Aligarh News: गवाहों ने बदली हत्या-लूट की कहानी, चारों आरोपियों संग बरी हुए बेटा-बहूरानी
19 फरवरी 2021 को दिनदहाड़े नौरंगाबाद स्थित कुलदीप ज्वेलर्स के स्वामी के घर में घुसकर लूट के दौरान उनकी पत्नी कंचन वर्मा की हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना में एक करोड़ से ज्यादा का जेवरात जाने का उल्लेख किया गया था।
विस्तार
अलीगढ़ के क्वार्सी क्षेत्र की एटा चुंगी से सटे सरोज नगर में कुलदीप ज्वेलर्स के घर एक करोड़ से ज्यादा की लूट व पत्नी की हत्या में आरोपी बेटा-बहू सहित चारों आरोपी बरी हो गए। वर्ष 2021 के बहुचर्चित हत्या-लूटकांड में यह फैसला गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण आया और अदालत में पुलिस की कहानी टिक नहीं सकी। इसी आधार पर अपर सत्र न्यायालय से सोमवार को चारों आरोपी बरी कर दिए।
घटनाक्रम के अनुसार, 19 फरवरी 2021 को दिनदहाड़े नौरंगाबाद स्थित कुलदीप ज्वेलर्स के स्वामी के घर में घुसकर लूट के दौरान उनकी पत्नी कंचन वर्मा की हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना में एक करोड़ से ज्यादा का जेवरात जाने का उल्लेख किया गया था। कुलदीप ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया। मगर 24 घंटे में पुलिस ने सीसीटीवी, मोबाइल सर्विलांस आदि की मदद से कुलदीप के बेटे योगेश उर्फ राजा, उसकी कथित पत्नी सोनम उर्फ चित्रा व सहेली शेहजल चौहान व शेहजल के प्रेमी तनुज को गिरफ्तार कर घर से लूटा गया एक करोड़ से अधिक का माल बरामद किया था। पुलिस ने घटना के खुलासे में पाया कि योगेश ने परिवार के विरोध के बावजूद सोनम से प्रेम विवाह किया था और अलग रह रहा था।
अपने खर्चे पूरे करने व अलग गृहस्थी बसाने के लिए योगेश ने प्रेमिका व दोस्तों संग मिलकर अपने ही घर में इस लूट को अंजाम दिया। घटना के वक्त योगेश के साथ उसका दोस्त शामिल रहा, जबकि साजिश में योगेश की प्रेमिका व उसकी सहेली शामिल रहीं। मामले में पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की माल बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, फिंगर प्रिंट, बाल, मोबाइल पर वॉयस रिकार्ड आदि साक्ष्यों के साथ 300 पेज की चार्जशीट मई 2021 में न्यायालय में दी। जिससे पहले माल शिनाख्त की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। सत्र परीक्षण के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामबाबू शर्मा की ओर से तथ्य पेश किए गए कि पुलिस ने झूठी कहानी बनाई है। जो माल बरामद होना दिखाया है, वह खुद कुलदीप व उनके बेटे योगेश है। अदालत में दलील दी कि बेशक बेटा अलग रहता है। मगर, कारोबार पिता के साथ करता है।
पिता अपना माल अपने घर व बेटा अपना माल अपने घर ले जाता था। वही माल बेटे के पास से बरामद दिखा दिया है, जबकि लूटा गया माल नहीं मिला। इधर, इस मामले में पुलिस की ओर से जो ९ गवाह बनाए गए, उनमें से परिवार के ५ गवाह में वादी पिता, बुआ, बुआ का बेटा व दो अन्य परिजन थे। वे सभी पक्षद्रोही हो गए और पुलिस की कहानी के साथ खड़े नहीं हुए। हालांकि अभियोजन के गवाह व साक्ष्य भी न्यायालय में रखे गए। मगर गवाहों के पक्षद्रोही होने के आधार पर सोमवार को न्यायालय ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया। अधिवक्ता रामबाबू शर्मा का कहना है कि न तो हमारा माल बरामद हुआ और न सही आरोपी पकड़े थे। यह बात हमने साबित की और वही मुकदमा छूटने का आधार बना। इधर, एडीजीसी रामकुमार इसकी पुष्टि करते हुए बताते हैं कि गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण मुकदमा छूटा है।
ऐसे हुई थी हत्या
पुलिस चार्जशीट के अनुसार दोपहर में घर में महिला अकेली थी। तभी बेटा दरवाजे पर आया। महिला किसी अपरिचित के लिए दरवाजा नहीं खोलती थी। बेटे ने दरवाजा खुलवाया और अंदर दोस्त के साथ जाकर पहले मां को बाथरूम में गला घोंटकर मारा। फिर सेफ तोड़कर वहां से माल ले गया। बाद में बुआ का बेटा जब घर आया और घर खुला पाया। तब परिवार को खबर दी। इस दौरान जांच में सीसीटीवी में पुलिस को बाइक पर दो युवक घर से जाते कैद पाए। उनकी मोबाइल कॉल डिटेल ने पहचान योगेश व तरुण के रूप में कराई थी। बाद में उन्होंने माल बरामद कराया था।
ये थे आरोपी
योगेश उर्फ राजा सरोज नगर एटा चुंगी क्वार्सी (आरोपी बेटा)
सोनम उर्फ चित्रा नगला मसानी देहली गेट (बेटे की कथित पत्नी)
तनुज चौधरी देवनगर खैर बाईपास बन्नादेवी(बेटे का दोस्त)
शेहजल चौहान उर्फ रिनी गूलर रोड बन्नादेवी (दोस्त की प्रेमिका)