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निगरानी में लगे ग्राम विकास अधिकारी की डेंगू से मौत
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गांव नरूपुरा में डेंगू जैसी बीमारी फैलने के बाद वहां सफाई आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे ग्राम विकास अधिकारी रंजीत सिंह की बुधवार सुबह डेंगू से मौत हो गई। वे ड्यूटी के दौरान पिछले सप्ताह बुखार की चपेट में आए और फिर उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको डेंगू घोषित हुआ। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार यह डेंगू से जिले में पहली मौत है।
गंगीरी के गांव हिदरामई के ग्राम विकास अधिकारी रंजीत सिंह बिजौली ब्लाक के गांव नरूपुरा कटका में ड्यूटी लगाई गई थी। वहां बीमारी फैलने पर उन्हें कलस्टर अधिकारी बनाया गया था। जहां वे कई दिन तक सफाई, दवा छिड़काव, निगरानी आदि में लगे रहे। आठ दिन पहले पिता का निधन होने पर वह गंगीरी चौराहा स्थित अपने घर आए थे।
पिता का अंतिम संस्कार करने के दूसरे दिन ही रंजीत सिंह को बुखार आया। आठ अक्तूबर को सीएचसी छर्रा पर हुई जांच में डेंगू पाया गया तो परिजन पहले जिला मुख्यालय और वहां से दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले गए, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बुधवार सुबह उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस सूचना पर ब्लाक में शोक घोषित किया गया। यह जिले में पहली मौत मानी जा रही है और इलाके में एंटी लार्वा छिड़काव आदि का दावा किया जा रहा है।
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रंजीत सिंह परिवार में पत्नी के अलावा बेटा व बेटी को बिलखता छोड़ गए हैं। बता दें कि रंजीत सिंह जिस नरूपुरा में तैनात किए गए थे। वह हॉट स्पाट घोषित हुआ था और उनकी निगरानी में गांव में स्वास्थ्य शिविर आदि घोषित किया था। इस गांव में पिछले कुछ दिन में कई मरीज सामने आए हैं।
बुधवार को सात और नए मरीज मिले
इधर, बारिश के बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार को सात नए मरीज मिले हैं, इस तरह जिले में मिले मरीजों की संख्या 120 पहुंच गई है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि टीमें लगातार सक्रिय हैं।
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गंगीरी के गांव हिदरामई के ग्राम विकास अधिकारी रंजीत सिंह बिजौली ब्लाक के गांव नरूपुरा कटका में ड्यूटी लगाई गई थी। वहां बीमारी फैलने पर उन्हें कलस्टर अधिकारी बनाया गया था। जहां वे कई दिन तक सफाई, दवा छिड़काव, निगरानी आदि में लगे रहे। आठ दिन पहले पिता का निधन होने पर वह गंगीरी चौराहा स्थित अपने घर आए थे।
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पिता का अंतिम संस्कार करने के दूसरे दिन ही रंजीत सिंह को बुखार आया। आठ अक्तूबर को सीएचसी छर्रा पर हुई जांच में डेंगू पाया गया तो परिजन पहले जिला मुख्यालय और वहां से दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले गए, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बुधवार सुबह उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस सूचना पर ब्लाक में शोक घोषित किया गया। यह जिले में पहली मौत मानी जा रही है और इलाके में एंटी लार्वा छिड़काव आदि का दावा किया जा रहा है।
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रंजीत सिंह परिवार में पत्नी के अलावा बेटा व बेटी को बिलखता छोड़ गए हैं। बता दें कि रंजीत सिंह जिस नरूपुरा में तैनात किए गए थे। वह हॉट स्पाट घोषित हुआ था और उनकी निगरानी में गांव में स्वास्थ्य शिविर आदि घोषित किया था। इस गांव में पिछले कुछ दिन में कई मरीज सामने आए हैं।
बुधवार को सात और नए मरीज मिले
इधर, बारिश के बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार को सात नए मरीज मिले हैं, इस तरह जिले में मिले मरीजों की संख्या 120 पहुंच गई है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि टीमें लगातार सक्रिय हैं।