तुमसे है उजाला: महिलाओं की संघर्ष गाथा, बनेगी दूसरों के लिए प्रेरणादायी, ऐसे भेजें एंट्री
27 फरवरी को तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में पहुंचीं महिलाओं ने “तुमसे है उजाला” अभियान को शानदार बताया।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला ने विशेष अभियान “तुमसे है उजाला” की शुरुआत की है। जिनके जुनून, हौसले और संघर्ष से उनके परिवार, समाज या समुदाय में सकारात्मक बदलाव आया है। उनके हौसले की प्रेरक कहानी न केवल छपेगी, बल्कि प्रेरणादायक महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
इस विशेष अभियान से सामाजिक, शैक्षिक और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट करने वालीं महिलाएं जुड़ने लगी हैं। 27 फरवरी को तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में पहुंचीं महिलाओं ने “तुमसे है उजाला” अभियान को शानदार बताया। अमर उजाला उन्हें अपनी बात कहने का बेहतरीन मौका दे रहा है। अब उनकी जुनून, हौसले और संघर्ष की कहानी दूसरों के लिए प्रेरणादायी बनेगी।
अमर उजाला की है एक शानदार मुहिम
“तुमसे है उजाला” अमर उजाला की एक शानदार मुहिम है। उन महिलाओं की कहानी भी दुनिया के सामने आएगी, जो अब तक छिपी थी।- रितु माहेश्वरी, भजन गायक
अमर उजाला की ओर से की गई पहल एक बेहतरीन प्रयास है, जो महिलाओं के संघर्षों, पहचान और सफलताओं को अंधकार से निकालकर उजाला दिखाएगा।-डॉ. आरती मित्तल, प्रधानाचार्या, मदर्स टच स्कूल
अमर उजाला की इस मुहिम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। महिलाओं के उत्कृष्ट योगदान को समाज के सामने लाने का प्रयास सराहनीय है।-गीतू माहेश्वरी, कवियित्री
महिला दिवस पर उन महिलाओं की संघर्षगाथा सामने आएगी, जिससे ज्यादातर अंजान थे। अपनी कार्यों की वजह से दूसरों के लिए वह उजाला बनी हैं।-कमल टुटेजा, बिजनेस वूमेन
तुझसे है उजाला, जितना अच्छा नाम है, उससे कहीं ज्यादा उसकी नीयत अच्छी लगती है। महिलाओं के हौसले को अमर उजाला एक प्लेटफॉर्म देगा।-इंजी. नेहा वार्ष्णेय, बिजनेस वूमेन
अमर उजाला ने प्रेरक कहानी के लिए स्वयं पहल की है। यह अच्छी बात है। महिलाओं की प्रेरक कहानियां छपेंगी, तो दूसरे उनसे प्रेरित होंगे।-डॉ. दिव्या गुप्ता, प्राध्यापिका, आरएमपीएसयू
अमर उजाला का हमेशा सामाजिक सरोकारों से नाता रहा है। अब महिलाओं की प्रेरक कहानियां अमर उजाला में छपेंगी, जो सराहनीय है।-डॉ. रचना अग्रवाल, दंत चिकित्सक
आधी आबादी के पास भी बेशुमार कहानियां हैं, जो किसी से साझा नहीं कर पाती हैं। अब तुझसे है उजाला में उनकी प्रेरक कहानियां छपेंगी।-डॉ. लक्ष्मी गौतम, शिक्षिका, एएमयू एबीके स्कूल
“तुझसे है उजाला” अमर उजाला एक शानदार पहल है। महिलाओं की प्रेरक कहानी अब दूसरों के लिए प्रेरणादायी बनेगी। अमर उजाला का आभार।-रेहाना शाहीन, अंतरराष्ट्रीय शायरा
ऐसा नहीं है कि अमर उजाला ने पहली इस तरह का अभियान शुरू किया है। इससे पहले भी महिलाओं से जुड़े अभियान शुरू हो चुके हैं। इनमें अपराजिता शामिल है।-डॉ. दिव्या लहरी, सामाजिक कार्यकर्ता
शहर में ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने दम पर एक नई इबारत लिखी है। अब मौका आ गया है, उन प्रेरक कहानियों को अमर उजाला में जानने का।-पारुल सचदेवा, संचालिका, क्लाउड किचन
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला की मुहिम की प्रशंसा करते हैं। उन महिलाओं की छिपी प्रेरक कहानियां अब अमर उजाला में छपेंगी।-भावना गुप्ता, एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट
तीन मार्च तक मौका
इस अभियान में भाग लेने की अंतिम तिथि 3 मार्च, 2025 है।
ऐसे करें आवेदन, लिखें अपनी कहानी
- दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें और अपनी जानकारी भरें।
- 60 से 80 शब्दों में अपनी कहानी लिखें।
- अपने कार्य की 2-3 तस्वीरें अपलोड करें या एक मिनट का वीडियो (अधिकतम 4 एमबी) साझा करें।
- सुनिश्चित करें कि आपकी कहानी वास्तविक और मौलिक हो। अपलोड की गई तस्वीरें या वीडियो स्पष्ट हों।