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आगरा विवि से सात साल बाद मिली अंकतालिका कहीं दिखाने लायक नहीं
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आगरा विवि छात्र-छात्राओं की समस्या का निदान कर पाने में आज भी असमर्थ है। यही वजह है कि शहर के डीएस कॉलेज में विधि अंतिम वर्ष के छात्र व छात्र नेता अमित गोस्वामी की बीकॉम की अंकतालिका सात साल बाद कॉलेज आई है। अंकतालिका मिलने के बावजूद यह किसी काम की नहीं है। क्योंकि मार्कशीट पर एमडब्ल्यू (मार्क्स वेटिंग) लिखा हुआ है। अमित गोस्वामी ने बताया कि छात्रों की समस्या के निदान के लिए कुलपति से मिलकर अलीगढ़ में काउंटर स्थापित कराएंगे।
अमित गोस्वामी ने वर्ष 2013 में बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। जिसके बाद मार्च 2021 में इसकी अंकतालिका कॉलेज में आई है। शनिवार को अंकतालिका देखकर अमित गोस्वामी परेशान हो गए। क्योंकि यह अंकतालिका किसी को दिखाई नहीं जा सकती है। अमित गोस्वामी ने बताया कि अब तक नेट की कॉपी से काम करते रहे हैं। नेट पर अपलोड बीकॉम की अंकतालिका में पास दिखाया गया है। जबकि मूल अंक तालिका में दो विषयों में एमडब्ल्यू लिखकर आया है।
उन्होंने बताया कि विवि के कर्मचारी जानबूझकर ऐसा करते हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जाता है। हर तीसरे छात्र की अंकतालिका पर एमडब्ल्यू लिखा आ रहा है। इसे सही कराने के चक्कर में छात्र-छात्राएं अपना समय भी बर्बाद करते हैं और धन भी। जल्द ही कुलपति से मुलाकात कर अंकतालिका की समस्या के निस्तारण के लिए अलीगढ़ में काउंटर स्थापित कराएंगे।
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अमित गोस्वामी ने वर्ष 2013 में बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। जिसके बाद मार्च 2021 में इसकी अंकतालिका कॉलेज में आई है। शनिवार को अंकतालिका देखकर अमित गोस्वामी परेशान हो गए। क्योंकि यह अंकतालिका किसी को दिखाई नहीं जा सकती है। अमित गोस्वामी ने बताया कि अब तक नेट की कॉपी से काम करते रहे हैं। नेट पर अपलोड बीकॉम की अंकतालिका में पास दिखाया गया है। जबकि मूल अंक तालिका में दो विषयों में एमडब्ल्यू लिखकर आया है।
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उन्होंने बताया कि विवि के कर्मचारी जानबूझकर ऐसा करते हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जाता है। हर तीसरे छात्र की अंकतालिका पर एमडब्ल्यू लिखा आ रहा है। इसे सही कराने के चक्कर में छात्र-छात्राएं अपना समय भी बर्बाद करते हैं और धन भी। जल्द ही कुलपति से मुलाकात कर अंकतालिका की समस्या के निस्तारण के लिए अलीगढ़ में काउंटर स्थापित कराएंगे।
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