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एएमयू में सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण मिलना संदिग्ध
Thu, 17 Jan 2019 01:58 AM IST
राजेश सिंह
कौशल कुमार ओझा, अमर ुजाला, अलीगढ़
कौशल कुमार ओझा, अमर ुजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 17 Jan 2019 01:58 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सामान्य वर्ग के गरीबों को दस प्रशिक्षण आरक्षण मिलना मौजूदा समय में संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इस आशंका की प्रमुख वजह यह है कि तमाम विवादों के बावजूद एससी, एसटी, व ओबीसी छात्रों को भी अब तक यहां आरक्षण हासिल नहीं हो पाया है।
एएमयू में आरक्षण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यहां एससी, एसटी एवं ओबीसी को भी दाखिले या नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया भी इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं। वर्तमान समय में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
जानकारों का कहना है कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, सामान्य वर्ग के गरीबों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना संदिग्ध है। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का भी कहना है कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में एडमिशन पालिसी यथावत रहेगी।
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उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की घोषणा की है। इसको देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शैक्षणिक संस्थानों में 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। इससे संबंधित अधिसूचना इसी सप्ताह जारी होने की उम्मीद है।
एएमयू में आरक्षण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यहां एससी, एसटी एवं ओबीसी को भी दाखिले या नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया भी इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं। वर्तमान समय में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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जानकारों का कहना है कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता, सामान्य वर्ग के गरीबों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना संदिग्ध है। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का भी कहना है कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में एडमिशन पालिसी यथावत रहेगी।
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उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की घोषणा की है। इसको देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शैक्षणिक संस्थानों में 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। इससे संबंधित अधिसूचना इसी सप्ताह जारी होने की उम्मीद है।