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Aligarh Ground Report: विश्वविद्यालय से बढ़े शिक्षा के अवसर, चिकोरी ने विदेशों में बनाई पहचान; जमीनी हकीकत
Fri, 04 Sep 2026 10:25 AM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:25 AM IST
सार
Aligarh Ground Report: उत्तर प्रदेश के जिलों में ‘यूपी सक्षम’ अभियान के तहत अमर उजाला की टीम लगातार जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही है। लोगों के जीवन में आए बदलाव और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए टीम अलीगढ़ पहुंची। यहां स्थानीय लोगों से बातचीत कर योजनाओं और बदलाव की जमीनी हकीकत को जाना गया।
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Aligarh Ground Report
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Aligarh Ground Report: यूपी सक्षम अभियान के तहत अमर उजाला की टीम कई जिलों से होते हुए अलीगढ़ पहुंची। इस दौरान राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, हवाई अड्डे, चिकोरी कारोबार और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की जमीनी पड़ताल की गई। अधिकारियों, कारोबारियों और संबंधित लोगों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की गई कि शिक्षा, कनेक्टिविटी, कारोबार और शहर की निगरानी के क्षेत्र में हुए बदलावों का आम लोगों पर कितना असर पड़ा है। आइए, विस्तार से पढ़ते हैं अलीगढ़ की ग्राउंड रिपोर्ट।
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की जानिए खासियत
अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के बाद जिले समेत आसपास के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। इसी को लेकर अमर उजाला की टीम विश्वविद्यालय पहुंची। रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से चार जिलों के विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गंभीरता से काम कर रही है। नकल रोकने के साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कैंपस में करीब 1,750 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। वहीं, आसपास के चार जिलों में करीब 2 लाख 52 हजार विद्यार्थी इससे जुड़े संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के बाद जिले समेत आसपास के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। इसी को लेकर अमर उजाला की टीम विश्वविद्यालय पहुंची। रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से चार जिलों के विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गंभीरता से काम कर रही है। नकल रोकने के साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कैंपस में करीब 1,750 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। वहीं, आसपास के चार जिलों में करीब 2 लाख 52 हजार विद्यार्थी इससे जुड़े संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
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हवाई कनेक्टिविटी से विकास को रफ्तार
अलीगढ़ में हवाई अड्डा शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों से कनेक्टिविटी में कितना सुधार हुआ और इसका लोगों को कितना लाभ मिल रहा है, इसे समझने के लिए अमर उजाला की टीम ने अधिकारियों से बातचीत की। विमानपत्तन निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। आधुनिक तकनीक के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों, रसायनों और विस्फोटकों समेत अन्य संदिग्ध वस्तुओं की उच्चस्तरीय जांच की व्यवस्था यहां उपलब्ध है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित है, जहां पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से नए हवाई अड्डे के विकास की योजना तैयार की गई है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। नया हवाई अड्डा बनने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है।
अलीगढ़ में हवाई अड्डा शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों से कनेक्टिविटी में कितना सुधार हुआ और इसका लोगों को कितना लाभ मिल रहा है, इसे समझने के लिए अमर उजाला की टीम ने अधिकारियों से बातचीत की। विमानपत्तन निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि पिछली घटनाओं से सीख लेते हुए हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। आधुनिक तकनीक के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों, रसायनों और विस्फोटकों समेत अन्य संदिग्ध वस्तुओं की उच्चस्तरीय जांच की व्यवस्था यहां उपलब्ध है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित है, जहां पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से नए हवाई अड्डे के विकास की योजना तैयार की गई है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। नया हवाई अड्डा बनने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है।
अलीगढ़ की चिकोरी अब विदेशों में बना रही पहचान
अलीगढ़ की चिकोरी का कारोबार अब विदेशों तक अपनी पहचान बना चुका है। चिकोरी व्यापारी अंशु अग्रवाल ने बताया कि ठंडे देशों में चिकोरी की मांग काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि कॉफी में कैफीन होता है, जबकि चिकोरी में कैफीन नहीं होता। यही इसकी प्रमुख विशेषताओं में से एक है। राज्य सरकार के सहयोग से चिकोरी का उत्पादन और कारोबार आगे बढ़ रहा है।
अंशु अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका है। पहले सड़कें खराब होने के कारण अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचने में करीब सात घंटे लगते थे, जबकि अब यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय हो जाती है। जेवर एयरपोर्ट भी नजदीक आ गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों से कारोबारियों को काफी सहूलियत मिली है। सरकार की ओर से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। इससे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
अलीगढ़ की चिकोरी का कारोबार अब विदेशों तक अपनी पहचान बना चुका है। चिकोरी व्यापारी अंशु अग्रवाल ने बताया कि ठंडे देशों में चिकोरी की मांग काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि कॉफी में कैफीन होता है, जबकि चिकोरी में कैफीन नहीं होता। यही इसकी प्रमुख विशेषताओं में से एक है। राज्य सरकार के सहयोग से चिकोरी का उत्पादन और कारोबार आगे बढ़ रहा है।
अंशु अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज एक्सप्रेसवे का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका है। पहले सड़कें खराब होने के कारण अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचने में करीब सात घंटे लगते थे, जबकि अब यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय हो जाती है। जेवर एयरपोर्ट भी नजदीक आ गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों से कारोबारियों को काफी सहूलियत मिली है। सरकार की ओर से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। इससे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
कैमरों की नजर में अलीगढ़
अलीगढ़ में ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में लगे कैमरों को एक ही जगह से जोड़कर उनकी निगरानी की जाती है। सभी कैमरों की फीड रियल टाइम में मिलती है, जिससे किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल प्रतिक्रिया दे सकती है।
आईसीसीसी के माध्यम से कई घटनाओं को रोकने और उनका तत्काल संज्ञान लेने में मदद मिली है। इसके अलावा लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। ट्रैफिक डायवर्जन समेत अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी इसके माध्यम से प्रसारित की जाती हैं। इससे शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
अलीगढ़ में ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि शहर में लगे कैमरों को एक ही जगह से जोड़कर उनकी निगरानी की जाती है। सभी कैमरों की फीड रियल टाइम में मिलती है, जिससे किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल प्रतिक्रिया दे सकती है।
आईसीसीसी के माध्यम से कई घटनाओं को रोकने और उनका तत्काल संज्ञान लेने में मदद मिली है। इसके अलावा लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। ट्रैफिक डायवर्जन समेत अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी इसके माध्यम से प्रसारित की जाती हैं। इससे शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।