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ताजा आतंकवाद बड़े देशों का खेल है: प्रो. निताई
अलीगढ़।
Updated Sun, 22 Nov 2015 02:02 AM IST
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अलीगढ़। किसी भी देश में धार्मिक कट्टरता और असहिष्णुता जैसे मुद्दे आतंकवाद पनपने की मुख्य वजह बनते हैं। अगर इनके उठने से पहले ही कार्रवाई कर दी जाए तो देश में अमन-चैन कायम रखा जा सकता है। यह कहना है स्कूल ऑफ इकनोमिक्स, ढाका के प्रो. निताई सी नाग का। शनिवार को एसवी कॉलेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के मौके पर अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने यह बात कही।
एसवी कॉलेज में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में स्कूल ऑफ इकनोमिक्स, ढाका के प्रो. निताई सी नाग भी हिस्सा लेने आए हुए हैं। आतंकवादी हमलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक कट्टरता और असहिष्णुता जैसी छोटी-छोटी घटनाओं पर हम ध्यान नहीं देते हैं, वही घटनाएं आतंकवाद को पनपने में मदद करती हैं। आईएसआईएस के ताजा हमलों पर उन्होंने कहा कि यह बड़े-बड़े देशों के खेल हैं। पहले एक-दूसरे को कमजोर करने के लिए कुछ लोगों को समर्थन देकर सामने खड़ा कर देते हैं। उसके बाद उसी के खात्मे के लिए कुछ देश इकट्ठा हो जाते हैं। अमेरिका और रूस दो ऐसे ही देश हैं।
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एसवी कॉलेज में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में स्कूल ऑफ इकनोमिक्स, ढाका के प्रो. निताई सी नाग भी हिस्सा लेने आए हुए हैं। आतंकवादी हमलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक कट्टरता और असहिष्णुता जैसी छोटी-छोटी घटनाओं पर हम ध्यान नहीं देते हैं, वही घटनाएं आतंकवाद को पनपने में मदद करती हैं। आईएसआईएस के ताजा हमलों पर उन्होंने कहा कि यह बड़े-बड़े देशों के खेल हैं। पहले एक-दूसरे को कमजोर करने के लिए कुछ लोगों को समर्थन देकर सामने खड़ा कर देते हैं। उसके बाद उसी के खात्मे के लिए कुछ देश इकट्ठा हो जाते हैं। अमेरिका और रूस दो ऐसे ही देश हैं।
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