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पास के लिए थोक व्यापारियों की बेमियादी हड़ताल

Sun, 12 Apr 2020 12:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2020 12:18 AM IST
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Wholesale merchants are on strike.
लॉकडाउन के चलते लड़खड़ाती आपूर्ति में एक और ब्रेक लग गया है। शनिवार को महावीरगंज थोक बाजार में सख्ती से बंदी कराते वक्त अधिकारियों-थोक व्यापारियों में कहासुनी हो गई, जिसके बाद थोक बाजार के व्यापारी हड़ताल पर चले गए। हालांकि, जिला प्रशासन इसका समाधान कराने जुट गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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वाकया सुबह महावीरगंज का है। एडीएम सिटी राकेश मालपाणी, एसपी सिटी अभिषेक अमले के साथ थोक बाजार में बंदी कराने का पालन कराने निकले थे। आटा कारोबारी के प्रतिष्ठान के आगे कुछ और व्यापारी खड़े थे। व्यापारियों ने अधिकारियों से नुमाइश मैदान तक माल पहुंचाने का पास बनवाने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि पास की जरूरत नहीं है। बस इस पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। इसके कुछ घंटों बाद ही छिपैटी में व्यापारी नेता ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय के आवास पर व्यापारियों ने बैठक की। जिसमें राज कुमार दाल वाले, विशाल, भरत अग्रवाल, राजा सहपऊ, प्रवीण मैदा वाले, विवेक अग्रवाल, आकाश, गिरीश चंद्र, संतोष बैठक में शामिल हुए। व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन ने बिना सोचे समझे थोक बाजार बंद करा दिया और नुमाइश मैदान जाने का फैसला ले लिया। ऐसे में बिना पास के वहां कैसे पहुंचा जाए। इसके बाद व्यापारियों ने बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया।
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एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने कहा कि महावीर गंज में मैं और एसपी सिटी अपने अमले के साथ गश्त पर थे। जिन लोगों ने दुकानें खोल रखीं थीं, उनको बंद करने को कहा जा रहा था। किसी भी दुकानदार ने पास की बात नहीं की। विरोधाभास या बहसबाजी जैसी कोई बात किसी दुकानदार से नहीं हुई। बेवजह की चीजों को सामने लाकर प्रशासन पर इस तरह के आरोप लगाना गलत है। लॉक डाउन के दौरान सभी अपने-अपने काम को सफलतापूर्वक करें, जिससे की समाज को कोई परेशानी ना उठानी पड़े।
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व्यापारी नेता ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि प्रशासन से उनकी मांग है कि खुद तय करें कि व्यापारियों का कोई सम्मान है या नहीं है..? अगर व्यापारियों से बदसलूकी करने से ही व्यवस्थाएं बेहतर हो सकती है, तो ऐसा सोचना भी गलत है। अगर नुमाइश मैदान में दुकानें लगवानी हैं तो जाने का रास्ता भी देना होगा। सामान ले जाने वाले वाहनों को पास भी जारी करना होगा। बिना उसके माल कैसे वहां तक पहुंचेगा..? जब तक व्यापारियों के सवालों का जवाब नहीं मिल जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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