदल हितैषी, रामनरेश तिवारी, नरेश कुमार गौड़, अशोक, डा. यास्मीन सुल्ताना नकवी, डा. सरोज सिंह, सुषमा शर्मा, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, देवेश, उमेश श्रीवास्तव, कैलाशनाथ पांडेय आदि उपस्थित थे।
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विरासत के बारे में जागरूकता जरूरी
इलाहाबाद। सिविल इवैल्यूएशन फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को विरासत प्रहरी ग्रुप की ओर से स्टैनली रोड पर बैठक हुई। जिसमें 14 नवंबर की तिथि के महत्व को रेखांकित किया गया। बतौर अध्यक्ष प्रो. आरपी मिश्रा ने इस दिन होने वाली ऐतिहासिक घटनाओं की चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता वीरेंद्र पाठक ने शहर के परिपेक्ष्य में कई घटनाओं का जिक्र किया। अध्यक्ष डा. प्रमोद शुक्ला ने कहा कि समिति की ओर से शहर की महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस बारे में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में महेश त्रिपाठी, अरविंद पांडे, ललिता अग्रवाल, कमलेश पटेल, पंकज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।