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अकराबाद कांडः दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर परिवार नाराज
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परिवार के लोगो से मिलने पहुंचे सपा नेता रामजी लाल सुमन।
- फोटो : CITY OFFICE
किशोरी की हत्या के तीसरे दिन भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने और घटना का खुलासा न होने से परिवार व ग्रामीण नाराज हैं। साथ में पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि न होने की बात उजागर होने पर भी उनमें गुस्सा है। मंगलवार को जब एसएसपी घटनास्थल पर जांच कर रहे थे, तब वहां परिवार व गांव के लोग पहुंचे और नाराजगी जताई। उन्होंने पूरा भरोसा दिलाया कि घटना सौ फीसद सही खुलेगी और जो साक्ष्य होंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। किसी को निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि न होने के सवाल पर भी उन्होंने महिलाओं को समझाया कि जो डॉक्टरों ने बताया है, वही हमने माना है। कुल मिलाकर महिलाओं को समझाकर वे वहां से हटे।
नानी और मां से पूछे घटनास्थल को लेकर सवाल
एसएसपी ने किशोरी की नानी व मां से भी तमाम जानकारियां कीं। करीब एक दर्जन सवाल ऐसे थे, जिन्हें लेकर एसएसपी परिवार से कुछ जानना चाहते थे। उन्होंने पूछा कि कितने समय वे वहां चारा लेने जाया करती थीं। उस दिन क्यों अकेली भेजी गई। रास्ता क्या हुआ करता था। कौन-कौन लोगों के खेत आसपास हैं। कौन-कौन लोग अक्सर वहां रहा करते थे। कौन-कौन लोग किशोरी के घर आया करते थे।
सादा कपड़ों में महिला पुलिस पर बिगड़ी महिलाएं
घटना के खुलासे को लेकर एसएसपी ने सादा कपड़ों में कुछ महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं के बीच लगा दिया था। दोपहर में जब इन महिला पुलिस कर्मियों ने ज्यादा सवाल जवाब किए तो परिवार व गांव की महिलाओं को कुछ असहज सा लगा। महिलाएं यह कहते हुए बिगड़ गईं कि आप पुलिस से इतने सवाल क्यों नहीं पूछ रहीं। पुलिस को खुलासा करना है, हमें नहीं। कुल मिलाकर कुछ देर को वहां माहौल तनावपूर्ण हुआ तो महिला पुलिसकर्मियों ने वहां से निकलने में ही अपनी भलाई समझी।
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पड़ोसी गांव से क्यों नहीं आया संवेदना जताने : ग्रामीण
इस घटना को लेकर ग्रामीणों का पूरा संदेह उन दो लोगों पर है, जो घटनास्थल के पास खेत में पानी लगा रहे थे। वे पड़ोसी गांव के सवर्ण जाति के लोग हैं। पीड़ित परिवार से जुड़े ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद आसपास क्षेत्र के सभी गांवों के लोग संवेदना जताने हमारे पास आए हैं। बस उसी गांव से अभी तक कोई नहीं आया। इससे साफ है कि उनके गांव के लोगों के मन में कोई पाप है। वे उस पाप को छिपाना चाहते हैं। इसीलिए वे अभी तक हमारे यहां संवेदना जताने नहीं आए।
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नानी और मां से पूछे घटनास्थल को लेकर सवाल
एसएसपी ने किशोरी की नानी व मां से भी तमाम जानकारियां कीं। करीब एक दर्जन सवाल ऐसे थे, जिन्हें लेकर एसएसपी परिवार से कुछ जानना चाहते थे। उन्होंने पूछा कि कितने समय वे वहां चारा लेने जाया करती थीं। उस दिन क्यों अकेली भेजी गई। रास्ता क्या हुआ करता था। कौन-कौन लोगों के खेत आसपास हैं। कौन-कौन लोग अक्सर वहां रहा करते थे। कौन-कौन लोग किशोरी के घर आया करते थे।
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सादा कपड़ों में महिला पुलिस पर बिगड़ी महिलाएं
घटना के खुलासे को लेकर एसएसपी ने सादा कपड़ों में कुछ महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं के बीच लगा दिया था। दोपहर में जब इन महिला पुलिस कर्मियों ने ज्यादा सवाल जवाब किए तो परिवार व गांव की महिलाओं को कुछ असहज सा लगा। महिलाएं यह कहते हुए बिगड़ गईं कि आप पुलिस से इतने सवाल क्यों नहीं पूछ रहीं। पुलिस को खुलासा करना है, हमें नहीं। कुल मिलाकर कुछ देर को वहां माहौल तनावपूर्ण हुआ तो महिला पुलिसकर्मियों ने वहां से निकलने में ही अपनी भलाई समझी।
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पड़ोसी गांव से क्यों नहीं आया संवेदना जताने : ग्रामीण
इस घटना को लेकर ग्रामीणों का पूरा संदेह उन दो लोगों पर है, जो घटनास्थल के पास खेत में पानी लगा रहे थे। वे पड़ोसी गांव के सवर्ण जाति के लोग हैं। पीड़ित परिवार से जुड़े ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद आसपास क्षेत्र के सभी गांवों के लोग संवेदना जताने हमारे पास आए हैं। बस उसी गांव से अभी तक कोई नहीं आया। इससे साफ है कि उनके गांव के लोगों के मन में कोई पाप है। वे उस पाप को छिपाना चाहते हैं। इसीलिए वे अभी तक हमारे यहां संवेदना जताने नहीं आए।