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फर्जी फायर एनओसी पर चलते मिले दो नर्सिंग होम
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अनूपशहर रोड के दो नर्सिंग होम को फर्जी फायर एनओसी से संचालित किया जा रहा था। अग्निशमन विभाग की जांच में जब यह भेद खुला तो खुद नर्सिंग होम संचालक दंग रह गए। उन्होंने राजस्थान के धौलपुर की एक कंपनी पर एनओसी जारी करने का दोष मढ़ दिया। फिलहाल, सीएफओ स्तर से दोनों नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन रद्द करने व मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
अग्निशमन अधिकारी द्वितीय द्वारा अनूपशहर रोड के गनेश सर्जिकल हॉस्पिटल व न्यू कष्णा हॉस्पिटल की जांच की गई। जांच में पाया गया कि दोनों के भवनों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं है। इनकी एनओसी भी जांच में संदिग्ध पाई गईं। जब ऑनलाइन पोर्टल पर देखा गया तो इन दोनों के नाम पर एनओसी नंबर से क्रमश: 6 अप्रैल व 24 अप्रैल को कोई एनओसी जारी ही नहीं की गई हैं और न ही अग्निशमन विभाग के कार्यालय में इनके नाम से कोई रिकार्ड/यूआईडी मौजूद है। जांच में स्पष्ट हुआ कि ये दोनों एनओसी फर्जी हैं। फर्जी एनओसी की की मदद से स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया गया है। इसको लेकर सीएफओ विवेक शर्मा की ओर से सीएमओ को इन दोनों हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति की गई है। साथ में अगिभनशमन अधिकारी को मुकदमे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नर्सिंग होम संचालकों ने खुद कराया मुकदमा
जांच में एनओसी फर्जी पाए जाने के बाद हॉस्पिटल संचालकों द्वारा बयान दिया गया है कि उन्होंने इस एनओसी के लिए राजस्थान के धौलपुर की एक कंपनी को आवेदन किया था। निजी क्षेत्र की उस कंपनी के राघव नाम के कर्मचारी ने एनओसी दिलाने का जिम्मा लिया था। उसी ने यह एनओसी दिलवाई हैं। वे इस प्रक्रिया से अंजान थे। उनके इस बयान व उनके द्वारा लिखित में दी गई तहरीर के आधार पर क्वार्सी पुलिस ने उस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय सिंह के अनुसार, मुकदमा दर्ज है। इसमें अग्निशमन विभाग की जांच रिपोर्ट शामिल कर आगे की विवेचना की जाएगी, जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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- दो नर्सिंग होम की एनओसी फर्जी पाई गई हैं। उनके विषय में रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति की गई है। मुकदमे के लिए जांच रिपोर्ट सहित तहरीर पुलिस को दी है। दोनों के संचालकों ने भी तहरीर दी है। उन्होंने ये स्वीकारा है कि उन्हें किसी ने अपने जाल में फंसाकर फर्जी एनओसी थमा दी है। पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने का काम करेगी।
- विवेक शर्मा, सीएफओ
पहले भी पकड़ा जा चुका है इस तरह का फर्जीवाड़ा
अलीगढ़ शहर में फायर विभाग की फर्जी एनओसी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अपने शहर में एक युवक को इसी तरह के फर्जीवाड़े में जेल भेजा गया था। वह युवक महकमे के एक कर्मचारी का बेटा था। उसने लोगों से धन ऐंठकर विभाग से प्रपत्र व मुहर आदि लेकर फर्जी एनओसी जारी की थीं। ये वे एनओसी थीं, जिनके विषय में विभाग को कोई जानकारी नहीं थी। शिकायत पर डीआईजी स्तर से कार्रवाई कराई गई थी।
ऑनलाइन एनओसी दिलाने वालों से बचें : सीएफओ
सीएफओ विवेक शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार या अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी करने के लिए किसी निजी एजेंसी को या किसी को ऑनलाइन एनओसी देने का अधिकार नहीं दे रखा है। एनओसी के लिए सीधे विभाग से ही संपर्क करना होगा। अगर कहीं कोई व्यक्ति खुद एनओसी दिलाने की बात कहता है तो उसके विषय में विभाग को सूचना दें।
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अग्निशमन अधिकारी द्वितीय द्वारा अनूपशहर रोड के गनेश सर्जिकल हॉस्पिटल व न्यू कष्णा हॉस्पिटल की जांच की गई। जांच में पाया गया कि दोनों के भवनों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं है। इनकी एनओसी भी जांच में संदिग्ध पाई गईं। जब ऑनलाइन पोर्टल पर देखा गया तो इन दोनों के नाम पर एनओसी नंबर से क्रमश: 6 अप्रैल व 24 अप्रैल को कोई एनओसी जारी ही नहीं की गई हैं और न ही अग्निशमन विभाग के कार्यालय में इनके नाम से कोई रिकार्ड/यूआईडी मौजूद है। जांच में स्पष्ट हुआ कि ये दोनों एनओसी फर्जी हैं। फर्जी एनओसी की की मदद से स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया गया है। इसको लेकर सीएफओ विवेक शर्मा की ओर से सीएमओ को इन दोनों हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति की गई है। साथ में अगिभनशमन अधिकारी को मुकदमे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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नर्सिंग होम संचालकों ने खुद कराया मुकदमा
जांच में एनओसी फर्जी पाए जाने के बाद हॉस्पिटल संचालकों द्वारा बयान दिया गया है कि उन्होंने इस एनओसी के लिए राजस्थान के धौलपुर की एक कंपनी को आवेदन किया था। निजी क्षेत्र की उस कंपनी के राघव नाम के कर्मचारी ने एनओसी दिलाने का जिम्मा लिया था। उसी ने यह एनओसी दिलवाई हैं। वे इस प्रक्रिया से अंजान थे। उनके इस बयान व उनके द्वारा लिखित में दी गई तहरीर के आधार पर क्वार्सी पुलिस ने उस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय सिंह के अनुसार, मुकदमा दर्ज है। इसमें अग्निशमन विभाग की जांच रिपोर्ट शामिल कर आगे की विवेचना की जाएगी, जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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- दो नर्सिंग होम की एनओसी फर्जी पाई गई हैं। उनके विषय में रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति की गई है। मुकदमे के लिए जांच रिपोर्ट सहित तहरीर पुलिस को दी है। दोनों के संचालकों ने भी तहरीर दी है। उन्होंने ये स्वीकारा है कि उन्हें किसी ने अपने जाल में फंसाकर फर्जी एनओसी थमा दी है। पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने का काम करेगी।
- विवेक शर्मा, सीएफओ
पहले भी पकड़ा जा चुका है इस तरह का फर्जीवाड़ा
अलीगढ़ शहर में फायर विभाग की फर्जी एनओसी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अपने शहर में एक युवक को इसी तरह के फर्जीवाड़े में जेल भेजा गया था। वह युवक महकमे के एक कर्मचारी का बेटा था। उसने लोगों से धन ऐंठकर विभाग से प्रपत्र व मुहर आदि लेकर फर्जी एनओसी जारी की थीं। ये वे एनओसी थीं, जिनके विषय में विभाग को कोई जानकारी नहीं थी। शिकायत पर डीआईजी स्तर से कार्रवाई कराई गई थी।
ऑनलाइन एनओसी दिलाने वालों से बचें : सीएफओ
सीएफओ विवेक शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार या अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी करने के लिए किसी निजी एजेंसी को या किसी को ऑनलाइन एनओसी देने का अधिकार नहीं दे रखा है। एनओसी के लिए सीधे विभाग से ही संपर्क करना होगा। अगर कहीं कोई व्यक्ति खुद एनओसी दिलाने की बात कहता है तो उसके विषय में विभाग को सूचना दें।