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Aligarh News: बिजली घर में शव रखकर परिवार वालों ने किया हंगामा, 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग
Tue, 23 Jul 2024 05:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Updated Tue, 23 Jul 2024 05:45 AM IST
सार
हरपाल सिंह शटडाउन लेकर टिकटा गांव के पास लाइन की खराबी दूर करने का काम कर रहे थे। अचानक से बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। इससे करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौत हो गई थी।
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हंगामा करते ग्रामीणों को समझाते अधिकारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
22 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे संविदा कर्मी हरपाल का शव रखकर परिजनों व ग्रामीणों ने अरनी बिजली घर पर हंगामा शुरू कर दिया। वह मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने मृतक के परिवार को साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा, विभागीय प्रक्रिया के तहत मृतक की पत्नी को पेंशन और विभागीय कर्मियों की ओर से सामूहिक सहयोग राशि मुहैया कराने का आश्वासन दिया। तब दोपहर ढाई बजे के बाद परिजन शव लेकर अपने गांव चले गए।
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थाना पालीमुकीमपुर के गांव रूपवास निवासी 33 वर्षीय हरपाल सिंह पुत्र मक्खन सिंह रविवार को शटडाउन लेकर टिकटा गांव के पास लाइन की खराबी दूर करने का काम कर रहे थे। अचानक से बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। इससे करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौत हो गई थी।
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हादसे के बाद बिजली घर के मशीन कक्ष में ताला बंद कर रोस्टर रजिस्टर सहित एसएसओ फरार हो गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों सहित ग्रामीण अरनी बिजली घर पहुंच गए। करीब 300 महिला-पुरुष हंगामा करते हुए एसएसओ पर मुकदमा, मृतक के परिवार को मुआवजा की मांग करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद विभाग के अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार, एसडीओ शत्रुघ्न सिंह, जेई जयकिशन और नायब तहसीलदार पहुंच गए थे। अधिकारियों के समझाने पर साढ़े पांच घंटे बाद हंगामा समाप्त हुआ।
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