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अलीगढ़ : जीवन भर के लिए दर्द दे रहीं बदहाल सड़कें

Mon, 21 Feb 2022 01:26 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:26 AM IST
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Potholed roads giving pain for a lifetime
मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के वार्ड में भर्ती अमित। - फोटो : CITY OFFICE
महानगर की गड्ढे युक्त एवं जर्जर सड़कें लोगों को जीवन भर के लिए दर्द दे रहीं हैं। इसकी वजह से नागरिक कमर दर्द, गर्दन दर्द एवं जोड़ों से संबंधित दर्द के मरीज बन रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में जनवरी एवं फरवरी 2022 में ही 200 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त लोग इलाज के लिए पहुंचे हैं।
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सूरत-ए-हाल
महानगर के प्रमुख मार्गों पर सीवर के अधिकांश ढक्कन टेढ़े-मेढ़े हैं। कुछ तो सड़क की सतह से कई इंच गहरे तो कुछ सतह से उठे हैं। रामघाट रोड पर समद रोड तिराहे से लेकर जनकपुरी तिराहे तक सीवर के 21 ढक्कन हैं, जिसमें आधा दर्जन से अधिक बेहद खतरनाक हैं। यहां लोग संतुलन खोकर अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। शहर का दिल कहा जाने वाला सेंटर प्वाइंट भी सुरक्षित नहीं हैं। जीटी रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर ऐसेे गड्ढे दुर्घटना के कारण बनते हैं। सीवर एवं पेयजल पाइप लाइन के लिए की गई खुदाई की वजह से भी मुश्किलें बढ़ी हैं। गली-मोहल्लों की स्थिति और खराब है।
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ऐसे दर्द दे रही सड़कें
बाइक चलाने पर शरीर का पूरा दबाव कमर और गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर आ जाता है। सड़कों पर अधिक गड्ढे होने से झटके लगते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा कंधों के जोड़ और कलाई पर भी जोर पड़ता है। इससे कलाई में दर्द हो सकता। गड्ढे अधिक गहरे और बड़े हों और बाइक या स्कूटी की स्पीड अधिक हो तो कंधे वाली जोड़ की हड्डी खिसक सकती है। सड़क पर गड्ढे होने का सबसे अधिक असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर होता है। इसकी वजह से कमर और गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। कमर के अलावा शरीर के निचले हिस्सों में भी दर्द होने लगता है। चिकित्सकों का कहना है कि ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर गाड़ी चलाने के दौरान झटका लगने से रीढ़ की हड्डी से डिस्क दब जाती है। इस कारण पैरों में झनझनाहट होती है। गड्ढों के कारण तेज झटका लगने से पैरों में लकवा तक हो सकता है।
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केस...
1
हाथरस के पापरी गांव निवासी अमित 18 फरवरी को अपने जीजा धर्मपाल के साथ मथुरा रोड पर बाइक से जा रहे थे। ओवरटेक के चक्कर में एक वाहन उनके सामने आ गया। बचने के लिए सड़क से नीचे उतरे तो गड्ढे में चले गए। अमित के एक पैर की हड्डी टूट गई है। चेहरे पर जख्म हैं। सौभाग्य से उनके जीजा को मामूली चोट लगी है। अमित के पैर में प्लास्टर लगा है और वह अस्पताल में भर्ती हैं।
2
अतरौली की चाऊपुर गांव निवासी जावित्री देवी ऑटो से जा रहीं थी। गड्ढे में ऑटो पलट गया। जावित्री देवी के पैर की हड्डी टूट गई। मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन हुआ। पैर में रॉड डाली गई है। अस्पताल से छुट्टी होने पर घर पहुंची तो फिर से असहनीय दर्द शुरू हो गया। बड़ी मुश्किल से जावित्री को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
इमरजेंसी में रोज दुर्घटना के छोटे बड़े मामले आते हैं। कुछ मामलों में तो प्राथमिक उपचार देकर छोड़ दिया जाता है। करीब 30 से अधिक मामले प्रतिदिन आते हैं। उनमें से कुछ को रेफर करना पड़ता है। कुछ को प्लास्टर लगाना पड़ता है। ऑपरेशन भी होते हैं। जर्जर सड़कें ठीक हो तो निश्चित रूप से दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- डॉ. राजेंद्र बंसल, सर्जन, मलखान सिंह जिला चिकित्सालय
अगर 10 मरीजों का प्लास्टर करते हैं तो उसमें पांच तो सड़क दुर्घटना के शिकार होते हैं। गड्ढे एवं जर्जर सड़कों की वजह से लोग गर्दन एवं कमर दर्द आदि के शिकार बन रहे हैं। रिक्शा व ऑटो से भी गिरकर जख्मी हालत में लोग पहुंचते हैं। हड्डी टूटने पर बुजुर्गों का जीवन कष्टदायक हो जाता है। शहर की खराब सड़कें दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हैं। सिर में चोट लगने पर मृत्यु भी होती है।
- डॉ. एसके वार्ष्णेय, हड्डी रोग विशेषज्ञ, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
जर्जर सड़कें लोगों को रोगी बना रही हैं। रीढ़ की हड्डी, गर्दन एवं कमर दर्द की समस्या से लोग पीड़ित हैं। गर्दन ज्यादा हिलने पर ब्रेन के अंदर चोट लगने की आशंका रहती है। अक्सर लोग उनके यहां उपचार के लिए आते हैं। कुछ तो गंभीर रूप से जख्मी होते हैं। हड्डी टूटने पर प्लास्टर लगाना पड़ता है या सर्जरी की नौबत आती है। मरीज के शरीर के अन्य हिस्से भी जख्मी होते हैं। सिर के चोट सबसे खतरनाक होते हैं।
- डॉ. अभिषेक सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ
गड्ढा मुक्त अभियान चलाया गया था, लेकिन बजट के अभाव में कई सड़कों पर काम पूरा नहीं हो सका। विधानसभा चुनाव 2022 के बाद बजट आने पर प्राथमिकता से सभी सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा।

- गौरव दयाल, मंडलायुक्त

 किशनपुर तिराहे के पास के पास सड़क पर गड्ढा।

किशनपुर तिराहे के पास के पास सड़क पर गड्ढा।- फोटो : CITY OFFICE

कंपनी बाग चौराहा आगरा रोड़ पर धसा पड़ा मेन होल।

कंपनी बाग चौराहा आगरा रोड़ पर धसा पड़ा मेन होल। - फोटो : CITY OFFICE

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