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अलीगढ़ विधानसभा चुनाव : किसके कार्यालय पर लगेगा ताला, फैसला आज
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विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान है। आज तय हो जाएगा कि किस पार्टी के कार्यालय पर अलीगढ़ का ताला लगेगा और कौन विधायक निर्वाचित होकर विधान सभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेगा।
वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में जनपद की सभी सात सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई थी। इस बार तीन चेहरे बदले हुए हैं। शहर विधान सभा क्षेत्र से विधायक संजीव राजा के बदले उनकी पत्नी मुक्ता राजा भाजपा की प्रत्याशी हैं। बरौली विधान सभा क्षेत्र से दलवीर सिंह की जगह एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह मैदान में हैं।
इगलास विधान सभा क्षेत्र से राजकुमार सहयोगी भाजपा के प्रत्याशी हैं। 2017 में यहां से राजवीर दिलेर भाजपा प्रत्याशी थे। 2019 के चुनाव में हाथरस लोकसभा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद विधान सभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उप चुनाव में राजकुमार सहयोगी विधायक निर्वाचित हुए थे। अतरौली से राज्यमंत्री संदीप सिंह, कोल विधान सभा क्षेत्र से अनिल पाराशर, छर्रा विधान सभा क्षेत्र से रवेंद्रपाल सिंह एवं खैर विधानसभा क्षेत्र से अनूप प्रधान फिर से भाजपा के प्रत्याशी हैं।
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चुनाव में चर्चा में होता है अलीगढ़ का ताला
चाहें लोकसभा चुनाव हो या विधान सभा चुनाव। अलीगढ़ का ताला हमेशा चर्चा में रहता है। 2014 एवं 2019 के लोकसभा एवं 2017 के विधान सभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताले का जिक्र कर चुके हैं। यह भी कहा था कि विरोधी पार्टियों के कार्यालय पर अलीगढ़ का ताला लग जाएगा। इस बार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अलीगढ़ के ताले का उल्लेख जगह-जगह कर रहे हैं। वह भाजपा पर अलीगढ़ का ताला लगाने की बात कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके दफ्तर पर ताला लगाती है।
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वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में जनपद की सभी सात सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई थी। इस बार तीन चेहरे बदले हुए हैं। शहर विधान सभा क्षेत्र से विधायक संजीव राजा के बदले उनकी पत्नी मुक्ता राजा भाजपा की प्रत्याशी हैं। बरौली विधान सभा क्षेत्र से दलवीर सिंह की जगह एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह मैदान में हैं।
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इगलास विधान सभा क्षेत्र से राजकुमार सहयोगी भाजपा के प्रत्याशी हैं। 2017 में यहां से राजवीर दिलेर भाजपा प्रत्याशी थे। 2019 के चुनाव में हाथरस लोकसभा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद विधान सभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उप चुनाव में राजकुमार सहयोगी विधायक निर्वाचित हुए थे। अतरौली से राज्यमंत्री संदीप सिंह, कोल विधान सभा क्षेत्र से अनिल पाराशर, छर्रा विधान सभा क्षेत्र से रवेंद्रपाल सिंह एवं खैर विधानसभा क्षेत्र से अनूप प्रधान फिर से भाजपा के प्रत्याशी हैं।
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चुनाव में चर्चा में होता है अलीगढ़ का ताला
चाहें लोकसभा चुनाव हो या विधान सभा चुनाव। अलीगढ़ का ताला हमेशा चर्चा में रहता है। 2014 एवं 2019 के लोकसभा एवं 2017 के विधान सभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताले का जिक्र कर चुके हैं। यह भी कहा था कि विरोधी पार्टियों के कार्यालय पर अलीगढ़ का ताला लग जाएगा। इस बार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अलीगढ़ के ताले का उल्लेख जगह-जगह कर रहे हैं। वह भाजपा पर अलीगढ़ का ताला लगाने की बात कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके दफ्तर पर ताला लगाती है।