{"_id":"5a7f4edf4f1c1b1d368b995b","slug":"raju-s-close-shocks-are-considered-as-anti-mufid","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजू के करीबी झटके में तो विरोधी मान रहे मुफीद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजू के करीबी झटके में तो विरोधी मान रहे मुफीद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:38 AM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद राजवीर सिंह।
एटा सांसद राजवीर सिंह राजू की भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद से छुट्टी के बाद अलीगढ़ में वह भाजपाई झटके में हैं, जो ‘राज पैलेस’ के करीबी माने जाते हैं। दूसरी ओर पार्टी के अंदर एक गुट ऐसा भी है जो इस स्थिति को अपने लिए मुफीद मान रहा है। इनका मानना है कि राजवीर का कद कम होने से जिले के दूसरे नेताओं की पार्टी में तवज्जो बढ़ेगी। ये लोग उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के दौरे को भी अपने लिए हितकारी मान रहे हैं।
पार्टी का यह गुट उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अलीगढ़ आगमन के दौरान अतरौली में औचक निरीक्षण के कदम को अपनी धारणा के साथ जोड़कर देख रहा है। इनका कहना है कि जब शिक्षा राज्यमंत्री उस क्षेत्र से विधायक हैं तो इस क्षेत्र को लेकर संदेह जैसी कोई बात होनी भी नहीं चाहिए थी। इसके बावजूद वे यहां आकर सीधे अतरौली क्षेत्र ही गए।
संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शासन को पार्टी स्तर से ही यह फीडबैक दिया गया कि शिक्षा राज्यमंत्री उस क्षेत्र से चुने गए हैं, लेकिन नकल को लेकर वहां पर स्थिति में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हवाई पट्टी पर राजवीर सिंह राजू के साथ हुई घटना के मद्देनजर भी उन्होंने कोई खास बयान नहीं दिया। इसके अलावा उप मुख्यमंत्री उनके आवास ‘राज पैलेस’ भी नहीं गए।
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हालांकि दूसरी ओर राजवीर सिंह राजू इन सभी बातों को आधारहीन बताते हुए कार्यकारिणी में अपने कार्यकाल के पूरा होने की बात कह रहे हैं और कह रहे हैं कि अब संगठन जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपेगा वह उसे ग्रहण करेंगे। लेकिन प्रदेश संगठन में हुए इस फैसले से स्थानीय स्तर पर पार्टी में सुगबुगाहट और चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है।
कार्यकारिणी में मेरा कार्यकाल पूरा हो चुका था, इसलिए यह हुआ है। इसे किसी और बात से जोड़कर देखना अपरिपक्वता होगी। अब संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरा करूंगा।
- राजवीर सिंह राजू, सांसद एटा
डिप्टी सीएम का अतरौली जाना हाई वोल्टेज ड्रामा: बिजेंद्र
भाजपा का एक वर्ग उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अतरौली जाने को एक ‘ओवरलैपिंग’ की तरह देख रहा है तो गैर भाजपाई दल इसे ड्रामा बता रहे हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि डिप्टी सीएम का अतरौली जाना सिर्फ हाई वोल्टेज ड्रामा है, अगर वह नकल रोकने ही आना चाहते तो वह अपनी गाड़ी से आते और किसी भी सेंटर पर चले जाते। वास्तविक स्थिति उन्हें पता चल जाती। जबकि उन्होंने अपने आने का कार्यक्रम प्रशासन को दिया ताकि नकल माफिया सतर्क हो जाएं। थाना प्रभारी जवां और सहायक सूचना निदेशक के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है वह दोनों ही निर्दोष हैं। क्योंकि सहायक सूचना निदेशक का काम शासन से आई सूचना को संचार माध्यमों तक पहुंचाना है। साथ ही थाना प्रभारी का काम है अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करना।
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पार्टी का यह गुट उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अलीगढ़ आगमन के दौरान अतरौली में औचक निरीक्षण के कदम को अपनी धारणा के साथ जोड़कर देख रहा है। इनका कहना है कि जब शिक्षा राज्यमंत्री उस क्षेत्र से विधायक हैं तो इस क्षेत्र को लेकर संदेह जैसी कोई बात होनी भी नहीं चाहिए थी। इसके बावजूद वे यहां आकर सीधे अतरौली क्षेत्र ही गए।
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संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शासन को पार्टी स्तर से ही यह फीडबैक दिया गया कि शिक्षा राज्यमंत्री उस क्षेत्र से चुने गए हैं, लेकिन नकल को लेकर वहां पर स्थिति में कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है। हवाई पट्टी पर राजवीर सिंह राजू के साथ हुई घटना के मद्देनजर भी उन्होंने कोई खास बयान नहीं दिया। इसके अलावा उप मुख्यमंत्री उनके आवास ‘राज पैलेस’ भी नहीं गए।
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हालांकि दूसरी ओर राजवीर सिंह राजू इन सभी बातों को आधारहीन बताते हुए कार्यकारिणी में अपने कार्यकाल के पूरा होने की बात कह रहे हैं और कह रहे हैं कि अब संगठन जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपेगा वह उसे ग्रहण करेंगे। लेकिन प्रदेश संगठन में हुए इस फैसले से स्थानीय स्तर पर पार्टी में सुगबुगाहट और चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है।
कार्यकारिणी में मेरा कार्यकाल पूरा हो चुका था, इसलिए यह हुआ है। इसे किसी और बात से जोड़कर देखना अपरिपक्वता होगी। अब संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरा करूंगा।
- राजवीर सिंह राजू, सांसद एटा
डिप्टी सीएम का अतरौली जाना हाई वोल्टेज ड्रामा: बिजेंद्र
भाजपा का एक वर्ग उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अतरौली जाने को एक ‘ओवरलैपिंग’ की तरह देख रहा है तो गैर भाजपाई दल इसे ड्रामा बता रहे हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि डिप्टी सीएम का अतरौली जाना सिर्फ हाई वोल्टेज ड्रामा है, अगर वह नकल रोकने ही आना चाहते तो वह अपनी गाड़ी से आते और किसी भी सेंटर पर चले जाते। वास्तविक स्थिति उन्हें पता चल जाती। जबकि उन्होंने अपने आने का कार्यक्रम प्रशासन को दिया ताकि नकल माफिया सतर्क हो जाएं। थाना प्रभारी जवां और सहायक सूचना निदेशक के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है वह दोनों ही निर्दोष हैं। क्योंकि सहायक सूचना निदेशक का काम शासन से आई सूचना को संचार माध्यमों तक पहुंचाना है। साथ ही थाना प्रभारी का काम है अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करना।