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एएमयू में पीएचडी की 200 सीटें बढ़ीं, हर्ष
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:52 AM IST
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312-एएमयू में पीएचडी की सीटें बढ़ाने के बाद खुशी मनाते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों को क्रिसमस का तोहफा मिला है। वर्तमान सत्र (2017-18) में करीब 200 से अधिक पीएचडी सीटों में इजाफा होने जा रहा है। एएमयू प्रशासन द्वारा विभागों में खाली सीटों की सूची जारी करने के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने 33 दिन से चल रहा धरना खत्म कर दिया गया है। छात्रों ने विजय जुलूस निकालकर अपनी खुशी का इजहार किया।
एएमयू में यूजीसी गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी में दाखिला देने की मांग को लेकर पिछले 33 दिन से छात्र धरना दे रहे थे। करीब डेढ़ साल से ठंडे बस्ते में पड़े 5 मई 2016 के यूजीसी गाइड लाइन को एकेडमिक काउंसिल द्वारा 12 दिसंबर को स्वीकार कर लिया गया। इसके तहत अब प्रोफेसर 8, एसोसिएट प्रोफेसर 6 एवं असिस्टेंट प्रोफेसर 4 छात्रों को रिसर्च कराएंगे। पहले यह संख्या क्रमश: 6, 5 एवं 3 थी। एकेडमिक काउंसिल में यह भी तय किया गया कि सभी शिक्षकों को निर्धारित संख्या में रिसर्च कराना अनिवार्य है। गंभीर परिस्थितियों में ही शिक्षकों को इससे छूट दी जाएगी। एकेडमिक काउंसिल के इस फैसले से विश्वविद्यालय के करीब 64 विभागों में 200 से अधिक सीटों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
अमर उजाला में 13 दिसंबर 2017 के अंक में इससे संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। छात्रों की माने तो हिंदी में पहले 11 दाखिले हुए थे। अब इसमें 35 नई सीट निकली हैं। विभाग में कुल सीटों की संख्या 11 से बढ़कर 46 हो गई है। इसी तरह उर्दू में 49 नई सीट निकलने से कुल संख्या 74 तक पहुंच गई है। अंग्रेजी में 40 सीट निकलने के बाद संख्या 49 और कामर्स में 22 सीट निकलने से कुल संख्या 35 तक पहुंच गई है। धरने में कई जेआरएफ क्वालिफाई छात्र-छात्रा भी शामिल थे, जिन्हें पीएचडी में दाखिला नहीं मिल पाया था। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने कहा कि सभी विभागों की सूची अपलोड कर दी गई है। डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी ने बताया कि करीब 200 से अधिक सीट बढ़ने की उम्मीद है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सूची जारी करने के बाद 33 दिन से रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने चल रहा धरना हटा लिया गया है। छात्र नेता कुंवर मुहम्मद अहमद, शमीम बारी एवं अब्दुल कादिर ताहिर ने एकेडमिक काउंसिल, कुलपति एवं एएमयू प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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एएमयू में यूजीसी गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी में दाखिला देने की मांग को लेकर पिछले 33 दिन से छात्र धरना दे रहे थे। करीब डेढ़ साल से ठंडे बस्ते में पड़े 5 मई 2016 के यूजीसी गाइड लाइन को एकेडमिक काउंसिल द्वारा 12 दिसंबर को स्वीकार कर लिया गया। इसके तहत अब प्रोफेसर 8, एसोसिएट प्रोफेसर 6 एवं असिस्टेंट प्रोफेसर 4 छात्रों को रिसर्च कराएंगे। पहले यह संख्या क्रमश: 6, 5 एवं 3 थी। एकेडमिक काउंसिल में यह भी तय किया गया कि सभी शिक्षकों को निर्धारित संख्या में रिसर्च कराना अनिवार्य है। गंभीर परिस्थितियों में ही शिक्षकों को इससे छूट दी जाएगी। एकेडमिक काउंसिल के इस फैसले से विश्वविद्यालय के करीब 64 विभागों में 200 से अधिक सीटों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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अमर उजाला में 13 दिसंबर 2017 के अंक में इससे संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। छात्रों की माने तो हिंदी में पहले 11 दाखिले हुए थे। अब इसमें 35 नई सीट निकली हैं। विभाग में कुल सीटों की संख्या 11 से बढ़कर 46 हो गई है। इसी तरह उर्दू में 49 नई सीट निकलने से कुल संख्या 74 तक पहुंच गई है। अंग्रेजी में 40 सीट निकलने के बाद संख्या 49 और कामर्स में 22 सीट निकलने से कुल संख्या 35 तक पहुंच गई है। धरने में कई जेआरएफ क्वालिफाई छात्र-छात्रा भी शामिल थे, जिन्हें पीएचडी में दाखिला नहीं मिल पाया था। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने कहा कि सभी विभागों की सूची अपलोड कर दी गई है। डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी ने बताया कि करीब 200 से अधिक सीट बढ़ने की उम्मीद है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सूची जारी करने के बाद 33 दिन से रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने चल रहा धरना हटा लिया गया है। छात्र नेता कुंवर मुहम्मद अहमद, शमीम बारी एवं अब्दुल कादिर ताहिर ने एकेडमिक काउंसिल, कुलपति एवं एएमयू प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।