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गवाही से मुकरा परिवार, साक्ष्यों ने दिलाई बेटी संग यौन अपराध में पिता को सजा

Wed, 13 Jul 2022 12:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2022 12:51 AM IST
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The family refused to testify, the evidence led to the punishment of the father in the sexual offense with the daughter
क्वार्सी क्षेत्र की एक बस्ती में तीन वर्ष पूर्व साढ़े पांच वर्ष की बेटी संग दुष्कर्म के आरोपी पिता को यौन अपराध का दोषी मानते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो प्रथम ओमवीर की अदालत से सुनाया गया है। खास बात यह है कि परिवार इस मुकदमे में गवाही से मुकर गया, मगर अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, यह मुकदमा 26 नवंबर 2019 को बच्ची के नाना ने दर्ज कराया था। मुकदमे के अनुसार, उनकी बेटी के तीन बेटियों है। वह सबसे छोटी ढाई वर्ष की बेटी को लेकर मायके चली आई। ससुराल में साढ़े पांच साल व तीन वर्ष की दो बेटियां पिता के पास रह गईं। 25 नवंबर की शाम को वादी को खबर मिली कि बड़ी धेवती संग उसके पिता ने गलत काम किया है। थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस विवेचना, मेडिकल परीक्षण, बच्ची के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान आदि की प्रक्रिया के बाद चार्जशीट दायर कर दी गई।
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जनवरी 2020 से ट्रायल शुरू हुआ। छह गवाह अभियोजन की ओर से पेश किए गए, जिनमें खुद वादी, पीड़ित की मां, पीड़ित बच्ची, मेडिकल करने वाली डॉ. नगमा, विवेचक इंस्पेक्टर व मुकदमा लेखक शामिल हैं। एक गवाह बचाव पक्ष की ओर से पेश किया गया। न्यायालय में वादी, पीड़ित की मां व पीड़ित गवाही से मुकर गए, मगर मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर व 164 के बयान में यह तय पाया गया कि बच्ची के साथ यौन अपराध हुआ। यह भी पाया कि बच्ची चूंकि मां-बाप के प्रभाव में है। इसलिए खुलकर बोल नहीं पा रही है। इस आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को दस वर्ष कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही, जुर्माना राशि पीड़ित बच्ची को देने और वादी के पक्षद्रोही होने पर उसके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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