{"_id":"6719e894baaae654c80297f1","slug":"notice-to-amu-vc-naima-in-appointment-process-dispute-2024-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"AMU: नियुक्ति प्रक्रिया विवाद में एएमयू वीसी नईमा को नोटिस, हाईकोर्ट ने चार हफ्ते में किया तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
AMU: नियुक्ति प्रक्रिया विवाद में एएमयू वीसी नईमा को नोटिस, हाईकोर्ट ने चार हफ्ते में किया तलब
Thu, 24 Oct 2024 11:56 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:56 AM IST
सार
कुलपति पैनल में प्रो. एमयू रब्बानी, प्रो.फैजान मुस्तफा और प्रो. नईमा खातून का नाम शामिल था। आरोप था कि चयन प्रक्रिया में प्रो. नईमा खातून के नाम को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं।
विज्ञापन
नईमा खातून अलीगढ मुस्लिम विवि की कुलपति
- फोटो : instagram/amu.sports
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति की चयन प्रक्रिया का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। विवादों के बीच कुलपति नईमा खातून की नियुक्ति के खिलाफ दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुलपति समेत अन्य विपक्षियों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की अदालत ने प्रो.एमयू रब्बानी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कुलपति की चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप लगातार लग रहा है। इससे पहले भी कई याचिकाएं दाखिल हुई हैं। इनमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सैयद अफजल मुर्तजा रिजवी और एएमयू के प्रो. मुजाहिद बेग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन
कुलपति पैनल में प्रो. एमयू रब्बानी, प्रो.फैजान मुस्तफा और प्रो. नईमा खातून का नाम शामिल था। आरोप था कि चयन प्रक्रिया में प्रो. नईमा खातून के नाम को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं। उनकी नियुक्ति से पहले उनके पति प्रो. गुलरेज कार्यवाहक कुलपति थे। कुलपति ने पैनल उनके वोट को लेकर भी आपत्तियां थीं। लेकिन, इन सभी विवादों के बीच प्रो. नईमा खातून एएमयू की पहली महिला कुलपति बन गईं। हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर उपजा विवाद फिर हाइकोर्ट में है।
विज्ञापन