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भाजपा के दांव पर सपा करेगी पलटवार, खटखटाएगी हाईकोर्ट का दरवाजा
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पत्रकारों से वार्ता करते अज्जू इश्हाक, मनोज यादव व अन्य। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
प्रदेश कैबिनेट द्वारा महानगर के आसपास के 16 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की घोषणा पर सपा ने पलटवार किया है। इसे भाजपा विशुद्ध सियासी ध्रुवीकरण से प्रेरित प्रस्ताव बताकर सपा ने विरोध का ऐलान किया है। नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव को विरोध पत्र भेजने के साथ सपा ने ऐलान किया है कि उसके सुझाए गए शहरी सीमा से सटे गांवों को शामिल नहीं किया गया और नए शामिल 16 गांवों को मिलाकर चुनाव कराया गया तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, पूर्व महासचिव मनोज यादव, डॉ.बादशाह खान आदि ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि 2017 के चुनाव में भाजपा नगर निगम का चुनाव हारी थी। इसी बौखलाहट और नगर निगम में वापसी के लिए भाजपा के विधायकों ने अपने दबाव में ऐसे 16 गांवों के प्रस्ताव देकर नगर निगम में शामिल करवा दिए हैं जो शहर से 2 से 8 किलोमीटर की दूरी पर बसे हैं। इन गांवों में हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अच्छी बढ़त मिली थी।
इससे उलट शहर से बिल्कुल सटे उन गांवों को प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया, जिनमें भाजपा इस विधानसभा चुनाव में कमजोर रही। सपा नेताओं ने कहा कि यह सीधा-सीधा सियासी समीकरण और धुव्रीकरण से जुड़ा प्रस्ताव है। नगर निगम प्रशासन ने भी दबाव में आकर जनता के साथ अन्याय किया है। भाजपा को मेयर की कुर्सी पर पहुंचाने के लिए यह किया गया है। इसका सपा विरोध करेगी और ऐसा कोई काम नहीं होने देगी, जो समाज को बांटती है। जरूरत हुई तो न्यायालय तक जाया जाएगा।
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इस संबध्ंा में पूर्व में मंडलायुक्त को भी ज्ञापन दिया गया था, मगर उस ज्ञापन को नजरंदाज कर दिया गया। इस मामले में सपा पुरजोर विरोध करेगी। इस मौके पर अब्दुल हमीद घोषी, मनोज माहेश्वरी मौजूद रहे।
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सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, पूर्व महासचिव मनोज यादव, डॉ.बादशाह खान आदि ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि 2017 के चुनाव में भाजपा नगर निगम का चुनाव हारी थी। इसी बौखलाहट और नगर निगम में वापसी के लिए भाजपा के विधायकों ने अपने दबाव में ऐसे 16 गांवों के प्रस्ताव देकर नगर निगम में शामिल करवा दिए हैं जो शहर से 2 से 8 किलोमीटर की दूरी पर बसे हैं। इन गांवों में हाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अच्छी बढ़त मिली थी।
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इससे उलट शहर से बिल्कुल सटे उन गांवों को प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया, जिनमें भाजपा इस विधानसभा चुनाव में कमजोर रही। सपा नेताओं ने कहा कि यह सीधा-सीधा सियासी समीकरण और धुव्रीकरण से जुड़ा प्रस्ताव है। नगर निगम प्रशासन ने भी दबाव में आकर जनता के साथ अन्याय किया है। भाजपा को मेयर की कुर्सी पर पहुंचाने के लिए यह किया गया है। इसका सपा विरोध करेगी और ऐसा कोई काम नहीं होने देगी, जो समाज को बांटती है। जरूरत हुई तो न्यायालय तक जाया जाएगा।
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इस संबध्ंा में पूर्व में मंडलायुक्त को भी ज्ञापन दिया गया था, मगर उस ज्ञापन को नजरंदाज कर दिया गया। इस मामले में सपा पुरजोर विरोध करेगी। इस मौके पर अब्दुल हमीद घोषी, मनोज माहेश्वरी मौजूद रहे।