चीन का वसंत उत्सव: अलीगढ़ से भेजी गईं थीं भगवान बुद्ध की मूर्तियां, छह महीने पहले मिला था आर्डर
अलीगढ़ से अष्ट धातु की 22 किलोग्राम भार की दो फुट ऊंची 10 मूर्तियां चीन के शहर शंघाई भेजी गईं। इसके अलावा छोटे आकार की करीब 50 मूर्तियां भेजी गईं। इन मूर्तियों को वहां के लोग अतिथियों को सम्मानित कर उपहार स्वरूप भेंट करते हैं।
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चीन के नववर्ष के अवसर पर वसंत उत्सव 29 जनवरी से 12 फरवरी 2025 तक मनाया गया। अलीगढ़ में बनी भगवान बुद्ध की मूर्तियों ने इस उत्सव की शोभा बढ़ाई। अलीगढ़ में बनने वाली धातु की अलग-अलग आकार की बुद्ध की मूर्तियों की वहां अच्छी मांग रही।
अलीगढ़ से अष्ट धातु की 22 किलोग्राम भार की दो फुट ऊंची 10 मूर्तियां चीन के शहर शंघाई भेजी गईं। इसके अलावा छोटे आकार की करीब 50 मूर्तियां भेजी गईं। इन मूर्तियों को वहां के लोग अतिथियों को सम्मानित कर उपहार स्वरूप भेंट करते हैं।
अलीगढ़ में इन मूर्तियों का निर्माण करने वाले कमल हार्डवेयर और आर्टवेयर के कोमल कटारा कहते हैं कि छह महीने पहले इन मूर्तियों का आर्डर मिला था। इन मूर्तियों पर एक अलग तरह की फिनिशिंग की जाती है, जिसकी चीन में खासी मांग रहती है। इसके अलावा बुद्ध की छोटी मूर्तियों की मांग रहती है। पहली बार बड़े आकार की मूर्तियां यहां से मंगाई गई हैं।
पुराने कारीगरों को बुलाया गया
बड़े आकार की मूर्तियां बनाने के लिए अनुभवी कारीगरों की जरूरत थी। इनको जयगंज से खास तौर से बुलाया गया था। बेहद बारीकी से इन कारीगरों ने मूर्तियों को अंतिम रूप दिया। छोटे आकार में 1.8 किलोग्राम से लेकर 6.5 इंच तक की मूर्तियां शामिल हैं।
वसंत उत्सव चीन के नववर्ष का अवसर है
चीन में वसंत उत्सव (चीन का नव वर्ष) त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार चीन की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करता है। लोग अपने घरों को साफ करते हैं। नए कपड़े पहनते हैं। अपने परिवार के साथ मिलकर त्योहार की तैयारी करते हैं। लोग पारंपरिक गतिविधियों में भाग लेते हैं, जैसे ड्रैगन डांस और पारंपरिक संगीत।