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लूट के बाद गाजियाबाद के खोड़ा में छिपे थे तीनों लुटेरे
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आरोपी सौरभ
- फोटो : CITY OFFICE
थाना बन्ना देवी में 11 सितंबर को सुंदर ज्वैलर्स के यहां हुई 35 लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम देने के बाद तीनों लुटेरे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में रह रहे थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह वारदात को अंजाम देने के लिए लिंक मार्गों से होकर घटनास्थल तक पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देकर वह मुख्य मार्ग से खैर रोड होते हुए फरार हो गए।
11 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे खैर बाईपास पर सुंदर ज्वैलर्स के यहां से बाइक सवार तीन बदमाशों ने 35 लाख रुपये कीमत के जेवर और 50 हजार रुपये की नकदी लूट ली थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, लेकिन बदमाशों के मुंह पर मास्क होने की वजह से उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी।
पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए इसके खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया था। एडीजी ने भी यहां आकर घटना के बारे में मालुमात की थी। पुलिस का कहना है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों आरोपी सौरभ कालिया, रोहित और मोहित निवासीगण सोफा खेड़ा खैर लॉकडाउन के समय से ही योजना बना रहे थे। इनका काम ही लूटपाट करना और उस पैसे से ऐश-ओ-आराम और महंगे शौक पूरे करना है। लॉकडाउन में सख्ती के चलते यह बदमाश कहीं भी लूट की घटना को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। जैसे ही लॉकडाउन में ढील मिली तो इन्होंने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
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फरवरी में ही बना ली थी ज्वेलर को लूटने की योजना
खैर रोड स्थित सुंदर ज्वैलर्स को लूटने की योजना बदमाशों ने फरवरी महीने में ही बना ली थी। नोएडा में तीनों बदमाश एक नामचीन पान मसाला फैक्टरी में नौकरी करते थे और साथ में अपराधों को भी अंजाम देते थे। तीनों बदमाशों में से एक का चाचा खैर रोड स्थित नादा पुल के पास रहता है। यह बदमाश अक्सर अपने साथी चाचा के पास आया करते थे। इस दौरान इनकी नजर खैर रोड पर सुंदर ज्वैलर्स की दुकान पर पड़ी। फरवरी में तीनों बदमाश सुंदर ज्वैलर्स की दुकान के सामने से होकर गुजरे थे।
बदमाशों ने इस दुकान की लोकेशन लेने के साथ आसपास के पूरे इलाके की रेकी भी कर ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वापस जाने के लिए भी इस दुकान को सबसे सही स्थिति में पाया था, लेकिन फरवरी महीने के बाद लॉकडाउन लगने के कारण वह इस लूटकांड को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई और पैसों की जरूरत महसूस हुई। एक बार फिर से तीनों बदमाशों को खैर रोड पर ज्वैलर्स की दुकान की याद आई और मौका लगते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
पूछताछ के लिए नोएडा पहुंचे एसपी क्राइम
अलीगढ़। तीनों बदमाशों की नोएडा में गिरफ्तारी होने के बाद एसपी क्राइम डॉ. अरविंद पूछताछ के लिए नोएडा पहुंच गए हैं। साथ में पुलिस की एक दूसरी टीम पीड़ित ज्वैलर्स को भी अपने साथ नोएडा ले गई है।
लगातार वायरल होते वीडियो ने बढ़ाई मुश्किल
सुंदर ज्वैलर्स के यहां लूट की घटना को अंजाम देते समय बदमाशों को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने अपनी ओर से पूरी सावधानी बरतते हुए यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल प्लाजा का भी इस्तेमाल नहीं किया। उन्हें शक था कि यहां से गुजरते समय वह कैमरे में कैद हो सकते हैं, लेकिन जब लूट कांड का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ तो बदमाशों की मुश्किलें बढ़ गईं। लगातार वीडियो के वायरल होने से उनका निकलना मुश्किल हो रहा था। इधर, लूटा हुआ माल भी ठिकाने लगाना था। यही वजह है कि वह बुधवार को ज्वेलरी बेचने के इरादे से निकले थे, लेकिन अलीगढ़ पुलिस के साथ नोएडा पुलिस भी इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी वजह से वह पकड़े गए।
विपक्ष ने बनाया था कानून व्यवस्था का मुद्दा
पिछले चार वर्ष में दूसरी बार सुंदर ज्वैलर्स के यहां लूट की इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई। विपक्षी पार्टियों ने सत्ताधारी पार्टी को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं ने घटना के विरोध में ट्विटर पर ट्वीट किया और प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर विफल बताया। दूसरी ओर, सरकार भी इस घटना को लेकर बेहद सतर्क थी। लखनऊ से लगातार इस घटना की ताजा जानकारी मांगी जा रही थी। घटना के खुलासे के लिए पुलिस पर भी बेहद दबाव था। अब इसके खुलासे के बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। शासन स्तर से भी पुलिस की पीठ थपथपाई गई है।
घटना के दूसरे दिन ही बदमाश पहचान लिए गए थे। गजियाबाद के खोंदा में मुखबिरों से इनकी सूचना भी मिली थी। हमारी टीम भी वहां पहुंच गई। मगर इनके मोबाइल नंबर न मिल पाने के कारण एक्जेगट लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। टीम गाजियाबाद व नोयडा में ही डेरा डाले थी। नोयडा व गाजियाबाद पुलिस भी मदद में थी। इसी बीच आज यह मुठभेड़ हो गई। अब बहुत जल्द ही इनको वी वारंट पर अलीगढ़ लाने के प्रयास होंगे। बाकी इनकी क्राइम हिस्ट्री भी जुटाई जा रही है। - मुनिराज जी,एसएसपी
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11 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे खैर बाईपास पर सुंदर ज्वैलर्स के यहां से बाइक सवार तीन बदमाशों ने 35 लाख रुपये कीमत के जेवर और 50 हजार रुपये की नकदी लूट ली थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, लेकिन बदमाशों के मुंह पर मास्क होने की वजह से उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी।
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पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए इसके खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया था। एडीजी ने भी यहां आकर घटना के बारे में मालुमात की थी। पुलिस का कहना है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों आरोपी सौरभ कालिया, रोहित और मोहित निवासीगण सोफा खेड़ा खैर लॉकडाउन के समय से ही योजना बना रहे थे। इनका काम ही लूटपाट करना और उस पैसे से ऐश-ओ-आराम और महंगे शौक पूरे करना है। लॉकडाउन में सख्ती के चलते यह बदमाश कहीं भी लूट की घटना को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। जैसे ही लॉकडाउन में ढील मिली तो इन्होंने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
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फरवरी में ही बना ली थी ज्वेलर को लूटने की योजना
खैर रोड स्थित सुंदर ज्वैलर्स को लूटने की योजना बदमाशों ने फरवरी महीने में ही बना ली थी। नोएडा में तीनों बदमाश एक नामचीन पान मसाला फैक्टरी में नौकरी करते थे और साथ में अपराधों को भी अंजाम देते थे। तीनों बदमाशों में से एक का चाचा खैर रोड स्थित नादा पुल के पास रहता है। यह बदमाश अक्सर अपने साथी चाचा के पास आया करते थे। इस दौरान इनकी नजर खैर रोड पर सुंदर ज्वैलर्स की दुकान पर पड़ी। फरवरी में तीनों बदमाश सुंदर ज्वैलर्स की दुकान के सामने से होकर गुजरे थे।
बदमाशों ने इस दुकान की लोकेशन लेने के साथ आसपास के पूरे इलाके की रेकी भी कर ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वापस जाने के लिए भी इस दुकान को सबसे सही स्थिति में पाया था, लेकिन फरवरी महीने के बाद लॉकडाउन लगने के कारण वह इस लूटकांड को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई और पैसों की जरूरत महसूस हुई। एक बार फिर से तीनों बदमाशों को खैर रोड पर ज्वैलर्स की दुकान की याद आई और मौका लगते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
पूछताछ के लिए नोएडा पहुंचे एसपी क्राइम
अलीगढ़। तीनों बदमाशों की नोएडा में गिरफ्तारी होने के बाद एसपी क्राइम डॉ. अरविंद पूछताछ के लिए नोएडा पहुंच गए हैं। साथ में पुलिस की एक दूसरी टीम पीड़ित ज्वैलर्स को भी अपने साथ नोएडा ले गई है।
लगातार वायरल होते वीडियो ने बढ़ाई मुश्किल
सुंदर ज्वैलर्स के यहां लूट की घटना को अंजाम देते समय बदमाशों को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रही हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने अपनी ओर से पूरी सावधानी बरतते हुए यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल प्लाजा का भी इस्तेमाल नहीं किया। उन्हें शक था कि यहां से गुजरते समय वह कैमरे में कैद हो सकते हैं, लेकिन जब लूट कांड का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ तो बदमाशों की मुश्किलें बढ़ गईं। लगातार वीडियो के वायरल होने से उनका निकलना मुश्किल हो रहा था। इधर, लूटा हुआ माल भी ठिकाने लगाना था। यही वजह है कि वह बुधवार को ज्वेलरी बेचने के इरादे से निकले थे, लेकिन अलीगढ़ पुलिस के साथ नोएडा पुलिस भी इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी वजह से वह पकड़े गए।
विपक्ष ने बनाया था कानून व्यवस्था का मुद्दा
पिछले चार वर्ष में दूसरी बार सुंदर ज्वैलर्स के यहां लूट की इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई। विपक्षी पार्टियों ने सत्ताधारी पार्टी को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं ने घटना के विरोध में ट्विटर पर ट्वीट किया और प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर विफल बताया। दूसरी ओर, सरकार भी इस घटना को लेकर बेहद सतर्क थी। लखनऊ से लगातार इस घटना की ताजा जानकारी मांगी जा रही थी। घटना के खुलासे के लिए पुलिस पर भी बेहद दबाव था। अब इसके खुलासे के बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। शासन स्तर से भी पुलिस की पीठ थपथपाई गई है।
घटना के दूसरे दिन ही बदमाश पहचान लिए गए थे। गजियाबाद के खोंदा में मुखबिरों से इनकी सूचना भी मिली थी। हमारी टीम भी वहां पहुंच गई। मगर इनके मोबाइल नंबर न मिल पाने के कारण एक्जेगट लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। टीम गाजियाबाद व नोयडा में ही डेरा डाले थी। नोयडा व गाजियाबाद पुलिस भी मदद में थी। इसी बीच आज यह मुठभेड़ हो गई। अब बहुत जल्द ही इनको वी वारंट पर अलीगढ़ लाने के प्रयास होंगे। बाकी इनकी क्राइम हिस्ट्री भी जुटाई जा रही है। - मुनिराज जी,एसएसपी

आरोपी रोहित- फोटो : CITY OFFICE

आरोपी मोहित।- फोटो : CITY OFFICE