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गफलत में है यूपी बोर्ड परीक्षा 2021
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राजा तिवारी, अलीगढ़।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान मार्च 2020 में भले ही यूपी बोर्ड परीक्षा पर कोई असर न पड़ा हो, लेकिन 2021 की परीक्षा गफलत में पड़ गई है। जिन दिनों में परीक्षा केंद्रों की आधारभूत सूचनाओं का सत्यापन हो जाता था और बोर्ड की वेबसाइट पर डीआईओएस सत्यापन सूची अपलोड कर देते थे, उन दिनों में अभी तक सत्यापन का कार्य ही शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में 2021 की परीक्षा में देरी की संभावना भी जताई जा रही है।
वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण काल के दौरान लॉकडाउन लगने से पहले ही यूपी बोर्ड की परीक्षाएं संपन्न हो गई थीं। ऐसे में इस परीक्षा पर कोरोना का कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। लेकिन प्रधानाचार्य 20 सितंबर तक कमरे, सीट, पेयजल, विद्यालय स्थान जैसी आधारभूत सूचनाओं को अपलोड कर देते थे। इसके बाद डीआईओएस टीम भेजकर इन स्कूलों द्वारा अपलोड की गई सूचना का सत्यापन कराते थे। यह कार्य अक्तूबर के पहले सप्ताह तक कर लिया जाता था। 20 अक्तूबर तक त्रुटिपूर्ण आंकड़ों को सही किया जाता था। इसके बाद डीआईओएस 31 अक्तूबर तक अपनी सत्यापन रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे। इस बार यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। इसी सूचना के आधार पर बोर्ड परीक्षा केंद्र का निर्धारण करता है।
शासन से आधारभूत सूचनाओं को अपलोड करने और सत्यापन के संबंध में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। उच्चाधिकारियों का आदेश आने के बाद ही उनके अनुरूप प्रक्रिया शुरू कराएंगे। -डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़।
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कोरोना संक्रमण काल के दौरान मार्च 2020 में भले ही यूपी बोर्ड परीक्षा पर कोई असर न पड़ा हो, लेकिन 2021 की परीक्षा गफलत में पड़ गई है। जिन दिनों में परीक्षा केंद्रों की आधारभूत सूचनाओं का सत्यापन हो जाता था और बोर्ड की वेबसाइट पर डीआईओएस सत्यापन सूची अपलोड कर देते थे, उन दिनों में अभी तक सत्यापन का कार्य ही शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में 2021 की परीक्षा में देरी की संभावना भी जताई जा रही है।
वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण काल के दौरान लॉकडाउन लगने से पहले ही यूपी बोर्ड की परीक्षाएं संपन्न हो गई थीं। ऐसे में इस परीक्षा पर कोरोना का कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। लेकिन प्रधानाचार्य 20 सितंबर तक कमरे, सीट, पेयजल, विद्यालय स्थान जैसी आधारभूत सूचनाओं को अपलोड कर देते थे। इसके बाद डीआईओएस टीम भेजकर इन स्कूलों द्वारा अपलोड की गई सूचना का सत्यापन कराते थे। यह कार्य अक्तूबर के पहले सप्ताह तक कर लिया जाता था। 20 अक्तूबर तक त्रुटिपूर्ण आंकड़ों को सही किया जाता था। इसके बाद डीआईओएस 31 अक्तूबर तक अपनी सत्यापन रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे। इस बार यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। इसी सूचना के आधार पर बोर्ड परीक्षा केंद्र का निर्धारण करता है।
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शासन से आधारभूत सूचनाओं को अपलोड करने और सत्यापन के संबंध में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। उच्चाधिकारियों का आदेश आने के बाद ही उनके अनुरूप प्रक्रिया शुरू कराएंगे। -डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़।
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