फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Oxygen plant operator-intermediary conversation audio audio 'bomb'

ऑक्सीजन प्लांट संचालक-बिचौलिये की बातचीत का फूटा ऑडियो ‘बम’

Sat, 08 May 2021 12:37 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 12:37 AM IST
विज्ञापन
Oxygen plant operator-intermediary conversation audio audio 'bomb'
राधा ऑक्सीजन प्लांट, कासिमपुर से मरीजों को सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन वितरण पर दो बिचौलियों के सक्रिय होने के मामले में अब एक ऑडियो वायरल हो गया है। यह कथित ऑडियो प्लांट संचालक अरुण अग्रवाल व एक बिचौलिये के बीच का है। यह 3 मिनट 13 सेकंड का है।
विज्ञापन

हालांकि, यह बातचीत कब और कहां हुई है, इसके विषय में जानकारी उजागर नहीं हुई है। इस कथित ऑडियो में प्लांट चालू कराने के लिए सांसद के छह गनर पहुंचने से लेकर किसी मनीष चौधरी नाम के व्यक्ति के मर्डर तक की साजिश के लिए लाख, दो लाख रुपये खर्च करने की बात है। अरुण, बिचौलिये से अपने व अपने बेटे के लिए दो प्राइवेट गनर की मांग करता है।
विज्ञापन

बातचीत के लहजे से साफ है कि जिस मनीष चौधरी के मर्डर की बात होती है, उसका पहले से ही अरुण और उनकी पत्नी के साथ कोई विवाद है। साथ में यह भी लग रहा है कि अरुण अग्रवाल को फोन करने वाला सांसद का बेहद करीबी है। इस कथित ऑडियो के सामने आने के बाद प्रशासन व राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। इधर, प्लांट संचालक अरुण अग्रवाल ने अपना फोन बंद कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अरुण अग्रवाल के इस कथित ऑडियो में ये हुई बातचीत
फोन करने वाला : अरुण
अरुण : हेलो
फोन करने वाला : अच्छा यह बता, सांसद जी का फोन आया था अभी। मैंने कहा, सांसद जी वह पंप चलने का नहीं, क्योंकि पुलिस प्रोटेक्शन हमें मिल नहीं रहा है, तो इसलिए प्लांट नहीं चला सकते। प्लांट में कमी कोई भी नहीं है।
अरुण : ठीक
फोन करने वाला : तो वह बोले मैं अपने छह गनर भेज रहा हूं गाड़ी में एके-47 लेकर। जैसे तुम्हें यूज करना है, वैसे यूज कर लो, प्लांट चालू कर लो।
अरुण : ठीक है, यही बात मुझसे अनिल पाराशर जी ने बोली है, लेकिन वह सुबह की बोल रहे हैं।
फोन करने वाला : यह अभी भेज रहे हैं तुरंत गाड़ी।
अरुण : भेज भाई भेज, तुरंत भेज।
फोन करने वाला : तुरंत भेज रहा हूं मैं उन्हें, मैं पहुंच रहा हूं वहां पर और तू भी पहुंच।
अरुण : मैं नहीं पहुंच पाऊंगा भाई, मैं निकल आया अलीगढ़ से बाहर।
फोन करने वाला : क्यों, क्या हो गया, सब ठीक तो है।
अरुण : हां-हां सब ठीक है।
फोन करने वाला : तो वहां पर फिर मैं पहुंच जाऊं।
अरुण : तू पहुंच जा भाई, यह तो बहुत ही अच्छी वाली बात है।
फोन करने वाला : मैं पहुंच जाऊंगा एक घंटे बाद, मैं सांसद जी गनरों को लेकर एक घंटे में पहुंच जाऊंगा।
अरुण : और सुन, मुझे तुझसे एक बात करनी है।
फोन करने वाला : बता
अरुण : मुझे दो गनर प्राइवेट चाहिए। जो पैसे लेंगे, उतने में चाहिए। एक अपने व एक बेटे के लिए। जो भी होगा मैं दूंगा।
फोन करने वाला : दिलवा दूंगा मैं सुबह, बता दिओ, दिलवा दूंगा। अब मैं बहरहाल, सांसद जी के गनर भेज रहा हूं। मुझे बता वो किससे मिले जाकर, मुझे यह बता।
अरुण : तू साथ ले जा न अपने। तू पहुंच मैं फोन कर रहा हूं वहां पर।
फोन करने वाला : मैं बोल रहा हूं, छह गनर पहुंच रहे हैं तू तब तक प्लांट चालू करा दे।
अरुण : न, न, न पहले गनर पहुंचने दे।
फोन करने वाला : हां मैं बोल रहा हूं, वह पहुंच रहे हैं। उन्हें पहले अंदर करा लेना, अपना प्लांट चालू करा लेना, फिर वह बाहर सिक्योरिटी में रहेंगे।
अरुण : जैसे ही वह वहां पर पहुंचेंगे, फोन तेरे पास ही आएगा।
फोन करने वालाऱ्: भाभी नहीं है, भाभी को भेज दे। वह प्लांट के अंदर बैठ जाएंगी, छह गनर बाहर रहेंगे।
अरुण : गाली.... भाभी को फोन और नहीं करेगा तू।
फोन करने वाला : मैं, क्यों करने लगा।
अरुण : मैं इसलिए कह रहा हूं, भाभी न जाएगी। मैं, क्या कह रहा हूं दो मुझे कल गनर चाहिए।
फोन करने वाला : मिल जाएंगे, गनर दो नहीं तीन मिल जाएंगे। और कोई बात है तो और कोई बात बता।
अरुण : और कोई दिक्कत होती तो मैंने अपने ड्राइवर को तेरा नंबर दे दिया है पहले ही।
फोन करने वाला : अच्छा।
अरुण : और बात मैं तुझे मिलकर बताऊंगा। एक की गाली... उसको जेल करनी है। मैं कह रहा हूं या तो उसका मर्डर हो जाए। पैसे मैं दूंगा लाख दो लाख रुपये।
फोन करने वाला : अभी तो वो खुद जेल होकर आया है। फिर दोबारा जेल भेजेगा उसे।
अरुण : जेल होकर आया है वो... गाली... जेल करानी है उसे कैसे भी करके, डीएम को बोलो, कैसे भी करो वो हेडक तेरा है।
फोन करने वाला : मनीष चौधरी की तो बात कर रहा है तू।
अरुण : हां, मनीष चौधरी की ही बात कर रहा हूं।
फोन करने वाला : अच्छा तो मैटर सुलझा नहीं तेरा अभी तक।
अरुण : हां, अभी सुलझा नहीं।
फोन करने वाला : तो तभी चिड़चिड़ कर रही होगी लुगाई तेरी।
अरुण : मैं, बताऊंगा, वही वाली बात है।
फोन करने वाला : चल ठीक है। अब ऐसा न हो कि प्लांट चालू हो और बीवी पहुंच जाए तेरी वहां।
अरुण : बीवी पहुंचे न पहुंचे। गनर... मेरी बात करा दिओ... गाली...।
फोन करने वाला : ठीक है।
... तो ऑक्सीजन प्लांट का वॉल्व नहीं हुआ था खराब
28 अप्रैल को राधा गैस प्लांट का वॉल्व खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्लांट 24 घंटे से अधिक समय के लिए बंद रहा। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी हुई। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि प्लांट खराब नहीं हुआ था। सिर्फ सुरक्षा न मिलने के चलते इसे बंद किया गया था।
सांसद व सिटी मजिस्ट्रेट से साथ भी हुई वार्ता का भी ऑडियो वायरल
अरुण अग्रवाल व एक बिचौलिये का ऑडियो वायरल होने के बाद सांसद और सिटी मजिस्ट्रेट का भी ऑडियो वायरल हो गया है। दोनों ऑडियो में लगभग एक ही बात है। एक बिचौलिया कहता है कि वह प्लांट पर उनके कहने पर व्यवस्था संभालने के लिए आया था। वह कहता है कि उसके ऊपर आरोप लग रहे हैं।

इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कहते हैं कि किसी भी हाल में प्लांट को नहीं छोड़ना है। वहां पर व्यवस्था संभालनी है। इसके अलावा, सांसद के साथ वायरल हुए ऑडियो में व्यक्ति कहता है कि वह उनके कहने पर वहां पर पहुंचा था। अब वह प्लांट से बाहर निकलना चाहता है। इस पर सांसद कहते हैं कि वह जेल भेज देंगे। जिले की जनता को गैस के लिए परेशान नहीं होने देंगे। इसके अलावा अन्य वार्ता भी ऑडियो में होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed