Christmas: अलीगढ़ में बनीं मदर मैरी और यीशु की मूर्तियां, क्रिसमस पर सजेंगी यूरोप के गिरजाघरों में
अलीगढ़ से ये मूर्तियां यूरोपीय देशों जैसे फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड और इटली सहित कई अन्य देशों को भेजी जा रही हैं। यहां बनने वाली कलाकृतियों में मुख्य रूप से मदर मैरी की दोनों हाथों से आशीर्वाद देती हुई मूर्ति। प्रभु यीशु की दोनों हाथों से आशीर्वाद देती हुई मूर्ति।
विस्तार
क्रिसमस के मौके पर अलीगढ़ में बनी पीतल की मदर मैरी और प्रभु यीशु की आकर्षक मूर्तियां यूरोप के गिरजाघरों की शोभा बढ़ाएंगी। खास बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा पीतल की मूर्तियों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किए जाने से इस कारोबार को बड़ी राहत मिली है, जिसका सीधा असर मूर्तियों की मांग पर देखने को मिल रहा है।
जीएसटी विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-2 अनिल कुमार राम त्रिपाठी कहते हैं कि पिछले टैक्स रिकॉर्ड को देखें तो 3.50 करोड़ रुपये तक का कारोबार हुआ था, जो अब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। अब पीतल की मूर्तियों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी है।
अलीगढ़ से ये मूर्तियां यूरोपीय देशों जैसे फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड और इटली सहित कई अन्य देशों को भेजी जा रही हैं। यहां बनने वाली कलाकृतियों में मुख्य रूप से मदर मैरी की दोनों हाथों से आशीर्वाद देती हुई मूर्ति। प्रभु यीशु की दोनों हाथों से आशीर्वाद देती हुई मूर्ति। प्रभु यीशु सलीब पर, एक फरिश्ते के साथ मदर मैरी और प्रभु यीशु की मूर्ति आदि अन्य विभिन्न प्रकार की धार्मिक मूर्तियां शामिल हैं। खास बात यह है कि अलीगढ़ के कारीगरों की बारीक नक्काशी और फिनिशिंग यूरोपीय खरीदारों को आकर्षित करती हैं।
जीएसटी में कटौती और यूरोप में क्रिसमस की तैयारियों के कारण पीतल की मूर्तियों की अच्छी मांग है। यह कारोबार और निर्यात के लिए भी अच्छा है। - केके वार्ष्णेय , पीतल कारोबारी
अलीगढ़ का पीतल पर हस्तशिल्प बहुत पसंद किया जाता है। यहां पर अभी भी कारीगर मैटल पर हाथ से नक्काशी करते हैं। जिसकी यूरोप में मांग है। - मोहित कुमार, पीतल कारोबारी
कच्चे माल की कीमत में वृद्धि का मांग पर असर नहीं
अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष वाष्र्णेय कहते हैं कि भले ही पीतल के कच्चे माल की कीमत में पिछले वर्ष की तुलना में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन मांग पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। कच्चे माल की कीमत में 100 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि होने के बावजूद, निर्यातकों को इस बार अच्छी मांग मिल रही है। वर्तमान में तैयार पीतल की मूर्तियों की कीमत 800 रुपये से 1200 रुपये प्रति किलो के बीच चल रही है, जो कारीगरों के लिए लाभप्रद साबित हो रही है।
सजावटी सामान की भी मांग
केवल मूर्तियां ही नहीं, अलीगढ़ से पीतल का सजावटी सामान भी यूरोप जाता है। पीतल कारोबारी हनुमंत राव गांधी कहते हैं कि अलीगढ़ के सजावटी सामान की यूरोप में काफी मांग है। ट्रंप के टैरिफ लगाए जाने के बाद कारोबारी यूरोप में एक बेहतर बाजार तलाश रहे हैं।
पिछले पांच वर्ष में पीतल के कच्चे माल के दाम (रुपये प्रति किलो)
वर्ष- रेट
सितंबर- 2019- 310
सितंबर- 2020 - 310
सितंबर - 2021- 460
सितंबर- 2022- 485
सितंबर- 2023 - 495
सितंबर - 2024- 525
सितंबर - 2025- 600