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रावण दहन पर अनुमति की चिट्ठी ने किया विवाद
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कोविड-19 के नियमों के चलते बेशक इस बार रामलीला का आयोजन नहीं हुआ। मगर आयोजकों व जिला पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक में तय हो गया कि रावण दहन इस बार छोटे स्वरूप में रामलीला मैदान में ही कर लिया जाएगा। इसकी तैयारियों के बीच शनिवार देर रात उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब गांधीपार्क इंस्पेक्टर ने एक अनुमति नोटिस आयोजकों को भेज दिया। नोटिस पाकर कमेटी के लोग चौकी पहुंच गए और वहां नाराजगी जताई। हालांकि कमेटी के लोग यह कहकर चले आए कि रावण पुतला यहीं दहन होगा।
हुआ यूं कि इस बार रावण दहन नुमाइश मैदान के बजाय रामलीला मैदान में ही छोटे स्वरूप में दहन किया जाना तय हुआ है। इसे लेकर अधिकारियों से भी सहमति बन गई और तैयारियां भी पूरी हो गईं। इसी बीच शनिवार शाम अचल चौकी इंचार्ज ने गांधीपार्क इंस्पेक्टर की ओर से एक नोटिस रामलीला कमेटी के महामंत्री अरविंद कुमार के नाम भेजा गया, जिसमें उल्लेख है कि आपके स्तर से अनुमति नहीं ली गई है। आज तक यहां रावण दहन नहीं हुआ है। कोविड-19 के नियम के तहत बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। अगर कार्यक्रम आयोजित हुआ तो विधिक कार्रवाई होगी।
यह नोटिस मिलते ही कमेटी पदाधिकारी विमल अग्रवाल, वेद प्रकाश जैन, यतिन, राहुल भारद्वाज, अरविंद कुमार, कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता लीडर आदि देर शाम अचल चौकी पर पहुंच गए। यहां इन्होंने पुलिस के समक्ष पूरा विषय रखते हुए नाराजगी जताई और कह दिया कि आज तक किसी रावण दहन की अनुमति नहीं ली गई और इस बार भी नहीं ली जाएगी। रावण दहन यहीं होगा। बाद में यह लोग चले आए। इस विषय में सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि सिर्फ कोविड-19 नियमों का ध्यान रखने के लिए औपचारिक नोटिस भेजा गया था। रावण वहीं दहन होगा। इसी तरह एडीएम सिटी राकेश मालपानी ने बताया कि पूर्व में ही बैठक में पुतला छोटे स्वरूप में रामलीला मैदान में दहन किया जाना तय हो गया है। बस नियमों का ध्यान रखना होगा।
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प्रतिमा हटाने की खबर पर एकत्रित हुए मीडियाकर्मी
अलीगढ़। महानगर के सेंटर प्वाइंट चौराहे पर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा नगर निगम द्वारा हटाकर दूसरे स्थान रखे जाने की सूचना पर तमाम मीडिया कर्मी देर रात चौराहे पर एकत्रित हो गए। प्रकरण को सीएम पोर्टल के अलावा पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया। मगर किसी देर रात तक नगर निगम की टीम के न आने पर सभी वहां से चले गए। इसे लेकर आरपी शर्मा, प्रदीप सारस्वत आदि ने नगर निगम अधिकारियों को चेतावनी दी है।
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हुआ यूं कि इस बार रावण दहन नुमाइश मैदान के बजाय रामलीला मैदान में ही छोटे स्वरूप में दहन किया जाना तय हुआ है। इसे लेकर अधिकारियों से भी सहमति बन गई और तैयारियां भी पूरी हो गईं। इसी बीच शनिवार शाम अचल चौकी इंचार्ज ने गांधीपार्क इंस्पेक्टर की ओर से एक नोटिस रामलीला कमेटी के महामंत्री अरविंद कुमार के नाम भेजा गया, जिसमें उल्लेख है कि आपके स्तर से अनुमति नहीं ली गई है। आज तक यहां रावण दहन नहीं हुआ है। कोविड-19 के नियम के तहत बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। अगर कार्यक्रम आयोजित हुआ तो विधिक कार्रवाई होगी।
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यह नोटिस मिलते ही कमेटी पदाधिकारी विमल अग्रवाल, वेद प्रकाश जैन, यतिन, राहुल भारद्वाज, अरविंद कुमार, कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता लीडर आदि देर शाम अचल चौकी पर पहुंच गए। यहां इन्होंने पुलिस के समक्ष पूरा विषय रखते हुए नाराजगी जताई और कह दिया कि आज तक किसी रावण दहन की अनुमति नहीं ली गई और इस बार भी नहीं ली जाएगी। रावण दहन यहीं होगा। बाद में यह लोग चले आए। इस विषय में सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि सिर्फ कोविड-19 नियमों का ध्यान रखने के लिए औपचारिक नोटिस भेजा गया था। रावण वहीं दहन होगा। इसी तरह एडीएम सिटी राकेश मालपानी ने बताया कि पूर्व में ही बैठक में पुतला छोटे स्वरूप में रामलीला मैदान में दहन किया जाना तय हो गया है। बस नियमों का ध्यान रखना होगा।
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प्रतिमा हटाने की खबर पर एकत्रित हुए मीडियाकर्मी
अलीगढ़। महानगर के सेंटर प्वाइंट चौराहे पर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा नगर निगम द्वारा हटाकर दूसरे स्थान रखे जाने की सूचना पर तमाम मीडिया कर्मी देर रात चौराहे पर एकत्रित हो गए। प्रकरण को सीएम पोर्टल के अलावा पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया। मगर किसी देर रात तक नगर निगम की टीम के न आने पर सभी वहां से चले गए। इसे लेकर आरपी शर्मा, प्रदीप सारस्वत आदि ने नगर निगम अधिकारियों को चेतावनी दी है।