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Aligarh News: पुलिस में नौकरी के नाम पर युवक से आठ लाख की ठगी
Thu, 16 May 2024 04:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Thu, 16 May 2024 04:34 AM IST
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पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। एसपी के आदेश पर गांव सलेमपुर निवासी राजेश कुमार पुत्र बाबूलाल ने इस मामले में सादाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट धारा 420, 406, 504 और 506 के तहत कृष्णा यादव उर्फ कन्हैया यादव पुत्र सुभाष यादव निवासी तोडार जिला गाजीपुर के खिलाफ दर्ज कराई गई है।
रिपोर्ट में राजेश ने कहा है कि कि वह गरीब किसान हैं। उनके पुत्र अजय कुमार की मुलाकात कृष्णा यादव उर्फ कन्हैया से माह दिसंबर 2021 में ग्वालियर स्पोर्ट स्टेडियम में खेल के दौरान हुई थी। तभी से उसके पुत्र अजय व कृष्णा यादव में दोस्ती हो गई थी और दोनों एक-दूसरे से फोन पर अक्सर बात करने लगे थे। कृष्णा यादव उर्फ कन्हैया ने अजय से कहा कि वह पुलिस में भर्ती हो चुका है। उसके रिश्तेदार पुलिस में बहुत बड़े अधिकारी हैं। उन्होंने उसे पुलिस में भर्ती कराया है। उसे भी वह पुलिस में भर्ती करा सकता है, लेकिन इसके लिए आठ से 10 लाख रुपये खर्च करने होंगे।
रिपोर्ट में राजेश ने कहा है कि कृष्णा यादव ने व्हाट्सएप पर अपने मोबाइल से सिपाही की वर्दी में फोटो भी भेजी थी। इसी वजह से उन्होंने कृष्णा की बातों पर विश्वास कर लिया। इसके बाद उन्होंने कृष्णा को घर पर तीन लाख छप्पन हजार रुपये नकद दिए और बाकी रुपये अन्य लोगों से उधार लेकर उसके खाते में ट्रांसफर किए।
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इसके अतिरिक्त बेटे अजय कुमार ने अपने फोन पे नंबर से कृष्णा यादव के फोन पे नंबर पर कई बार में लगभग चार लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान किया और लगभग चार लाख रुपये गांव वालों से उधार लेकर बैंक के जरिये कृष्णा यादव के खाते में भेजे थे। कृष्णा ने बेटे का जिला सेवायोजन कार्यालय गाजीपुर में पंजीकरण कराया था और इसकी काॅपी अक्तूबर 2023 में उन्हें देकर कहा था कि अब तुम्हारी जल्दी ही पुलिस में नौकरी लग जाएगी, क्योकि मैंने तुम्हारा रोजगार कार्यालय गाजीपुर में पंजीकरण करा दिया है, लेकिन आज तक नौकरी नहीं लगी।
बेटे अजय और उन्होंने खुद कई बार कृष्णा यादव के फोन पर फोन करके कहा कि अगर तुम पुलिस में भर्ती नहीं करा सकते तो उनका पैसा वापस कर दो। इसके कुछ दिन बाद कृष्णा यादव उनके घर पर आया और उन्हें बैरकपुर पश्चिम बंगाल राज्य का मूल निवास प्रमाणपत्र और स्थायी आवासीय पते का प्रमाणपत्र देकर कहा कि अब वह उसे बंगाल पुलिस में भर्ती करा देगा।
जब अजय ने इस मूल निवास प्रमाणपत्र की इंटरनेट से जांच की तो यह फर्जी पाया गया। जब कृष्णा को इस बारे में बताया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब उन्होंने व्हाट्सएप काॅल किया तो फोन पर गाली देकर कहने लगा कि मैं पुलिस में हूं। आइंदा पैसे मांगने की हिम्मत की तो तुम्हें जान से मरवा दूंगा। जब वह व उनका बेटा अजय उसके गांव तोडार गए तो पता चला कि उसने गांव में भी आसपास के लोगों से पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी कर ली है।
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रिपोर्ट में राजेश ने कहा है कि कि वह गरीब किसान हैं। उनके पुत्र अजय कुमार की मुलाकात कृष्णा यादव उर्फ कन्हैया से माह दिसंबर 2021 में ग्वालियर स्पोर्ट स्टेडियम में खेल के दौरान हुई थी। तभी से उसके पुत्र अजय व कृष्णा यादव में दोस्ती हो गई थी और दोनों एक-दूसरे से फोन पर अक्सर बात करने लगे थे। कृष्णा यादव उर्फ कन्हैया ने अजय से कहा कि वह पुलिस में भर्ती हो चुका है। उसके रिश्तेदार पुलिस में बहुत बड़े अधिकारी हैं। उन्होंने उसे पुलिस में भर्ती कराया है। उसे भी वह पुलिस में भर्ती करा सकता है, लेकिन इसके लिए आठ से 10 लाख रुपये खर्च करने होंगे।
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रिपोर्ट में राजेश ने कहा है कि कृष्णा यादव ने व्हाट्सएप पर अपने मोबाइल से सिपाही की वर्दी में फोटो भी भेजी थी। इसी वजह से उन्होंने कृष्णा की बातों पर विश्वास कर लिया। इसके बाद उन्होंने कृष्णा को घर पर तीन लाख छप्पन हजार रुपये नकद दिए और बाकी रुपये अन्य लोगों से उधार लेकर उसके खाते में ट्रांसफर किए।
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इसके अतिरिक्त बेटे अजय कुमार ने अपने फोन पे नंबर से कृष्णा यादव के फोन पे नंबर पर कई बार में लगभग चार लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान किया और लगभग चार लाख रुपये गांव वालों से उधार लेकर बैंक के जरिये कृष्णा यादव के खाते में भेजे थे। कृष्णा ने बेटे का जिला सेवायोजन कार्यालय गाजीपुर में पंजीकरण कराया था और इसकी काॅपी अक्तूबर 2023 में उन्हें देकर कहा था कि अब तुम्हारी जल्दी ही पुलिस में नौकरी लग जाएगी, क्योकि मैंने तुम्हारा रोजगार कार्यालय गाजीपुर में पंजीकरण करा दिया है, लेकिन आज तक नौकरी नहीं लगी।
बेटे अजय और उन्होंने खुद कई बार कृष्णा यादव के फोन पर फोन करके कहा कि अगर तुम पुलिस में भर्ती नहीं करा सकते तो उनका पैसा वापस कर दो। इसके कुछ दिन बाद कृष्णा यादव उनके घर पर आया और उन्हें बैरकपुर पश्चिम बंगाल राज्य का मूल निवास प्रमाणपत्र और स्थायी आवासीय पते का प्रमाणपत्र देकर कहा कि अब वह उसे बंगाल पुलिस में भर्ती करा देगा।
जब अजय ने इस मूल निवास प्रमाणपत्र की इंटरनेट से जांच की तो यह फर्जी पाया गया। जब कृष्णा को इस बारे में बताया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब उन्होंने व्हाट्सएप काॅल किया तो फोन पर गाली देकर कहने लगा कि मैं पुलिस में हूं। आइंदा पैसे मांगने की हिम्मत की तो तुम्हें जान से मरवा दूंगा। जब वह व उनका बेटा अजय उसके गांव तोडार गए तो पता चला कि उसने गांव में भी आसपास के लोगों से पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी कर ली है।