शांति निकेतन में लगी पुलिस की पाठशाला: एसपी सिटी ने पढ़ाया कानून का पाठ, बोले- अनजान कॉल रिसीव न करें
अमर उजाला की ओर से शांति निकेतन वर्ल्ड स्कूल में पुलिस की पाठशाला आयोजित हुई। जिसमें एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने कि पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लाइक को अपना समर्थन बिल्कुल न दें। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल भी नहीं उठाने चाहिए।
विस्तार
अगर आप साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्टिंग, बुलिंग के बारे में जागरूक हैं तो साइबर ठगी के शिकार नहीं हो सकते हैं। आपके मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल, वह चाहे वॉयस या वीडियो कॉल हो उसे रिसीव करने से परहेज करना चाहिए। उपहार के लालच में न आएं।
ये बातें एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने 30 अगस्त को अमर उजाला की ओर से शांति निकेतन वर्ल्ड स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिसे नहीं जानते हैं, उसे लाइक या फालो न करें। साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर उन लोगों का डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, जो उनकी धमकियों से डर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लाइक को अपना समर्थन बिल्कुल न दें। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल भी नहीं उठाने चाहिए। साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर उन लोगों का डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, जो उनकी धमकियों से डर जाते हैं, इसलिए स्वयं जागरूक होना जरूरी है। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।
आईआईएमटी के प्राचार्य शंभू केएन सिंह रावत ने फेसबुक पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करना चाहिए। ई-मेल अटैचमेंट के जरिये किसी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें। ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें। इस मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्या कृष्णा सिंह, जितेंद्र यादव, नदीम मौजूद रहे।
इन्होंने पूछे सवाल
स्कूल की छात्रा गार्गी और कृतिका ने साइबर फ्राॅड से जुड़े सवाल एसपी सिटी से पूछे। उन्होंने जवाब में कहा कि अगर आप जागरूक हैं तो साइबर ठग अपनी जाल में नहीं फंसा पाएगा।
क्या करें-क्या न करें
- अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
- ब्राउजर में सोशल मीडिया अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
- अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें। किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर दें।
- व्हाट्स एप में टू स्टेप को अपनाकर अपना डाटा सुरक्षित रखने, ऑनलाइन अकाउंट को हमेशा लॉग आउट रखने, मुफ्त उपहार, प्रस्ताव, संदेश, मेल आदि पर विश्वास न करने संबंधी टिप्स भी दिए।