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Aligarh News: सर्दी, जुकाम, बुखार के बीच इंफ्लुएंजा पकड़ रहा जोर, मेडिकल कॉलेज में दो और मरीज की पुष्टि
Sat, 18 Mar 2023 01:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2023 01:11 AM IST
सार
अलीगढ़ में इंफ्लुएंजा के संदिग्ध मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसका उदाहरण जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन देखने को मिल रहा है। तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, थकान और सूखी खांसी के लक्षण वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
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H3N2 Virus
- फोटो : Istock
विस्तार
सर्दी, जुकाम, बुखार के बीच इंफ्लुएंजा लगातार जोर पकड़ रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को हल्के लक्षण वाले दो और संदिग्ध मरीजों में इंफ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। जिन्हें उपचार व दवा देकर घर में रहकर इलाज की सलाह दी गई है।
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इस दौरान एक बात देखने में आ रही है कि बच्चों के साथ-साथ सांस के मरीजों को इस बीमारी में ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं जिला प्रशासन के स्तर पर अभी इसकी जांच की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। दीनदयाल-जिला अस्पताल में भी लगातार मरीज पहुंच रहे हैं। मगर डॉक्टरों की कमी के कारण बेहद परेशान रहते हैं।
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शहर में इंफ्लुएंजा के संदिग्ध मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसका उदाहरण जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन देखने को मिल रहा है। तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, थकान और सूखी खांसी के लक्षण वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी हो रही है। सांस के मरीजों को भी अधिक समस्या है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शुक्रवार को हुई जांच में दो मरीजों में इंफ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डा.राकेश भार्गव के अनुसार हल्के लक्षण वाले दो नए मरीज पुष्ट हुए हैं। निमोनिया के मरीज भी लगातार सामने आ रहे हैं।
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निमोनिया भी पकड़ रहा जोर, दस मरीज भर्ती
इस बीमारी के बीच निमोनिया भी जोर पकड़ रहा है। हर दिन मेडिकल कॉलेज में 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं। इसके गंभीर मरीजों को टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। दस मरीज आइसीयू में भर्ती हैं।
डॉक्टरों की कमी से छटपटा रहे मरीज
जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। शुक्रवार को भी दोनों अस्पतालों में मरीजों की भीड़ रही। मगर डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज ओपीडी में परेशान भटकते रहे। जिला अस्पताल में तो जैसे तैसे व्यवस्था की गई। मगर दीनदयाल का हाल ज्यादा खराब रहा। आलम ये था कि ओपीडी में डॉक्टरों के न होने के कारण मरीज भटकते रहे।