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युवा दिवस : कड़ी मेहनत से शिवानी और दीपक ने रचा स्वर्णिम इतिहास

Wed, 12 Jan 2022 12:57 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 12:57 AM IST
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Youth Day: Shivani and Deepak created golden history with hard work
दीपक शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
इकराम वारिस
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स्वामी विवेकानंद ने कहा था, ‘उठो जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाए’। इसी मूलमंत्र को डॉ. शिवानी सिंह व दीपक शर्मा ने आत्मसात किया। इसका प्रतिफल उनको स्वर्ण पदकों के रूप में मिला। गत दिनों हुए डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के दीक्षांत समारोह-2022 में डॉ. शिवानी को एमबीबीएस में 12 स्वर्ण पदक मिले, जबकि डीएस कॉलेज के विधि छात्र दीपक शर्मा को सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर चार स्वर्ण पदकों से नवाजा गया। यह पदक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनको दिए थे। इन युवाओं की मेहनत और सफलता पर हर कोई नाज कर रहा है। उन्होंने कड़ी मेहनत से स्वर्णिम इतिहास रच दिया। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है, इस दिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। युवा दिवस पर इन युवाओं की सफलता भरी कहानी विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
सफलता की कुंजी केवल मेहनत है : डॉ. शिवानी
डॉ. शिवानी सिंह का कहना है कि सफलता की कुंजी केवल मेहनत है। उन्होंने घंटों में पढ़ाई नहीं की, बल्कि हर विषय को बखूबी समझकर पढ़ाई की है। महानगर के रमेश विहार निवासी नरेंद्र चौधरी व शशि सिंह की बेटी शिवानी ने कहा कि एमबीबीएस में कुल 16 स्वर्ण पदक होते हैं, जिनमें 12 स्वर्ण पदक उन्हें मिले हैं, एक रजत पदक भी मिला। उन्होंने कहा कि वह एमएस की डिग्री न्यूरो सर्जन व पीडियाट्रिक में लेना चाहती हैं। शिवानी ने आवर लेडी ऑफ फातिमा स्कूल से 10वीं व एएमयू से 12वीं की पढ़ाई की है। इसके बाद नीट के जरिए एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया।
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ये हैं डॉ. शिवानी के पदक
- आगरा रोटरी क्लब स्वर्ण पदक (एमबीबीएस में सर्वश्रेष्ठ अंक के लिए)
- डॉ. बीसी पंत स्वर्ण पदक (मेडिसिन विषय में सर्वोच्च अंक के लिए)
- अखिल भारतीय महिला परिषद आगरा स्वर्ण पदक (फाइनल प्रोफेशनल परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- वक्ले स्वर्ण पदक (फाइनल प्रोफेशनल परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- डॉ. जीपी रावत स्मृति स्वर्ण पदक (प्रसूति विज्ञान व स्त्री रोग चिकित्सा विज्ञान विषय में सर्वोच्च अंक के लिए)
- डॉ. जैतिंदर नाथ हाजरा स्वर्ण पदक (अधिकतम विषयों में सर्वोच्च अंक के लिए)
- डॉ. टुकी राम एल्हेंस स्वर्ण पदक (मेडिसिन व सर्जरी विषय सर्वोच्च अंक के लिए)
- कुमारी अमिता सिंघल स्मृति स्वर्ण पदक (प्रथम, द्वितीय व फाइनल प्रोफेशनल परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- श्रीमती तुलसा स्मृति स्वर्ण पदक (मेडिसिन व सर्जरी विषय में सर्वोच्च अंक के लिए)
- श्रीमती माधुरी देवी श्रीवास्तव स्मृति स्वर्ण पदक (फाइनल प्रोफेशनल में सर्वोच्च अंक के लिए)
- प्रो. सुखवीर प्रसाद जैन एवं श्रीमती भाकुंतला जैन स्वर्ण पदक (फाइनल प्रोफेशनल में सर्वोच्च अंक के लिए)
- लायंस क्लब आगरा यूनाइटेड स्वर्ण पदक (प्रसूति विज्ञान व स्त्री रोग चिकित्सा विज्ञान विषय में सर्वोच्च अंक के लिए)
- श्रीमती बजीर सिंह सरीन रजत पदक (आंख, नाक, कान, गला चिकित्सा विषय में अंक के लिए)
लॉ का प्रोफेसर बनना चाहता हूं : दीपक
डीएस कॉलेज के विधि के छात्र दीपक शर्मा ने बताया कि वह लॉ के प्रोफेसर बनना चाहते हैं। उन्हें लॉ में सर्वाधिक अंक के लिए चार स्वर्ण पदक मिले। चौबे वाली गली, गुड़िहाई बाजार, हाथरस छोटेलाल शर्मा व अर्चना शर्मा के बेटे दीपक ने बताया कि उनके पिता पान बेचते हैं। वह खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को खूब पढ़ाया है। दीपक ने कहा कि वह चार बहनों में इकलौते भाई हैं। उन्होंने बीएड करने के साथ 9 बार यूपी टीईटी व 7 बार सीटीईटी की परीक्षा में सफल हो चुके हैं। वर्तमान समय में वह एलएलएम कर रहे हैं। साथ ही पीसीएस जे की तैयारी भी कर रहे हैं। उनकी चारों बहनें बीएड के साथ परास्नातक डिग्री धारक हैं।
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ये हैं दीपक के पदक
- रामेश्वर प्रसाद बागला स्वर्ण पदक (एलएलबी की मुख्य परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- पंडित मोतीलाल नेहरु स्वर्ण पदक (एलएलबी की परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- स्व. श्री मोहम्मद सैफ उल्लाह खान स्मृति स्वर्ण पदक (एलएलबी की परीक्षा में सर्वोच्च अंक के लिए)
- श्री जवाहरलाल नेहरु स्वर्ण पदक (मानवाधिकार एवं अंतरराष्ट्रीय विधि के प्रश्न पत्र में सर्वोच्च अंक के लिए)
रोल मॉडल की तरह बनना चाहते हैं प्रशिक्षु क्रिकेटर
क्रिकेट का ककहरा सीख रहे खिलाड़ियों ने भविष्य में बेहतरीन खिलाड़ी बनने का सपना बुना है। उन्होंने अपने रोल मॉडल भी बताए हैं, जिनकी तरह वह बनना चाहते हैं। मैदान पर खूब पसीना बहा रहे हैं।
रोल मॉडल
- रिंकू सिंह, अलीगढ़ के प्रतिभावान क्रिकेटर हैं। वह यूपी रणजी टीम के हिस्सा हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू आईपीएल में केकेआर टीम के हिस्सा थे।
- विराट कोहली, भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान हैं। दाहिने हाथ के बल्लेबाज विराट अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया में जाने-पहचाने जाते हैं।
- जहीर खान, भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज रहे हैं। टेस्ट में 311 विकेट, वनडे में 282 विकेट व आईपीएल ें 102 विकेट हासिल कर चुके हैं।
रोहित शर्मा, भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज हैं। वह वनडे में तीन दोहरे शतक जमा चुके हैं, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। वह शानदार खिलाड़ी हैं।
खिलाड़ियों के बोल
मैंने रिंकू भैया से प्रभावित होकर हाल ही में क्रिकेट खेलना शुरू किया है। बल्लेबाजी करता हूं। मेरे पसंदीदा खिलाड़ी रिंकू सिंह है। मैं उन्हीं की तरह बनना चाहता हूं।
- आदित्य गुप्ता
मुझे क्रिकेट खेलना अच्छा लगता है। मैं बल्लेबाजी करता हूं। मुझे विराट कोहली बहुत पसंद है। मैं बड़े होकर विराट कोहली की तरह बनना चाहता हूं।
- अरमान भारद्वाज
मैं बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करता हूं। मैंने भारत के तेज गेंदबाज जहीर खान को देखकर क्रिकेट खेलना शुरू किया। जहीर खान मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। मैं चाहता हूं एक दिन मैं भी जहीर खान की तरह गेंदबाजी करूं।

सुमित चौधरी
मेरे पसंदीदा खिलाड़ी रोहित शर्मा हैं, उनकी बल्लेबाजी देखना मुझे बहुत पसंद है। वही मेरे सबसे प्रिय खिलाड़ी हैं। मैं बड़े होकर उन्हीं की तरह आक्रामक बल्लेबाज बनना चाहता हूं।
- रूबल वार्ष्णेय

डॉ. शिवानी सिंह

डॉ. शिवानी सिंह- फोटो : CITY OFFICE

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