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Aligarh: ट्रेन की चपेट में आकर भाई-बहन एवं आठ माह की बच्ची की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
Wed, 16 Nov 2022 06:13 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Wed, 16 Nov 2022 06:13 PM IST
सार
मूल रूप से मऊ के थाना मुहम्मदाबाद के चकवर मोझी देवला निवासी 25 वर्षीय शैलेंद्र कुमार अपनी 35 वर्षीय बहन शिखा उनकी 16 वर्षीय बेटी श्वेता और आठ माह की बेटी शिवानी के साथ आजमगढ़ - मऊ से कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे।
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ट्रेन से कटकर तीन की मौत (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह आजमगढ़ से दिल्ली जा रहे एक मजदूर परिवार के सगे भाई-बहन एवं आठ माह की बच्ची की बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई जबकि एक किशोरी बाल-बाल बच गई।
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हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग प्लेटफार्म संख्या चार से सात की ओर रेलवे ट्रैक पार कर जा रहे थे। यहां से उन्हें ईएमयू पैसेंजर ट्रेन से दादरी स्टेशन पर जाना था। मूल रूप से मऊ के थाना मुहम्मदाबाद के चकवर मोझी देवला निवासी 25 वर्षीय शैलेंद्र कुमार अपनी 35 वर्षीय बहन शिखा उनकी 16 वर्षीय बेटी श्वेता और आठ माह की बेटी शिवानी के साथ आजमगढ़ - मऊ से कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे।
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अलीगढ़ स्टेशन आने पर शैलेंद्र बहन और बच्चों के साथ प्लेटफार्म संख्या चार पर उतर गए। यहां से उन्हें ईएमयू पैसेंजर ट्रेन से सवार होकर जाना था। सुबह करीब छह बजे चार नंबर प्लेटफार्म से सात नंबर प्लेटफार्म की ओर रेलवे ट्रैक पार करने लगे। तभी टूंडला की ओर से आ रही बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर शैलेंद्र, शिखा, आठ माह की बच्ची शिवानी की मौत हो गई। जबकि किसी तरह से 16 वर्षीय बेटी श्वेता बाल-बाल बच गई।
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हादसे के बाद वहां यात्रियों की भीड़ जुट गई। आरपीएफ और जीआरपी ने तीनों के शवों को ट्रैक से हटवाया। तीनों के पास से दादरी स्टेशन तक ट्रेन का साधारण टिकट मिला है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के बीच अगर फेंसिंग लगी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। फेंसिंग नहीं होने से कई घटनाएं हो चुकी हैं। हादसे के बाद से श्वेता का रो-रोकर बुरा हाल है। आरपीएफ पोस्ट कमांडर राजीव वर्मा ने बताया कि हादसे के बारे में परिजनों को सूचना दे दी गई है।