डॉक्टरों की कमी जिला अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल में बड़ी समस्या का कारण बन रही है। शनिवार को ओपीडी में सुबह से ठीकठाक भीड़ रही। मगर कुछ डॉक्टरों के छुट्टी पर होने के कारण हायतौबा के हालात रहे, हालांकि जैसे तैसे अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को इधर उधर शिफ्ट कर उपचार दिलाया। मगर तमाम मरीज बिना इलाज के लिए लौटते देखे गए।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास के दावे किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब जिला स्तर पर सीएमओ को जिला स्तरीय अस्पतालों में विषय विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का अधिकार दे दिया गया है। मगर डॉक्टरों की कमी के कारण यहां डॉक्टर नहीं मिल पा रहे। जो हैं, उन्हीं के सहारे काम चलाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत पर जब डॉक्टर अवकाश पर जाते हैं तो परेशानी बढ़ जाती है।
शनिवार को भी कुछ डॉक्टर अवकाश पर थे। दिन में यहां 1250 की ओपीडी रही। मरीजों की हायतौबा मची रही। हालांकि ओपीडी की कुल संख्या में सर्वाधिक मरीज फिजीशियन को दिखाने आते हैं। जिनमें अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, कोल्ड डायरिया के थे। फिजीशियन तो मौजूद थे। इसलिए ज्यादा समस्या नहीं हुई। फिर भी जैसे तैसे काम चलाया गया। सीएमएस डा.ईश्वर देवी बत्रा के अनुसार मरीजों को उपचार देकर ही भेजा जा रहा है।