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Aligarh News: धान ने पार किए 4000 रुपये, मक्का-मूंग ने बढ़ाई चिंता
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खरीफ सीजन की फसलों के बाजार भाव में इस बार बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। खैर मंडी में धान 4000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक बिक रहा है, जिससे धान उत्पादक किसानों को राहत मिली है। मक्का 1900 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है और मूंग की पैदावार घटने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मंडी समिति अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष धान 3000 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर भी नहीं छू पाया था, जबकि इस बार किसानों को 4000 रुपये से अधिक का भाव मिल रहा है। इससे धान उत्पादकों को करीब डेढ़ गुना अधिक लाभ मिल रहा है। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय हुई असमय बारिश से बाजरा, मक्का और मूंग की फसलों को नुकसान पहुंचा। ऐदलपुर के किसान नत्थीलाल ने बताया कि मूंग की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है। उसरम के किसान सोनू शर्मा के अनुसार करीब 30 प्रतिशत बीज अंकुरित नहीं हो सके और खरपतवार बढ़ने से उत्पादन प्रभावित हुआ। मूंग में करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। मक्का उत्पादकों की निगाहें अब सरकारी खरीद केंद्रों पर हैं।
खाद्य एवं रसद विभाग के संचालक गिरीश कुमार ने बताया कि फसल में नमी अधिक होने के कारण खरीद अभी शुरू नहीं हो सकी है। फसल सूखने के बाद 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जाएगी। किसानों ने समय पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है।
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सरकारी खरीद पर टिकी मक्का किसानों की उम्मीद
मंडी में मक्का 1900-2000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जबकि सरकारी खरीद दर 2400 रुपये तय है। खरीद केंद्र शुरू होने पर किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
असमय बारिश से बिगड़ा फसलों का गणित
किसानों के अनुसार बुवाई के दौरान हुई बारिश से बीज अंकुरण प्रभावित हुआ और खरपतवार बढ़ी। इससे मक्का, बाजरा और विशेषकर मूंग की पैदावार में भारी गिरावट आई।
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मंडी समिति अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष धान 3000 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर भी नहीं छू पाया था, जबकि इस बार किसानों को 4000 रुपये से अधिक का भाव मिल रहा है। इससे धान उत्पादकों को करीब डेढ़ गुना अधिक लाभ मिल रहा है। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय हुई असमय बारिश से बाजरा, मक्का और मूंग की फसलों को नुकसान पहुंचा। ऐदलपुर के किसान नत्थीलाल ने बताया कि मूंग की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है। उसरम के किसान सोनू शर्मा के अनुसार करीब 30 प्रतिशत बीज अंकुरित नहीं हो सके और खरपतवार बढ़ने से उत्पादन प्रभावित हुआ। मूंग में करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। मक्का उत्पादकों की निगाहें अब सरकारी खरीद केंद्रों पर हैं।
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खाद्य एवं रसद विभाग के संचालक गिरीश कुमार ने बताया कि फसल में नमी अधिक होने के कारण खरीद अभी शुरू नहीं हो सकी है। फसल सूखने के बाद 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जाएगी। किसानों ने समय पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है।
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सरकारी खरीद पर टिकी मक्का किसानों की उम्मीद
मंडी में मक्का 1900-2000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जबकि सरकारी खरीद दर 2400 रुपये तय है। खरीद केंद्र शुरू होने पर किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
असमय बारिश से बिगड़ा फसलों का गणित
किसानों के अनुसार बुवाई के दौरान हुई बारिश से बीज अंकुरण प्रभावित हुआ और खरपतवार बढ़ी। इससे मक्का, बाजरा और विशेषकर मूंग की पैदावार में भारी गिरावट आई।