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जल जीवन मिशन में ’हर घर नल-हर घर जल’ योजना में देरी पर पीडी को फटकार
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डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत ’हर घर नल-हर घर जल योजना’ में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कार्यदायी संस्था आयन एक्सचेंज के परियोजना प्रबंधक प्रदीप गुप्ता को जमकर फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयन एक्सचेंज द्वारा कार्यशैली में सुधार नहीं लाया गया तो पेनल्टी लगाने के साथ ही संस्था को जनपद से टर्मिनेट करने की कार्रवाई अमल में लाएं।
डीएम ने पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव शर्मा को भी निर्धारित समय में अपेक्षित कार्य न करने पर खरी-खोटी सुनाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे गांव जहां भूमि मिलने में किसी प्रकार की समस्या आड़े आ रही है तो संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में जल निगम एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि हर घर नल-हर घर जल केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनहित में महत्वाकांक्षी एवं शीर्ष प्राथमिकता की योजना है। इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शासन के नवीन निर्देशों के बाद सभी राजस्व ग्रामों में हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत पीने का पानी पहुंचाना है। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रतिदिन 600 घरों को जल संयोजन का कार्य किया जाना है, जबकि वर्तमान में जनपद में प्रतिदिन बमुश्किल 120 घरों को ही संयोजन दिया जा रहा है।
ऐसे में प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के चौथे चरण में 77 डीपीआर पर स्वीकृति प्रदान हो गई है। छह नवंबर तक कार्य शुरू करा दिया जाएगा। 184 ग्रामों के लिए 104 डीपीआर अनुमोदन प्राप्त कर स्वीकृति की शासन को भेजी जा रही है।
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डीएम ने पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव शर्मा को भी निर्धारित समय में अपेक्षित कार्य न करने पर खरी-खोटी सुनाते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे गांव जहां भूमि मिलने में किसी प्रकार की समस्या आड़े आ रही है तो संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित किया जाए।
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कलेक्ट्रेट सभागार में जल निगम एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि हर घर नल-हर घर जल केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनहित में महत्वाकांक्षी एवं शीर्ष प्राथमिकता की योजना है। इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शासन के नवीन निर्देशों के बाद सभी राजस्व ग्रामों में हर घर नल-हर घर जल योजना के तहत पीने का पानी पहुंचाना है। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रतिदिन 600 घरों को जल संयोजन का कार्य किया जाना है, जबकि वर्तमान में जनपद में प्रतिदिन बमुश्किल 120 घरों को ही संयोजन दिया जा रहा है।
ऐसे में प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के चौथे चरण में 77 डीपीआर पर स्वीकृति प्रदान हो गई है। छह नवंबर तक कार्य शुरू करा दिया जाएगा। 184 ग्रामों के लिए 104 डीपीआर अनुमोदन प्राप्त कर स्वीकृति की शासन को भेजी जा रही है।