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रोहिंग्या रफीक-आमीन के खंगाले जा रहे कनेक्शन

Mon, 21 Jun 2021 12:55 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 12:55 AM IST
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Rohingya Rafiq-Amen's connections being investigated
अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे अलीगढ़ में रह रहे रोहिंग्या रफीक-आमीन की गिरफ्तारी के बाद एटीएस उनके कनेक्शन खंगालने में जुटी है। यूपी के अलग-अलग शहरों में टीमें उनसे जुड़े लोगों तक पहुंचने को प्रयासरत हैं। रिमांड के दौरान कुछ जानकारियां मिली हैं, उसी के आधार पर यह काम एटीएस स्तर से किया जा रहा है। इसके पीछे मंशा उनसे जुड़े नेटवर्क के एक एक व्यक्ति तक पहुंचना और सोना व महिला तस्करी के सुराग तलाशना भी है।
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एटीएस ने यहां मकदूम नगर इलाके से रोहिंग्या रफीक व आमीन को गिरफ्तार किया था। बाद में उनको रिमांड पर लिया गया। इसी बीच मेरठ व बुलंदशहर से चार रोहिंग्या दबोचे गए, जिनमें से एक का अलीगढ़ आना-जाना उजागर हुआ। इनके पकड़े जाने पर सोना व महिला तस्करी के तथ्य उजागर हुए हैं। इस अवैध धंधे में उनके मददगारों तक पहुंचने, उन्हें भारत में प्रवेश कराने व पंजाब में काम के लिए भेजने वालों तक पहुंचने के लिए एटीएस लगी हुई है। अब तक की जांच में यह तो साफ हो गया है कि मेरठ व बुलंदशहर से पकड़े गए रोहिंग्या अवैध दस्तावेज बनवाने में मदद करते थे। अब टीमें यह भी जानने में जुटी हैं कि आखिर उनको फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद कौन करता था। कहां फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड, यूएनएचआरसी कार्ड छपते थे। इन तमाम सवालों के जवाब भी टीमें तलाश रही हैं।
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बिलाल को लेकर नहीं मिल रहा सुराग
एटीएस के तमाम प्रयास के बाद भी यहां से फरार हुए बिलाल को लेकर कोई सुराग नहीं मिल रहा है। न ही उसके साथ गए सौ से अधिक लोगों के विषय में कोई जानकारी मिल रही है। एटीएस की एक टीम उनके विषय में भी जानकारी जुटाने को प्रयासरत है।
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मकदूम नगर वाले अब रोहिंग्या को भगाने को तैयार
एटीएस की लगातार हो रही कार्रवाई के बाद शहर के मकदूम नगर के वे लोग अब रोहिंग्या परिवारों को भगाने को तैयार हैं, जो यहां किराये पर रह रहे हैं। यहां के लोगों को डर है कि कहीं इन लोगों को रखने के चक्कर में वे किसी झमेले में न फंस जाएं। इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई है और यहां वर्क परमिट पर रह रहे रोहिंग्या भी इस सुगबुगाहट से परेशान हैं।

जमीन नहीं खरीद सकते थे, इसलिए खरीदा सोना
सोने के छह बिस्किट सहित गिरफ्तार किए गए रफीक की पत्नी रूबिया ने रविवार को कुछ मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर कहा है कि उसके पति ने यह सोना अपनी कमाई से खरीदा है। उसका कहना है कि जब वे लोग भारत में जमीन नहीं खरीद सकते तो भविष्य में बेटियों की शादी की मंशा से सोना खरीदा है। अब रफीक के साढ़ू हसन ने एटीएस को कुछ बता दिया। उसके बताने पर यह गिरफ्तारी हुई है। वहीं अब यहां रोहिंग्या के सरगना का जिम्मा संभाल रहे जुबैर का कहना है कि लॉकडाउन से पहले रफीक पंजाब गया था। हो सकता है कि वहां से वह यह सोना लाया हो। इस विषय में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।
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