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अलीगढ़ः शहर में कौन होगा भाजपा प्रत्याशी... संजीव राजा या कोई और
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शहर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा का प्रत्याशी कौन होगा? संजीव राजा या कोई और? भाजपा ही नहीं बल्कि विरोधी दल के नेताओं को भी भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार है। लोग बेसब्री से प्रत्याशी के नाम की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
अलीगढ़ शहर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। जिले के सात में से छह विधान सभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो चुकी है। पूरे ब्रज क्षेत्र में एक मात्र शहर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा बाकी है। 22 साल पहले थाना बन्नादेवी क्षेत्र में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के मामले में अदालत ने संजीव राजा को दो साल की सजा सुनाई थी। विधायक संजीव राजा ने हाईकोर्ट में स्टे के लिए अपील दायर की है। 17 से 19 जनवरी 2022 के बीच इस मामले में सुनवाई होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसकी वजह से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस मामले में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
28 से अधिक दावेदार
शहर विधानसभा क्षेत्र में 28 से अधिक नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि दावेदारों की संख्या अधिक होना भी विलंब का कारण हो सकता है। पार्टी, संगठन एवं आरएसएस की पृष्ठभूमि से जुड़े कई नेता व कार्यकर्ता टिकट के दावेदार है। इन पर अलीगढ़, आगरा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के नेताओं का हाथ है। पूरी स्थिति एक-दो दिन में स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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क्या कहना है संजीव राजा का
मैं पार्टी का सिपाही हूं और आगे भी रहूंगा। पार्टी का जो भी निर्णय होगा स्वीकार है। सजा के मामले में हाईकोर्ट में 17 से 19 के बीच में सुनवाई होने की उम्मीद है। - संजीव राजा, विधायक।
शहर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा एक-दो दिन में होेने की उम्मीद है। पार्टी के फैसले का इंतजार है। शीर्ष नेतृत्व का निर्णय सभी को स्वीकार है। - डॉ. विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष, भाजपा।
सपा के जफर को हराकर विधायक बने थे राजा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में सपा के जफर आलम को 15440 मतों से पराजित कर भाजपा के संजीव राजा शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। कांटे की टक्कर हुई थी। 246417 मतदाताओं ने मतदान किया था, जिसमें से 113752 (46.22 प्रतिशत) मत संजीव राजा ने हासिल की थी। सपा के जफर आलम को 98312 (39.95 प्रतिशत) मत पड़े थे। तीसरे स्थान पर बसपा के मोहम्मद आरिफ थे, जिनको 25704 (10.44 प्रतिशत) मत मिले थे।
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अलीगढ़ शहर विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। जिले के सात में से छह विधान सभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो चुकी है। पूरे ब्रज क्षेत्र में एक मात्र शहर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा बाकी है। 22 साल पहले थाना बन्नादेवी क्षेत्र में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के मामले में अदालत ने संजीव राजा को दो साल की सजा सुनाई थी। विधायक संजीव राजा ने हाईकोर्ट में स्टे के लिए अपील दायर की है। 17 से 19 जनवरी 2022 के बीच इस मामले में सुनवाई होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसकी वजह से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस मामले में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
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28 से अधिक दावेदार
शहर विधानसभा क्षेत्र में 28 से अधिक नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि दावेदारों की संख्या अधिक होना भी विलंब का कारण हो सकता है। पार्टी, संगठन एवं आरएसएस की पृष्ठभूमि से जुड़े कई नेता व कार्यकर्ता टिकट के दावेदार है। इन पर अलीगढ़, आगरा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के नेताओं का हाथ है। पूरी स्थिति एक-दो दिन में स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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क्या कहना है संजीव राजा का
मैं पार्टी का सिपाही हूं और आगे भी रहूंगा। पार्टी का जो भी निर्णय होगा स्वीकार है। सजा के मामले में हाईकोर्ट में 17 से 19 के बीच में सुनवाई होने की उम्मीद है। - संजीव राजा, विधायक।
शहर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा एक-दो दिन में होेने की उम्मीद है। पार्टी के फैसले का इंतजार है। शीर्ष नेतृत्व का निर्णय सभी को स्वीकार है। - डॉ. विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष, भाजपा।
सपा के जफर को हराकर विधायक बने थे राजा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में सपा के जफर आलम को 15440 मतों से पराजित कर भाजपा के संजीव राजा शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। कांटे की टक्कर हुई थी। 246417 मतदाताओं ने मतदान किया था, जिसमें से 113752 (46.22 प्रतिशत) मत संजीव राजा ने हासिल की थी। सपा के जफर आलम को 98312 (39.95 प्रतिशत) मत पड़े थे। तीसरे स्थान पर बसपा के मोहम्मद आरिफ थे, जिनको 25704 (10.44 प्रतिशत) मत मिले थे।