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अलीगढ़ : दो की मौत के मामले में अवैध शीरा गोदाम पर लगाई सील
Mon, 12 Sep 2022 02:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला/अलीगढ़
अमर उजाला/अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 02:13 AM IST
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महानगर के कोतवाली क्षेत्र के सराय कावा में अवैध रूप से संचालित दस फुट गहरे टैंक वाले शीरा गोदाम पर रविवार को पुलिस-प्रशासनिक टीम ने आबकारी विभाग के सहयोग से सील ठोक दी। इस इलाके व आसपास अन्य ऐसे गोदाम देखे गए। मगर रविवार होने के कारण सभी बंद मिले। अभी जांच का काम एक-दो दिन और जारी रहेगा।
शनिवार दोपहर हुए घटनाक्रम में गोदाम संचालक कंछीलाल व मजदूर कालेशरण की मौत हो गई थी, जबकि तीसरा हीरा सिंह अभी उपचार पा रहा है। इसी क्रम में डीएम के निर्देश पर हुई जांच में अभी तक किसी भी विभाग से इस गोदाम का पंजीकरण या लाइसेंस नहीं मिला है।
चूंकि खुद इसके मालिक की मौत हो चुकी है। इसलिए यह भी उजागर नहीं हो पा रहा कि आखिर इसे अवैध रूप से शीरा कहां से मिलता था। इसकी तह में पहुंचने के लिए आबकारी टीम ने जांच शुरू कर दी है। इसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। रविवार को वहां पुलिस प्रशासन के साथ आबकारी विभाग की टीम फिर पहुंची और शीरा गोदाम पर सील ठोक दी। इस सील को जांच पूरी होने व यह तय होने के बाद ही खोला जाएगा कि माल कहां से आ रहा था।
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सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चूंकि इस इलाके में ढलइयों की संख्या अधिक है। ऐसे धंधे टीम ने देखे जो अवैध रूप से बिना पंजीकरण चल रहे हैं। मगर रविवार होने के कारण वे बंद मिले। अभी टीमें आगे जांच जारी रखेगी। यह देखा जाएगा कि कौन से ऐसे अवैध धंधे हैं जो जान माल के लिए नुकसान दायक हैं और वे बिना पंजीकरण या अनुमति के चल रहे हैं। इन सभी को जांच के आधार पर कार्रवाई की जद में लाया जाएगा।
जख्मी मजदूर के परिवार को मुआवजे की दरकार
इस दुर्घटना में जख्मी हीरा सिंह का जेएन मेडिकल कॉलेज में अभी उपचार चल रहा है। वेंटिलेटर पर उपचार पा रहे हीरा सिंह के परिवार को मदद की दरकार है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का कहना है कि उनसे लोग मिलने तो आ रहे हैं। मगर हमारे पास उपचार व दवा के खर्च के लिए रुपये तक नहीं है।
ऐसे में उपचार में समस्या आ रही है। हीरा सिंह के भाई भगत सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने कई तरह की जांच बताई हैं। मगर रुपयों के अभाव में जांच तक नहीं हो पा रही। लोग हाल लेने आ रहे हैं। मगर आर्थिक मदद किसी स्तर से नहीं मिली है। ब्यूरो
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शनिवार दोपहर हुए घटनाक्रम में गोदाम संचालक कंछीलाल व मजदूर कालेशरण की मौत हो गई थी, जबकि तीसरा हीरा सिंह अभी उपचार पा रहा है। इसी क्रम में डीएम के निर्देश पर हुई जांच में अभी तक किसी भी विभाग से इस गोदाम का पंजीकरण या लाइसेंस नहीं मिला है।
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चूंकि खुद इसके मालिक की मौत हो चुकी है। इसलिए यह भी उजागर नहीं हो पा रहा कि आखिर इसे अवैध रूप से शीरा कहां से मिलता था। इसकी तह में पहुंचने के लिए आबकारी टीम ने जांच शुरू कर दी है। इसका सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। रविवार को वहां पुलिस प्रशासन के साथ आबकारी विभाग की टीम फिर पहुंची और शीरा गोदाम पर सील ठोक दी। इस सील को जांच पूरी होने व यह तय होने के बाद ही खोला जाएगा कि माल कहां से आ रहा था।
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सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि चूंकि इस इलाके में ढलइयों की संख्या अधिक है। ऐसे धंधे टीम ने देखे जो अवैध रूप से बिना पंजीकरण चल रहे हैं। मगर रविवार होने के कारण वे बंद मिले। अभी टीमें आगे जांच जारी रखेगी। यह देखा जाएगा कि कौन से ऐसे अवैध धंधे हैं जो जान माल के लिए नुकसान दायक हैं और वे बिना पंजीकरण या अनुमति के चल रहे हैं। इन सभी को जांच के आधार पर कार्रवाई की जद में लाया जाएगा।
जख्मी मजदूर के परिवार को मुआवजे की दरकार
इस दुर्घटना में जख्मी हीरा सिंह का जेएन मेडिकल कॉलेज में अभी उपचार चल रहा है। वेंटिलेटर पर उपचार पा रहे हीरा सिंह के परिवार को मदद की दरकार है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का कहना है कि उनसे लोग मिलने तो आ रहे हैं। मगर हमारे पास उपचार व दवा के खर्च के लिए रुपये तक नहीं है।
ऐसे में उपचार में समस्या आ रही है। हीरा सिंह के भाई भगत सिंह ने बताया कि डॉक्टरों ने कई तरह की जांच बताई हैं। मगर रुपयों के अभाव में जांच तक नहीं हो पा रही। लोग हाल लेने आ रहे हैं। मगर आर्थिक मदद किसी स्तर से नहीं मिली है। ब्यूरो