Aligarh: नगर निगम में महिला व दरोगा के बीच खींचतान, हुई धक्का-मुक्की, एक दूसरे पर मढ़े आरोप
दरोगा संग महिला ने अभद्रता करते हुए सर्विस पिस्टल तक छीन ली। काफी देर हंगामे के बाद किसी तरह भीड़ जमा होने पर सहायक नगर आयुक्त पूजा श्रीवास्तव ने विवाद शांत कराया। मामले में दरोगा की ओर से महिला के खिलाफ तहरीर दी गई है।
विस्तार
बताया गया है कि नोएडा और सराय रहमान बन्नादेवी के परिवार के बीच नोएडा की एक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद में दोनों पक्षों का संपत्ति के मूल मालिक के मृत्यु प्रमाण पत्र पर अपना अपना दावा है। इसी विवाद में पिछले दिनों सराय रहमान नई आबादी की शाहजहां ने 10 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप है कि नोएडा में उनका 32 वर्ग मीटर का प्लाट है। जिसे वह कोर्ट से भी जीत चुकी हैं। मगर उस पर मालिकाना हक जताते हुए नोएडा सेक्टर 70 निवासी संदीप व उमेश 27 मार्च को घर पर आए। खुद को नगर निगम से बताते हुए नोएडा वाले मकान के मूल कागज मांगे। कागज न दिखाने पर गालीगलौज की। साथ में प्लाट उसके नाम न करने पर धमकी दी। इस मुकदमे की विवेचना रसलगंज चौकी प्रभारी महीपाल सिंह कर रहे हैं।
इधर, सोमवार को संदीप व उनकी पत्नी अलका गर्ग अपने पक्ष के दस्तावेजों की जानकारी के लिए नगर निगम आए थे। यह जानकारी महीपाल सिंह को हुई तो वह संदीप को नोटिस तामील कराने नगर निगम पहुंच गए। दरोगा का कहना है कि वह संदीप से उसका नाम पूछकर बात कर रहे थे। तभी उनकी पत्नी अल्का गर्ग ने विरोध करते हुए अभद्रता शुरू कर दी। इस पर वहां दोनों में खींचतान हो गई। इस दौरान पिस्टल खींचने की कोशिश की गई। वहीं महिला का आरोप है कि दरोगा उनके पति को जबरन करते हुए धमका रहे थे तो वह उसका अपने मोबाइल में वीडियो बनाने लगी। इसी बात पर दरोगा भडक़ गया और मोबाइल छीनते हुए खींचतान व धक्कामुक्की कर दी।
सिपाही ने महिला के साथ अभद्रता व खींचतान की। मोबाइल छीनकर जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस हंगामे के दौरान नगर निगम में भीड़ जमा हो गई। सहायक नगर आयुक्त पूजा श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर विवाद शांत कराया। बाद में दरोगा ने महिला के खिलाफ धमकी, गाली देने, वर्दी फाडऩे व पिस्टल छीनने के प्रयास में तहरीर दी है। इस मामले में सीओ द्वितीय विशाल चौधरी ने बताया कि दरोगा मुकदमे में नोटिस तामील कराने गए थे। इस दौरान महिला विरोध में आ गई। महिला के जो आरोप हैं, उनकी जांच की जा रही है। सीसीटीवी व वायरल वीडियो देखा जा रहा है। महिला के आरोपों की भी जांच हो रही है। दरोगा के अपने आरोप हैं।
यह है मूल विवाद
इस विवाद के विषय में सहायक नगर आयुक्त पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि एक मृत्यु प्रमाणपत्र का यह प्रकरण है। जिसमें नूर मोहम्मद की मौत के बाद 16 मार्च 2022 को ग्राम पंचायत हरदासपुर तहसील कोल में मृत्यु प्रमाणपत्र का आवेदन हुआ। उसके अगले ही दिन 17 मार्च को जन्म प्रमाणपत्र जारी हो गया। इस पर संदीप व उनकी पत्नी अल्का ने इसे फर्जी बताकर आपत्ति लगाई। जांच में डीपीआरओ ने बताया कि उनके यहां से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं हुआ। इस आधार पर यह पत्र फर्जी साबित हुआ। अब नगर निगम ने 16 जून 2023 को एसडीएम कोल की रिपोर्ट लगने पर नगर निगम से प्रमाणपत्र जारी किया गया। इसे भी फर्जी करार दिया गया है।
इसी मामले में जांच में मृतक व शाहजहां नाम की महिला के बीच पति-पत्नी के रिश्तों की रिपोर्ट सफाई निरीक्षक ने दी है। इसी तथ्य की जानकारी के लिए नोएडा के दंपती आए थे। उनसे दोपहर तक बैठने के लिए कहा गया था। वे नगर निगम में बैठे थे। इसी दौरान पुलिस कहां से आई और उनके बीच विवाद हो गया। क्यों आई, यह जानकारी नहीं है। मगर उन दोनों में विवाद हुआ यह सही है। जो संपत्ति है, वह नोएडा में है। उसका शहर से कोई नाता नहीं है। मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्ष लड़ रहे हैं।